Friday, February 27, 2026

भुवन बाम बायोग्राफी: जिसने इंटरनेट को भारत का सबसे रिलेटेबल मंच बना दिया

भुवन बाम बायोग्राफी: क्या होगा अगर इंटरनेट पर आपने अब तक जितने भी सबसे मजेदार किरदार देखे हैं, वे सभी एक ही इंसान ने निभाए हों?

क्या होगा अगर एक लड़का, जो कभी छोटे-छोटे कैफे में गाना गाकर कुछ सौ रुपये कमाता था, आगे चलकर पूरी एक पीढ़ी की आवाज बन जाए,

क्या होगा अगर भारत की डिजिटल रेवोलुशन किसी बड़े स्टूडियो से नहीं, बल्कि एक छोटे से कमरे में रखे फ्रंट कैमरे वाले मोबाइल फोन से शुरू हुई हो?

प्रसिद्धि, अवॉर्ड और दुनिया भर में पहचान मिलने से पहले भुवन बाम बस एक साधारण नौजवान थे, जो अपना गुज़ारा करने, कुछ नया बनाने और खुद को खुलकर व्यक्त करने की कोशिश कर रहे थे।

उनकी कहानी सिर्फ यूट्यूब पर मिली सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह धैर्य, संघर्ष, जुनून और अपने सपनों पर विश्वास बनाए रखने की कहानी है।

पर्सनल प्रोफाइल

विवरणजानकारी
पूरा नामभुवन अवनींद्र शंकर बाम
जन्म तिथि22 जनवरी, 1994
जन्म स्थानवडोदरा, गुजरात, भारत
गृहनगरनई दिल्ली, भारत
पितास्वर्गीय अवनींद्र बाम
माँस्वर्गीय पद्मा बाम
पार्टनरअर्पिता भट्टाचार्य (कथित तौर पर 15+ वर्षों से संबंध)
शिक्षाबीए (ऑनर्स) इतिहास, शहीद भगत सिंह कॉलेज (दिल्ली विश्वविद्यालय)
पेशाअभिनेता, हास्य कलाकार, गायक, लेखक, उद्यमी
डिजिटल शुरुआतबीबी की वाइन्स (जून 2015)
बॉलीवुड में पदार्पणकुकू की कुंडली (2026)
मुख्य पात्रटीटू मामा, बैंचो, समीर फुद्दी, बब्लू, जानकी
अवार्ड्सफिल्मफेयर पुरस्कार (लघु फिल्म), फोर्ब्स 30 अंडर 30
प्रोडक्शन हाउसबीबीकेवी प्रोडक्शंस
नेटवर्थअनुमानित ₹122 करोड़ (लगभग $15 मिलियन)

बचपन और परिवार

भुवन बाम बायोग्राफी: भुवन अवनींद्र शंकर बाम का जन्म 22 जनवरी 1994 को गुजरात के वडोदरा में हुआ था। बाद में उनका परिवार दिल्ली आ गया, जहां उनका बचपन और युवावस्था बीती।

वे एक साधारण मध्यमवर्गीय मराठी हिंदू परिवार से आते हैं। उनके माता-पिता ने हमेशा उन्हें भावनात्मक रूप से सहारा दिया और हर फैसले में उनका साथ निभाया।

परिवार का प्यार और भरोसा ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बना। भुवन को बचपन से ही संगीत और कहानियां सुनाना बहुत पसंद था। वे लोगों को ध्यान से देखते थे और छोटी-छोटी बातों में भी मज़ा ढूंढ लेते थे।

13 साल की उम्र में उन्होंने गिटार बजाना सीख लिया और शास्त्रीय संगीत की ट्रेनिंग भी ली। उनके लिए संगीत सिर्फ शौक नहीं था, बल्कि दिल से जुड़ा हुआ सपना था। पढ़ाई में वे खुद को एक सामान्य या औसत छात्र मानते हैं।

उन्होंने दिल्ली के ग्रीन फील्ड्स स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की और बाद में दिल्ली विश्वविद्यालय के शहीद भगत सिंह कॉलेज से इतिहास में स्नातक की डिग्री ली।

कॉलेज का समय उनके लिए नया अनुभव लेकर आया। यहाँ उन्हें दुनिया को समझने का मौका मिला, लेकिन साथ ही यह सवाल भी खड़ा हुआ कि आगे क्या करना है।

जैसे कई युवा महसूस करते हैं, वैसे ही वे भी अपने भविष्य को लेकर थोड़ा उलझन में थे।

प्रसिद्धि से पहले के संघर्ष

भुवन बाम की कहानी में सफलता से पहले बहुत संघर्ष था। यूट्यूब से पहले उनका सपना एक पेशेवर गायक बनने का था। वे दिल्ली के कैफे, बार और छोटे कार्यक्रमों में गाना गाते थे।

उस समय उनकी महीने की कमाई लगभग ₹5,000 के आसपास थी, जो दिल्ली जैसे शहर में बहुत कम थी। कई दिन ऐसे भी आते थे जब खर्च चलाना मुश्किल हो जाता था।

