7 पाकिस्तानियों ने किया सिख बच्ची के साथ गैंगरेप: इंग्लैंड के वेस्ट लंदन में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ 15 वर्षीय सिख नाबालिग के साथ 7 लोगों ने मिलकर दुष्कर्म किया।
ब्रिटेन से आई यह खबर पूरे सिख समाज को झकझोर कर रख दी है। यह केवल एक नाबालिग के ऊपर हुआ दुष्कर्म नहीं है, बल्कि वहाँ रह रही हर महिला की सुरक्षा पर भी सवाल उठता है।
15 साल की नाबालिग बनी दरिंदों का शिकार
7 पाकिस्तानियों ने किया सिख बच्ची के साथ गैंगरेप: मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना वेस्ट लंदन की है, जहाँ 34 वर्षीय पाकिस्तानी मुस्लिम शख्स ने 15 वर्षीय सिख नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया।
आरोप है कि उसने पहले पीड़िता को ग्रूम किया, यानी उसे बहला-फुसलाकर सुबह 5 बजे से रात 10 बजे तक कमरे में कैद रखा।
इसके बाद उसने 6 अन्य लोगों को बुलाकर उसका यौन शोषण करवाया।
पीड़िता के अनुसार, उसे कमरे में बंद कर दिया गया और गैंग के 5-6 सदस्यों ने उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया।
जब भी बच्ची भागने की कोशिश करती, उसे जान से मारने की धमकी दी जाती है और चुप रहने को मजबूर किया जाता।
जब एक सिख युवक ने आरोपी की शिकायत की, तो पता चला कि वह पहले भी 12-13 साल की नाबालिग के साथ ऐसा कर चुका है।
फिलहाल, पीड़िता को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है और समुदाय के लोग आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
घटना के पीछे का सच
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 1980 के दशक में एक टीवी रिपोर्ट में बताया गया था कि पाकिस्तानी मुस्लिम सिख युवतियों पर हमले कर रहे हैं, जिनकी उम्र 15-35 साल के बीच होती है।
उस समय के कार्यक्रम ‘डा ड्राई रन’ में कहा गया कि पाकिस्तानी मुस्लिम लड़के सिख महिलाओं को टारगेट करते हैं।
1980 के दशक से यह सिलसिला चल रहा है और ब्रिटेन में रहने वाले न केवल सिख, बल्कि अन्य गैर-इस्लामिक समुदाय जैसे हिंदू और क्रिश्चियन भी ग्रूमिंग गैंग के निशाने पर हैं।
ग्रूमिंग गैंग कौन हैं
यह गैंग 11 से 16 साल की बच्चियों को निशाना बनाता है, जो सोशल मीडिया पर अकेली दिखती हैं या आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आती हैं।
पहले महंगे गिफ्ट, दोस्ती और शादी का झांसा देकर उनका विश्वास जीता जाता है।
विश्वास जीतने के बाद, लड़की को परिवार से दूर किया जाता है और ब्लैकमेलिंग व धमकियों के जरिए उसका शारीरिक शोषण किया जाता है।
कई मामलों में इन बच्चियों को अलग-अलग फ्लैटों और होटलों में भेजकर उनसे पैसे भी वसूले जाते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 2012 में द टाइम्स ने रॉदरहैम ग्रूमिंग गैंग्स पर पड़ताल की थी, जिसके बाद मामले की जांच शुरू हुई।
2014 में प्रोफेसर एलेक्सिस जे ने एक रिपोर्ट लिखी, जिसमें कहा गया कि 1997 से 2013 के बीच रॉदरहैम में कम से कम 1400 बच्चों को यौन शोषण का शिकार होना पड़ा।
ब्रिटेन के कई नेताओं ने उठाई आवाज
ग्रूमिंग गैंग को लेकर ब्रिटेन के सांसद रूपर्ट लोव, कीर स्टार्मर, ऋषि सुनक और ईवेट कूपर के साथ ही कई नेताओं ने समर्थन किया है।
नेताओं का कहना है कि जो लोग नाबालिग के साथ हो रही यौन घटनाओं को छिपाते हैं, उनके खिलाफ नए कानून के तहत आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।
यह लड़ाई सिर्फ एक सिख महिला की नहीं है
ब्रिटेन में 15 साल की सिख नाबालिग के साथ हुई यह घटना महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाती है।
जिस देश को कानून व्यवस्था और मानवाधिकारों के लिए जाना जाता है, वहाँ ऐसी घटना होना यह दर्शाता है कि केवल सख्त कानून होना पर्याप्त नहीं है।
सुरक्षा, समय पर पुलिस कार्रवाई और समाज में जागरूकता बेहद जरूरी है।
महिलाएँ और नाबालिग तभी सुरक्षित रह सकते हैं जब उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और दोषियों को बिना किसी देरी के कड़ी सज़ा मिले।
यह घटना पूरी दुनिया के लिए एक चेतावनी है कि महिला सुरक्षा को सिर्फ नारे नहीं, बल्कि ठोस कदमों की ज़रूरत है।
यह मामला सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि समाज और व्यवस्था के लिए चेतावनी है ,ज़रूरत है कि पीड़िता को न्याय मिले और भविष्य में कोई भी बच्चा ऐसी दरिंदगी का शिकार न हो।

