कैरीमिनाटी बायोग्राफी: आज इंटरनेट पर “रोस्ट”, “रिएक्शन” और “गेमिंग स्ट्रीम” जैसे कंटेंट बहुत आम हो चुके हैं। हर दिन हजारों क्रिएटर्स ऐसे वीडियो बनाते हैं और लाखों लोग उन्हें देखते हैं,
लेकिन एक समय ऐसा भी था जब भारत में इस तरह का कंटेंट लगभग नया था और बहुत कम लोग इसे गंभीरता से लेते थे।
उसी दौर में हरियाणा के फरीदाबाद शहर में एक किशोर अपने कमरे में बैठकर कैमरे के सामने वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था।
उसके पास कोई बड़ी टीम नहीं थी, न ही महंगे कैमरे या स्टूडियो।
बस एक साधारण कंप्यूटर, इंटरनेट कनेक्शन और लोगों को हँसाने का अलग अंदाज था।धीरे-धीरे उसके वीडियो लोगों तक पहुँचने लगे।
उसकी तेज आवाज, मजेदार कमेंट्री और बेबाक अंदाज ने दर्शकों का ध्यान खींचना शुरू कर दिया।
लोग उसके वीडियो का इंतज़ार करने लगे, और इंटरनेट पर उसका नाम तेजी से फैलने लगा। आज वही लड़का भारत के सबसे बड़े यूट्यूब क्रिएटर्स में गिना जाता है।
अगर अब तक आपने पहचान लिया है, तो हाँ हम उसी लड़के की बात कर रहे हैं जिसे पूरी दुनिया कैरीमिनाटी के नाम से जानती है।
पर्सनल प्रोफाइल
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| पूरा नाम | अजय नागर |
| प्रसिद्ध नाम | CarryMinati |
| जन्म तिथि | 12 जून 1999 |
| जन्मस्थान | Faridabad |
| पिता | विवेक नागर (वकील) |
| माता | अनु नागर |
| भाई | यश नागर (म्यूजिक प्रोड्यूसर – Wily Frenzy) |
| कद | लगभग 5’5’’ (165 सेमी) |
| प्रमुख चैनल | CarryMinati और CarryIsLive |
| कुल सब्सक्राइबर | 45 मिलियन+ (2025–26 तक) |
| लोकप्रिय गाने | यलगार, वरदान, वारियर, ज़िन्दगी |
| प्रमुख सम्मान | टाइम की नेक्स्ट जेनरेशन लीडर्स, फोर्ब्स 30 अंडर 30 एशिया |
प्रारंभिक जीवन: एक लड़का, एक स्क्रीन और एक सपना
12 जून 1999 को जन्मे अजय नागर हरियाणा के फरीदाबाद में एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार में बड़े हुए।
बचपन में वे काफी शांत स्वभाव के थे और उन्हें स्कूल की पढ़ाई से ज़्यादा कंप्यूटर और स्क्रीन के साथ समय बिताना पसंद था।
लगभग 10 साल की उम्र में उन्होंने YouTube को खोजा और धीरे-धीरे उसमें उनकी दिलचस्पी बढ़ने लगी।
जहाँ उस उम्र के ज़्यादातर बच्चे सिर्फ कार्टून देखते थे, वहीं अजय यह समझने की कोशिश करते थे कि वीडियो कैसे बनते हैं।
कौन-सा कंटेंट लोगों को पसंद आता है और कुछ वीडियो अचानक बहुत वायरल क्यों हो जाते हैं जबकि कुछ बिल्कुल नहीं चलते।
इसी जिज्ञासा के साथ उन्होंने लगभग 2010 में अपना पहला यूट्यूब चैनल STeaLThFeArzZ शुरू किया,
जहाँ वे फुटबॉल ट्यूटोरियल और विंडोज 7 से जुड़ी जानकारी वाले वीडियो अपलोड करते थे।
उस समय उनके वीडियो पर मुश्किल से 150–200 व्यूज़ आते थे, लेकिन उस दौर में उनका मकसद प्रसिद्ध होना नहीं था बल्कि सीखना था कि यूट्यूब की दुनिया कैसे काम करती है।
उनकी कहानी इस बात को साफ दिखाती है कि उन्हें सफलता रातों-रात नहीं मिली। उन्होंने कई सालों तक अलग-अलग तरह के प्रयोग किए, कई बार असफल भी हुए,
अपनी रणनीति बदली, लेकिन कभी हार नहीं मानी। यही लगातार कोशिश और धैर्य आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी।