एक समय पर उन्होंने सोचा कि नियमित कमाई के लिए डिलीवरी बॉय का काम भी कर लें। उन्होंने कई म्यूजिक रियलिटी शो के लिए ऑडिशन दिए, लेकिन बार-बार उन्हें रिजेक्शन मिला।

कई जगह तो उन्हें गाने का मौका भी नहीं मिला। धीरे-धीरे उनके मन में आत्मविश्वास से ज्यादा आत्मसंदेह आने लगा, लेकिन शायद किस्मत उनके लिए कुछ और ही सोच चुकी थी।

उनका असली मौका इंटरनेट की दुनिया में उनका इंतजार कर रहा था।

एक वीडियो जिसने बदल दी किस्मत

साल 2015 में भुवन बाम की जिंदगी पूरी तरह बदल गई। उस समय उन्होंने एक छोटा सा मजाकिया और व्यंग्य वाला वीडियो बनाया, जिसमें उन्होंने बाढ़ त्रासदी के दौरान एक न्यूज रिपोर्टर के असंवेदनशील सवाल पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी।

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। खास बात यह थी कि लोगों को उनका सीधा और सच्चा अंदाज बहुत पसंद आया।

लोगों की सकारात्मक प्रतिक्रिया देखकर भुवन को हिम्मत मिली और उन्होंने अपना यूट्यूब चैनल “बीबी की वाइन्स” शुरू किया।

शुरुआत में यह बस एक छोटा सा प्रयोग था, लेकिन धीरे-धीरे यह एक बड़े सफर की शुरुआत बन गया। उनके वीडियो की सबसे बड़ी खासियत उनकी सादगी और सच्चाई थी।

वे रोजमर्रा की भारतीय जिंदगी से जुड़ी बातें दिखाते थेघर के छोटे-छोटे झगड़े, मोहल्ले के दोस्त, मिडिल क्लास परिवार की परेशानियां और अटपटी लेकिन मजेदार बातचीत।

यही वजह थी कि लोग उनसे तुरंत जुड़ गए। सबसे खास बात यह थी कि हर किरदार भुवन खुद निभाते थे। वे अपनी आवाज बदलते, चेहरे के भाव बदलते और बॉडी लैंग्वेज तक बदल देते थे।

ऐसा लगता था जैसे अलग-अलग लोग सच में स्क्रीन पर मौजूद हों। धीरे-धीरे उनके सब्सक्राइबर्स बढ़ने लगे।

मेहनत और लगातार अच्छे कंटेंट की वजह से साल 2018 में भुवन बाम 10 मिलियन सब्सक्राइबर पार करने वाले पहले भारतीय इंडिविजुअल यूट्यूबर बने।

यह एक ऐतिहासिक पल था, जिसने साबित कर दिया कि एक अकेला क्रिएटर भी बड़े प्रोडक्शन हाउस से मुकाबला कर सकता है।

मशहूर किरदार और दर्शकों से जुड़ाव

भुवन बाम ने सिर्फ कॉमेडी वीडियो नहीं बनाए, बल्कि उन्होंने ऐसे किरदार बनाए जो लोगों को अपने ही घर और आसपास के लोगों जैसे लगते थे।

उनके किरदार बनावटी नहीं थे, बल्कि आम जिंदगी से लिए गए थे, इसलिए लोग उनसे तुरंत जुड़ गए। बब्लू और जानकी को देखकर लोगों को अपने मम्मी-पापा याद आ जाते थे।

उनकी बात करने का तरीका, छोटी-छोटी बातों पर डांटना या चिंता करना बिल्कुल असली लगता था। बंचो हर किसी के उस दोस्त जैसा था जो थोड़ा ज्यादा ड्रामा करता है, लेकिन दिल का साफ होता है।

समीर फुद्दी मासूम और थोड़ा अजीब सा किरदार था, जो सीधी बात को भी मजेदार बना देता था।

वहीं टिटू मामा वह बेबाक और निडर किरदार थे, जो वो सब बोल देते थे जो लोग मन में तो सोचते हैं, लेकिन खुलकर कह नहीं पाते।

इन सभी किरदारों की खास बात यह थी कि वे पूरी तरह इंसानी थे। उनमें कमियां थीं, गुस्सा था, प्यार था, इमोशन था। यही वजह थी कि दर्शकों को वे अपने जैसे लगे।

भुवन की सबसे बड़ी ताकत यह थी कि वे असली भारतीय परिवारों की झलक अपने वीडियो में दिखा पाते थे।

इसी कारण उनका कंटेंट हर उम्र और हर भाषा के लोगों को पसंद आया और आज भी उतना ही जुड़ा हुआ महसूस होता है।

संगीत करियर: दिल को छू लेने वाले गाने

कॉमेडी के साथ-साथ भुवन ने अपने संगीत के प्यार को कभी नहीं छोड़ा। उनके गानों में प्यार, दिल टूटना, अकेलापन और खुद को समझने जैसी भावनाएं साफ नजर आती हैं।

तेरी मेरी कहानी, संग हूं तेरे, सफर, अजनबी और हीर रांझा जैसे गानों को लाखों लोगों ने पसंद किया और खूब व्यूज मिले।

