Friday, January 9, 2026

ED की रेड और ममता की एंट्री!, आखिर क्या है ग्रीन फाइलों में, जानिए I-PAC से पूरा कनेक्शन

ED की रेड और ममता की एंट्री: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई ने सियासी माहौल पूरी तरह गरमा दिया है।

ममता बनर्जी से जुड़े राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (I-PAC) के ठिकानों पर छापेमारी के बाद मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार और केंद्रीय एजेंसियों पर तीखा हमला बोला है।

ममता का आरोप है कि ईडी उनकी पार्टी की चुनावी रणनीति और आंतरिक दस्तावेज़ों को ‘चुराने’ के लिए कार्रवाई कर रही है।

शरारती होम मिनिस्टर- ममता

ईडी ने सेंट्रल कोलकाता में I-PAC के सीनियर अधिकारी प्रतीक जैन के आवास और सॉल्ट लेक सेक्टर-5 स्थित गोदरेज वाटरसाइड बिल्डिंग में फर्म के कार्यालय पर छापेमारी की।

प्रतीक जैन को ममता बनर्जी की चुनावी रणनीति टीम का अहम सदस्य माना जाता है। कार्रवाई की खबर फैलते ही टीएमसी के नेता और कार्यकर्ता कार्यालय के बाहर इकट्ठा हो गए।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सीधे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को निशाने पर लिया और उन्हें ‘शरारती होम मिनिस्टर’ तक कह डाला।

उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई अमित शाह के इशारे पर करवाई गई, जो देश को सुरक्षित रखने में विफल हैं।

ममता ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियां टीएमसी के उम्मीदवारों की सूची, पार्टी की रणनीति और अन्य संवेदनशील दस्तावेज़ इकट्ठा करना चाहती हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह ईडी या गृह मंत्री का काम है कि राजनीतिक दस्तावेज़ जब्त किए जाएँ।

ममता ने लगाया ईडी पर आरोप

वहीं फाइलों को ममता के काफिले की गाड़ी में सुरक्षित करने का मामला भी सामने आया है।

इससे सवाल उठ रहे हैं कि इन दस्तावेज़ों में ऐसी कौन-सी जानकारी थी जिसे इतनी जल्दी सुरक्षित किया गया।

टीएमसी या ईडी की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

मीडिया से बातचीत में ममता ने कहा कि ईडी का यह छापा उनकी पार्टी की अंदरूनी राजनीतिक रणनीति तक पहुंचने के लिए मारा गया।

उन्होंने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया कि आईटी सेक्टर से जुड़े कार्यालय में आकर पार्टी की उम्मीदवार सूची, योजना और अन्य अहम दस्तावेज़ उठाने की कोशिश की गई।

बढ़ते तनाव को देखते हुए बिधाननगर पुलिस कमिश्नर भी मौके पर पहुंचे।

I-PAC टीएमसी की चुनावी रणनीति कर रहा तैयार

I-PAC और ममता बनर्जी का संबंध पुराना है। I-PAC पश्चिम बंगाल में लंबे समय से ममता की चुनावी रणनीति तैयार कर रहा है।

2021 के विधानसभा चुनाव में इस फर्म की रणनीति ने टीएमसी को भाजपा के खिलाफ बड़ी जीत दिलाई थी।

इसके बाद टीएमसी ने I-PAC के साथ करार 2026 तक बढ़ाया और 2024 के लोकसभा चुनाव में भी फर्म ने राज्य में पार्टी को रणनीतिक सहयोग दिया।

I-PAC की शुरुआत 2013 में सिटीज़न्स फॉर अकाउंटेबल गवर्नेंस के रूप में हुई थी। यह संगठन राजनीतिक दलों और नेताओं को चुनावी रणनीति तैयार करने और एजेंडा निर्धारित करने में मदद करता है।

2014 में ‘चाय पर चर्चा’, ‘मोदी आने वाले हैं’ और ‘घर-घर मोदी’ जैसे अभियान इसी फर्म से जुड़े रहे।

इसके अलावा बिहार, पंजाब, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में I-PAC ने विभिन्न दलों के लिए रणनीतियां तैयार की हैं।

कोलकाता में ईडी की यह कार्रवाई न केवल राजनीतिक चर्चा का विषय बनी हुई है, बल्कि इससे राज्य में आगामी चुनावी हलचलों और राजनीतिक समीकरणों पर भी असर पड़ने की उम्मीद है।

राजनीतिक दलों और विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामला पश्चिम बंगाल की सियासत में नए विवाद और रणनीतिक मोड़ ला सकता है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now
Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
- Advertisement -
- Advertisement -

Latest article