गेमिंग से रोस्टिंग तक का सफर
2014 के आसपास अजय नागर ने AddictedA1 नाम से एक गेमिंग यूट्यूब चैनल शुरू किया।
इस चैनल पर वे गेम खेलते हुए अपनी मजेदार प्रतिक्रियाएं देते थे और गेमप्ले के क्लिप्स अपलोड करते थे।
लगभग एक साल बाद उन्होंने चैनल का नाम बदलकर Carry Deol रख दिया।
इस दौरान वे काउंटर स्ट्राइक: ग्लोबल ओफ्फेंसीवे खेलते समय बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल की आवाज और स्टाइल की नकल करते थे।
उनका यह अंदाज थोड़ा अजीब, बहुत मजेदार और बिल्कुल अलग था, इसलिए लोगों को यह जल्दी पसंद आने लगा और धीरे-धीरे उन्हें अपना पहला असली दर्शक वर्ग मिलने लगा।
असल में अजय की सबसे बड़ी ताकत सिर्फ गेम खेलने की स्किल नहीं थी, बल्कि उनकी आवाज, कॉमिक टाइमिंग और साधारण सी स्थिति को भी मजेदार बना देने की कला थी।
जैसे-जैसे उनका चैनल आगे बढ़ा और कैरीमिनाती के नाम से जाना जाने लगा, उन्होंने रोस्टिंग वीडियो बनाना शुरू किया।
इन वीडियो में वे इंटरनेट ट्रेंड, सोशल मीडिया कंटेंट और दूसरे क्रिएटर्स पर व्यंग्यात्मक और मजेदार टिप्पणियाँ करते थे।
यही स्टाइल आगे चलकर उनकी पहचान बन गई। उनका अंदाज कभी-कभी तेज और आक्रामक जरूर होता था,
लेकिन उसमें आत्म-जागरूकता और हास्य भी होता था, इसलिए दर्शकों को उनके वीडियो हमेशा दिलचस्प लगते थे।
भारत के सबसे बड़े यूट्यूबर बने
धीरे-धीरे अजय नागर के चैनल की लोकप्रियता तेजी से बढ़ने लगी। उनके वीडियो लाखों लोगों तक पहुँचने लगे और उनका नाम इंटरनेट पर तेजी से फैलने लगा।
मई 2017 में उनके चैनल ने 10 लाख सब्सक्राइबर का आंकड़ा पार कर लिया। इसके बाद उनकी ग्रोथ और भी तेज हो गई।
फरवरी 2020 तक उन्होंने 10 मिलियन सब्सक्राइबर पूरे कर लिए और उन्हें यूट्यूब का डायमंड प्ले बटन मिला।
इसके बाद उन्होंने लगातार नए रिकॉर्ड बनाए मई 2021 में 30 मिलियन सब्सक्राइबर और अगस्त 2023 में 40 मिलियन सब्सक्राइबर तक पहुँचने वाले वे पहले भारतीय कंटेंट क्रिएटर बन गए।
2025 की शुरुआत तक उनके सब्सक्राइबर 45 मिलियन से भी ज्यादा हो गए, जिससे वे एशिया के सबसे ज्यादा सब्सक्राइबर वाले यूट्यूबरों में शामिल हो गए।
उनकी सफलता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली। 2019 में प्रसिद्ध पत्रिका Time ने उन्हें दुनिया के “नेक्स्ट जनरेशन लीडर्स ” में शामिल किया।
इसके अगले साल 2020 में फोर्बेस ने उन्हें अपनी फोर्बेस 30 अंडर 30 एशिया सूची में जगह दी।
उस समय उनकी उम्र सिर्फ 20 साल थी और उन्होंने यह सब कुछ इंटरनेट की दुनिया में, अपने दम पर और अपनी शर्तों पर हासिल किया था।
प्रसिद्धि के बाद सामने आए विवाद
जैसे-जैसे कैरीमिनाटी की लोकप्रियता बढ़ती गई, वैसे-वैसे उनके आसपास कुछ विवाद भी सामने आने लगे।
- यूट्यूब vs टिकटोक विवाद (2020): 2020 में कैरीमिनाटी ने टिकटॉकर आमिर सिद्दीकी पर एक रोस्ट वीडियो बनाया था।
- यह वीडियो बहुत तेजी से वायरल हो गया और कुछ ही समय में दुनिया के सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले नॉन-म्यूजिक वीडियो में शामिल हो गया।
- लेकिन बाद में यूट्यूब ने इसे अपनी हरस्मेंट पोलिसी का उल्लंघन बताते हुए हटा दिया। वीडियो हटने के बावजूद कैरी को उनके फैंस का जबरदस्त समर्थन मिला।