भुवन के गानों की सबसे बड़ी खास बात उनकी सच्चाई है। उनके गीत सरल, दिल से जुड़े और बहुत निजी महसूस होते हैं।

इसलिए सुनने वालों को उनमें अपनी ही कहानी और अपनी ही भावनाएं दिखाई देती हैं।

अभिनय और ओटीटी प्रोजेक्ट्स: एक नया सफर

छोटे-छोटे यूट्यूब वीडियो से लंबी कहानी तक पहुंचना भुवन के करियर का बड़ा मोड़ था। उन्होंने दिखाया कि वे सिर्फ कुछ मिनट की कॉमेडी नहीं, बल्कि पूरी कहानी भी संभाल सकते हैं।

उनकी वेब सीरीज ढिंडोरा में उन्होंने कई किरदार एक साथ निभाए और एक पूरी कहानी के साथ दर्शकों को जोड़े रखा। इससे साबित हुआ कि वे एक अच्छे अभिनेता भी हैं।

इसके बाद ताजा खबर में उनका बिल्कुल अलग रूप देखने को मिला। यहां उन्होंने एक गंभीर और भावनात्मक किरदार निभाया, जिसने लोगों को हैरान कर दिया।

इन कामों की वजह से उन्हें फिल्मफेयर ओटीटी अवॉर्ड मिला और इंडस्ट्री का नजरिया भी बदल गया। अब लोग उन्हें सिर्फ “यूट्यूबर” नहीं, बल्कि एक सच्चे अभिनेता के रूप में देखने लगे।

पुरस्कार, उपलब्धियां और रिकॉर्ड

पिछले कुछ सालों में भुवन बाम ने ऐसे मुकाम हासिल किए, जो पहले डिजिटल क्रिएटर्स के लिए लगभग नामुमकिन माने जाते थे।

उन्होंने यह साबित कर दिया कि इंटरनेट से शुरू हुआ सफर भी बड़े मंच तक पहुंच सकता है।

उन्हें शॉर्ट फिल्म प्लस माइनस के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। वे यूट्यूब का डायमंड प्ले बटन पाने वाले पहले भारतीय इंडिविजुअल क्रिएटर्स में से एक बने।

उनका नाम फोर्बेस 30 अंडर 30 एशिया की सूची में शामिल हुआ और उन्हें दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भी आमंत्रित किया गया।


हर उपलब्धि ने यह दिखाया कि दिल से बनाया गया कंटेंट भी फिल्मी दुनिया और बड़े सिनेमा के सिनेमा के साथ मजबूती से खड़ा हो सकता है।

कुछ खास और अनसुनी बातें

  • भुवन ने अपने शुरुआती वीडियो सिर्फ मोबाइल के फ्रंट कैमरे से शूट किए थे।
  • उनके वीडियो सबसे पहले भारत के बाहर, खासकर पाकिस्तान और बांग्लादेश में वायरल हुए थे।
  • शुरुआत में वे अपने सभी किरदार खुद निभाते थे और उनके पास कोई प्रोफेशनल मेकअप टीम नहीं थी।
  • वे 10 मिलियन सब्सक्राइबर पार करने वाले पहले भारतीय इंडिविजुअल यूट्यूबर बने।
  • बचपन में उन्हें हकलाने की समस्या थी, जिससे उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा।
  • उनके बड़े भाई अमन बाम एक कमर्शियल पायलट हैं।
  • कोविड-19 के दौरान उन्होंने अपने माता-पिता दोनों को खो दिया, जो उनके जीवन का सबसे कठिन समय था।
  • उन्हें ट्रेंड या एल्गोरिदम के पीछे भागने से ज्यादा अच्छी कहानी सुनाना पसंद है।
  • उनका मानना है कि असली सफलता नंबर से नहीं, बल्कि लोगों के दिलों पर पड़े असर से मापी जाती है।

भारतीय डिजिटल मनोरंजन और युवा संस्कृति पर प्रभाव

भुवन बाम के यूट्यूब सफर ने भारतीय युवाओं की सोच बदल दी। पहले लोग कंटेंट क्रिएशन को सिर्फ टाइम पास या छोटा काम समझते थे, लेकिन भुवन ने दिखाया कि यह भी एक गंभीर और सम्मानजनक करियर हो सकता है।

उन्होंने साबित किया कि सफलता पाने के लिए महंगे कैमरे, बड़ी टीम, ऊंचे संपर्क या बहुत अच्छी अंग्रेजी जरूरी नहीं है।

अगर आपके पास सच्चाई, आत्मविश्वास और कुछ अलग करने का हौसला है, तो आप आगे बढ़ सकते हैं। आज लाखों युवा क्रिएटर्स उनकी कहानी से प्रेरणा लेते हैं।

वे मानते हैं कि सीमित साधनों के साथ भी बड़ा सपना देखा जा सकता है और मेहनत से उसे सच किया जा सकता है।

भुवन ने डिजिटल दुनिया को सिर्फ मनोरंजन नहीं दिया, बल्कि एक नई सोच और नई दिशा भी दी।

इस बायोग्राफी की लेखिका नमिता देवड़ा हैं

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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