Wednesday, April 2, 2025

World Photography Day: कुछ इस तरह खींची गयी थी दुनिया की पहली तस्वीर, जाने तस्वीरों का इतिहास

World Photography Day: दुनिया में फोटोग्राफी लगभग 200 साल पहले शुरू हुई थी, लेकि क्या आपको पता है दुनिया की पहली तस्वीर किस तरह सी ली गयी थी? आइये आज वर्ल्ड फोटोग्राफी डे के दिन आपको दुनिया की खींची गयी पहली तस्वीर के बारे में बताते हैं।

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कहते हैं तस्वीर यादों का वो पिटारा है जिसे खोलते ही आपकी सारी पुरानी यादें आप एक बार फिर जीने लगते हैं। एक तस्वीर लाखों शब्द आसानी से कह देती है लेकिन तस्वीरों को ये दर्जा यूं ही नहीं मिला। दुनिया की पहली तस्वीर 1826 में ली गयी थी। आपको ये बात शायद थोड़ी अजीब लगे लेकिन दुनिया की पहली तस्वीर खिड़की से खींची गयी थी। इसे फ्रेंच वैज्ञानिक जोसेफ नाइसफोर ने लिया था। तस्वीर को वास्तविक बनाने का क्रेडिट जोसेफ नाइसफोर और लुइस डॉगेर को ही जाता है। इन दोनों ने डॉगोरोटाइप प्रक्रिया का आविष्कार किया, जो फोटोग्राफीका पहला स्टेज है। इस अविष्कार की घोषणा 19 अगस्त, 1839 को फ्रांसीसी सरकार द्वारा की गयी थी।बस इसी दिन की याद में हर साल आज यानि 17 अगस्त को वर्ल्ड फोटोग्राफी डे मनाया जाता है।

कुछ ऐसे खींची गयी थी दुनिया की पहली तस्वीर

1021 में वैज्ञानिक अल-हायतम ने कैमरा ऑब्सक्यूरा का इन्वेंशन किया। ये फोटोग्राफिक कैमरे का सबसे मॉडल है। 1827, में पहली बार फोटोग्राफिक प्लेट और कैमरा ऑब्सक्यूरा के इस्तेमाल से जोसेफ नाइसफोर ने पहली तस्वीर खींची थी। इसे खिड़की से किया गया था, ये पूरी तरह से साफ़ नहीं थी।

1838 में लुईस डॉगेर ने डॉगोरोटाइप प्रक्रिया से तस्वीर को खींची जो की पूरी तरह से साफ़ दिखाई दे रही थी। इस उपलब्धि को फ्रांस की सरकार ने 1839 में आम लोगो के साथ बांटा था। वही बाए करें अगर दुनिया की पहली सेल्फी को तो वो अक्टूबर 1839 में ली गई थी। आज भी वो सेल्फी युनाइटेड स्टेट लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस प्रिंट में मौजूद है। 1913 में कैमरों का आकार काफी छोटा हो चूका था। इसके बाद 35 एमएम स्टिल कैमरे डेवेलोप किये गए हैं।

90’s में फोटोग्राफी की पूरी दुनिया ही बदल गयी 

90’s में फोटोग्राफी की दुनिया पूरीतरह से बदल गयी। इस दौर में रील वाले कैमरे आये। इन कैमरों से फोटो लेने पर तस्वीर स्पष्ट आने की गारंटी नहीं होती थी, लेकिन उस समय तेजी से पॉपुलर हुए डिजिटल कैमरे फोटोग्राफी की दुनिया की पूरी तस्वीर ही बदल दी। इनमें रील की जगह मेमोरी कार्ड का इस्तेमाल होने लगा था। कैमरे में कैद हुई इन तस्वीरों को देखा जा सकता था और क्रिएटिविटी भी की जा सकती थी। धीरे-धीरे मोबाइल के कैमरे भी बदलाव के दौर से गुजरे और मोबाइल फोटोग्राफी का ट्रेंड शुरू हो गया।

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