समलैंगिकता से जुड़े आरोप (2020): उसी वीडियो में “मीठा” और “छक्का” जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर LGBTQ+ समुदाय के कई लोगों ने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि यह भाषा अपमानजनक है। कैरी ने सफाई दी कि उनके शब्दों को गलत तरीके से समझा गया है, लेकिन इस मुद्दे पर कॉमेडी और जिम्मेदारी को लेकर काफी समय तक बहस चलती रही।
- आपराधिक शिकायत (2021): 2021 में दिल्ली के एक वकील ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। आरोप था कि उनके कुछ रोस्ट वीडियो में यौन संबंधी टिप्पणियां हैं और महिलाओं को गलत तरीके से दिखाया गया है। इस मामले ने भारत में कंटेंट क्रिएटर्स पर बढ़ती कानूनी निगरानी को भी सामने लाया।
रजत दलाल रोस्ट विवाद (2024): 2024 में फिटनेस इन्फ्लुएंसर रजत दलाल पर बनाए गए एक रोस्ट वीडियो के बाद काफी विरोध हुआ। इसके बाद कैरीमिनाटी को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी और वीडियो को एडिट करके उसमें से रजत दलाल से जुड़े सभी हिस्से हटाने पड़े।
करण जौहर मानहानि केस (2026): 2026 में फिल्म निर्माता करण जोहर ने कैरीमिनाटी के खिलाफ “कॉफी विद जलन” नाम की एक पैरोडी वीडियो को लेकर मुकदमा दर्ज कराया। मुंबई की एक सिविल अदालत ने फरवरी 2026 में अंतरिम आदेश जारी करते हुए उन्हें कथित मानहानिकारक कंटेंट फैलाने से रोकने को कहा और यूट्यूब तथा मेटा प्लेटफॉर्म्स को भी आपत्तिजनक क्लिप हटाने के निर्देश दिए।
सलमान खान संदर्भ विवाद (2026): इसी पैरोडी वीडियो में अभिनेता सलमान खान के 2002 के हिट-एंड-रन केस का मजाकिया संदर्भ भी शामिल था। इस लाइन को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई कि क्या असली जीवन की दुखद घटनाओं को इंटरनेट पर मजाक का विषय बनाना सही है या नहीं।
हालाँकि इन विवादों के बीच भी कैरीमिनाटी ने हार नहीं मानी। 2020 में हटाए गए टिकटॉक वीडियो के बाद उन्होंने “यलगार ” नाम का एक रैप ट्रैक रिलीज किया, जिसने व्यूअरशिप के कई रिकॉर्ड तोड़ दिए।
बाद में यह गाना 2021 की बॉलीवुड फिल्म “द बिग बुल” का टाइटल ट्रैक भी बना। यह दिखाता है कि आलोचनाओं और विवादों के बाद भी कैरीमिनाटी और भी मजबूत तरीके से वापस लौटे।
डिजिटल स्टार से मल्टी-टैलेंट क्रिएटर बनने तक
समय के साथ अजय नागर ने यह साबित कर दिया कि वे सिर्फ रोस्ट वीडियो बनाने तक सीमित नहीं हैं।
उन्होंने धीरे-धीरे अपने कंटेंट को अलग-अलग क्षेत्रों में फैलाया और खुद को एक बहुमुखी डिजिटल क्रिएटर के रूप में स्थापित किया।
उनके संगीत करियर में उनके भाई यश नगर (विली फ्रेन्ज़ी) का बड़ा योगदान रहा है।
उनके साथ मिलकर उन्होंने यलगार, वरदान, वॉरियर, जलवा और वायरल डिस ट्रैक बाय प्यूडीपाई जैसे कई लोकप्रिय गाने बनाए, जिन्हें यूट्यूब पर करोड़ों व्यूज़ मिले।
अजय का दूसरा यूट्यूब चैनल कैरीइजलाइव भी काफी लोकप्रिय है, जिस पर 12 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं। इस चैनल पर वे गेमिंग लाइव स्ट्रीम करते हैं।
खास बात यह है कि उन्होंने कई बार इन लाइव स्ट्रीम्स का इस्तेमाल सामाजिक कामों के लिए भी किया है।
