Bomb blasts in Jaipur: राजस्थान की राजधानी जयपुर में 13 मई 2008 को हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के दौरान चांदपोल में मंदिर के पास मिले जिंदा बम मामले में शुक्रवार को विशेष अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी ठहराया। विशेष अदालत के न्यायाधीश रमेश कुमार जोशी ने फैसला सुनाते हुए कहा कि 8 अप्रैल को आरोपियों को सजा सुनाई जाएगी।
हालांकि, आरोपियों को 124 (ए) (राजद्रोह) के आरोपों से बरी कर दिया गया, लेकिन अन्य धाराओं में दोषी ठहराया गया। दरअसल, जयपुर में 17 साल पहले हुए सीरियल बम ब्लास्ट के दौरान 8 बम धमाके हुए थे, लेकिन 9वां बम चांदपोल बाजार के गेस्ट हाउस के पास मिला था। इसे बम धमाकों के 15 मिनट पहले ही डिफ्यूज कर दिया गया था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
राजस्थान हाई कोर्ट ने कर दिया था बरी
अब इस जिंदा बम मामले में चारों आरोपियों को दोषी करार दिया गया। इससे पहले जयपुर बम धमाकों से जुड़े 8 मामलों में ये आरोपी फांसी की सजा पा चुके थे, लेकिन राजस्थान हाई कोर्ट ने मार्च 2023 में सभी को बरी कर दिया था।
हाई कोर्ट ने जांच एजेंसियों की कई खामियों को उजागर किया था, जिसके बाद सरकार ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जो अभी पेंडिंग है।
जानें क्या है बम ब्लास्ट का पूरा मामला?
बता दें 13 मई 2008 को जयपुर के चारदीवारी इलाके में 8 सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे। इन धमाकों में 72 लोगों की मौत हुई थी और 200 से अधिक लोग घायल हुए थे। इस मामले में विशेष अदालत ने पहले 20 दिसंबर 2019 को 4 आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई थी, लेकिन हाई कोर्ट ने मार्च 2023 में इस फैसले को पलटते हुए चारों आरोपियों को बरी कर दिया।
इसके बाद राज्य सरकार ने इन चारों को जिंदा बम रखने के मामले में गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ एक नया केस दर्ज किया गया।
जानें पहले हाई कोर्ट ने क्यों किया था बरी?
राजस्थान हाई कोर्ट ने मार्च 2023 में आरोपियों को बरी करते हुए कहा था कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में नाकाम रहा कि साइकिल बम किसने रखा था। अदालत ने जांच एजेंसियों की खामियों पर भी सवाल उठाए थे। वहीं, अब जिंदा बम मामले में चारों आरोपियों को दोषी करार दिया गया है, जिससे इस केस में नया मोड़ आ गया है।