Thursday, January 8, 2026

आस्था की नगरी से आरोग्य की राजधानी तक: अयोध्या में एडवांस कैंसर हॉस्पिटल की घोषणा

आस्था की नगरी से आरोग्य की राजधानी तक: अयोध्या, एक ऐसा नाम जो सदियों से श्रद्धा, भक्ति और संस्कृति का प्रतीक रहा है। अब यही रामनगरी स्वास्थ्य सेवा के मजबूत केंद्र के रूप में एक नई पहचान की ओर बढ़ रही है।

वर्षों से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को इलाज के लिए दिल्ली, मुंबई और लखनऊ जैसे महानगरों की ओर रुख करना पड़ता था, लेकिन अब यह मजबूरी इतिहास बनने जा रही है।

अयोध्या में एक अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल के निर्माण की तैयारी शुरू हो चुकी है, जो न सिर्फ शहर बल्कि पूरे अवध क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगा।

रामनगरी अयोध्या में स्वास्थ्य क्रांति की शुरुआत

प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल होने जा रही है। राम मंदिर ट्रस्ट, नमो फाउंडेशन और टाटा ग्रुप के सहयोग से अयोध्या में एक विश्वस्तरीय कैंसर अस्पताल का निर्माण किया जाएगा।

यह परियोजना न केवल चिकित्सा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाएगी, बल्कि सामाजिक सेवा का भी एक मजबूत उदाहरण बनेगी। इस अस्पताल का निर्माण अंबेडकर नगर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रस्तावित है।

इस योजना के अनुसार इसे अगले 24 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। तैयार होने के बाद यह अस्पताल आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ डॉक्टरों और समर्पित सेवा भाव के साथ मरीजों को राहत देगा।

राज परिवार की ऐतिहासिक पहल: 8 एकड़ भूमि निःशुल्क दान

आस्था की नगरी से आरोग्य की राजधानी तक: इस महत्वाकांक्षी परियोजना की सबसे खास बात यह है कि अयोध्या के राज परिवार ने अस्पताल निर्माण के लिए लगभग 8 एकड़ भूमि निःशुल्क प्रदान की है।

यह कदम न केवल उदारता का प्रतीक है, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी और सेवा भावना का भी उदाहरण है।

इस भूमि दान से यह स्पष्ट हो जाता है कि अयोध्या का विकास केवल धार्मिक या पर्यटन तक सीमित नहीं, बल्कि जनकल्याण के हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।

कहां बनेगा कैंसर अस्पताल?

हाल ही में राम मंदिर परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता राम मंदिर ट्रस्ट और स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव ने की।

इस बैठक में अस्पताल निर्माण को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। भूमि का चिन्हांकन कर लिया गया है और यह तय हो चुका है कि अस्पताल अंबेडकर नगर हाईवे पर बनाया जाएगा।

निर्माण पूरा होने के बाद अयोध्या और आसपास के जिलों के मरीजों को इलाज के लिए दिल्ली या लखनऊ के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्हें अपने ही क्षेत्र में उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी।

अवध क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगा अस्पताल

आस्था की नगरी से आरोग्य की राजधानी तक: कमिश्नर राजेश कुमार ने बताया कि नमो फाउंडेशन द्वारा इस कैंसर अस्पताल का निर्माण कराया जा रहा है।

उनके अनुसार, आसपास के जिलों में अभी तक किसी बड़े और आधुनिक कैंसर अस्पताल की सुविधा नहीं है। ऐसे में यह परियोजना पूरे अवध क्षेत्र के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगी।

इस अस्पताल के शुरू होने से न केवल मरीजों को राहत मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और स्वास्थ्य सेवाओं का ढांचा मजबूत होगा।

अब अयोध्या में ही मिलेगा बेहतर इलाज

आस्था की नगरी से आरोग्य की राजधानी तक: कैंसर अस्पताल की घोषणा के बाद संत समाज और स्थानीय लोगों में उत्साह साफ देखा जा सकता है।

संत राजू दास ने इस पहल के लिए राज परिवार का आभार जताते हुए कहा कि अब कैंसर पीड़ितों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। वहीं संत विष्णु दास ने इसे “रामराज्य की दिशा में एक मजबूत कदम” बताया।

स्थानीय निवासी घनश्याम सैनी का कहना है कि यह अयोध्या के लिए गर्व का विषय है। उनके अनुसार, अब शहर न सिर्फ धार्मिक बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।

रतन टाटा की सोच से प्रेरित जनकल्याण की योजना

राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि यह परियोजना दिवंगत उद्योगपति रतन टाटा की सोच से प्रेरित है।

रतन टाटा का सपना था कि देश के अलग-अलग हिस्सों में कैंसर की जांच और इलाज की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों, ताकि मरीजों को महानगरों पर निर्भर न रहना पड़े। यह अस्पताल उसी सोच को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

इस कैंसर अस्पताल का उद्देश्य केवल इलाज तक सीमित नहीं रहेगा। यहां जनसेवा को प्राथमिकता दी जाएगी और कोशिश होगी कि इलाज अत्यधिक महंगा न हो।

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को भी यहां सुलभ और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सके, यही इस परियोजना का मूल लक्ष्य है।

24 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य

निर्माण कार्य को लेकर स्पष्ट समयसीमा तय की गई है। योजना के अनुसार, अस्पताल को करीब दो वर्षों (24 महीनों) में पूरा किया जाएगा और इसके बाद चरणबद्ध तरीके से सेवाएं शुरू की जाएंगी।

अयोध्या अब सिर्फ आस्था की नगरी नहीं रहेगी, बल्कि उम्मीद, इलाज और जीवन बचाने की नगरी के रूप में भी पहचानी जाएगी।

यह कैंसर अस्पताल न केवल हजारों मरीजों के जीवन में नई रोशनी लाएगा, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास की दिशा और दशा बदल देगा। रामनगरी की यह नई पहचान आने वाले समय में इतिहास रचने जा रही है।

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Karnika Pandey
Karnika Pandeyhttps://reportbharathindi.com/
“This is Karnika Pandey, a Senior Journalist with over 3 years of experience in the media industry. She covers politics, lifestyle, entertainment, and compelling life stories with clarity and depth. Known for sharp analysis and impactful storytelling, she brings credibility, balance, and a strong editorial voice to every piece she writes.”
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