उदाहरण के लिए, ओडिशा ट्रेन दुर्घटना के पीड़ितों के लिए उन्होंने 13 लाख रुपये से ज्यादा की मदद जुटाई।
इसके अलावा केरल बाढ़, कोविड-19 राहत और ऑस्ट्रेलिया के बुशफायर के दौरान भी उन्होंने फंडरेज़िंग की।
बिजनेस की दुनिया में भी अजय ने कदम रखा है। 2023 में उन्होंने बिग बैंग एस्पोर्ट्स में लगभग 10% हिस्सेदारी खरीदी।
वे गेमिंग प्लेटफॉर्म विंजो के ब्रांड एंबेसडर भी बने और बोट , नथिंग और वस्त्रदो जैसे ब्रांड्स के साथ काम किया।
उनकी लोकप्रियता, लगातार मेहनत और कम उम्र में लिए गए समझदारी भरे फैसलों की वजह से 2025 तक उनकी अनुमानित नेट वर्थ करीब 131 करोड़ रुपये मानी जाती है।
इसके अलावा उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रनवे 34 में कैमियो किया, गेमिंग रियलिटी शो प्लेग्राउंड के दो सीज़न में मेंटर के रूप में नजर आए।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर यूट्यूबर मरबीस्ट और केएसआई के साथ भी सहयोग किया।
यह सब दिखाता है कि कैरीमिनाटी ने अपने करियर को सिर्फ यूट्यूब वीडियो तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे एक बड़े डिजिटल ब्रांड में बदल दिया।
कैरीमिनाटी के बारे में कुछ दिलचस्प बातें-
स्कूल छोड़ने की वजह
उन्होंने 2016 में 12वीं की परीक्षा छोड़ दी थी, लेकिन बाद में उन्होंने दूरस्थ शिक्षा से पढ़ाई पूरी की।
काली हुडी का शौक
अजय अक्सर बाहर जाते समय काली हुडी पहनते हैं ताकि लोग उन्हें पहचान न सकें।
ईमानदारी का उदाहरण
एक बार एक फैन ने गलती से ₹400 की जगह ₹8000 दान कर दिए। अजय ने तुरंत पैसे वापस कर दिए।
टॉम क्रूज़ से मुलाकात
2018 में वे पेरिस में Tom Cruise और Henry Cavill का इंटरव्यू लेने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय यूट्यूबर बने।
फिटनेस ट्रांसफॉर्मेशन
किशोर उम्र में उनका वजन ज्यादा था, लेकिन बाद में उन्होंने सख्त डाइट और वर्कआउट से खुद को फिट बनाया।
“ताऊ” कैरेक्टर की प्रेरणा
उनका प्रसिद्ध “ताऊ” कैरेक्टर एक असली बुजुर्ग व्यक्ति से प्रेरित है जिसे उन्होंने एक गांव में देखा था।
कैरीमिनाटी की यात्रा आज भी क्यों मायने रखती है?
आज इंटरनेट पर लाखों लोग कंटेंट क्रिएटर बनने का सपना देखते हैं और वायरल होने की उम्मीद में वीडियो बनाते हैं, लेकिन उनमें से बहुत कम लोग ही लंबे समय तक टिक पाते हैं।
अक्सर ऐसा इसलिए नहीं होता कि उनमें प्रतिभा की कमी होती है, बल्कि इसलिए कि वे उतना धैर्य और लगातार मेहनत नहीं कर पाते जितनी इस सफर में जरूरत होती है।
अजय नागर की कहानी इसलिए अलग और प्रेरणादायक मानी जाती है क्योंकि उन्होंने लगभग एक दशक तक लगातार मेहनत की। उन्होंने तब भी वीडियो बनाए जब उन्हें बहुत कम लोग देख रहे थे,
तब भी नए आइडिया आज़माए जब दूसरों की नकल करना आसान था, और तब भी आगे बढ़ते रहे जब प्लेटफॉर्म ने उनका सबसे वायरल वीडियो हटा दिया।
यही निरंतरता, मौलिकता और मुश्किल समय में भी हिम्मत न हारने की सोच उनकी सफलता की असली वजह बनी।
यही कारण है कि कैरीमिनाटी की यात्रा आज भी लाखों युवाओं और नए क्रिएटर्स के लिए प्रेरणा बनी हुई है।
इस बायोग्राफी की लेखिका नमिता देवड़ा हैं
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