बरेली में लव जिहाद का काला खेल: किसी ने सोचा नहीं था कि नल टंकियों की मरम्मत करने वाला प्लंबर हिंदू किशोरी को अपने दुष्कर योजनाओं में फंसा देगा।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने उसे अजमेर शरीफ ले जाने से पहले ही रोक दिया।
मामला बरेली जिले के क्योलड़िया क्षेत्र के जासं गांव का है, जहां एक किशोरी को बहलाकर अपने साथ ले जाने और दुष्कर्म के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है।
प्यार के बहाने किशोरी को फंसाया जाल में
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्योलड़िया के एक छोटे से गांव का निवासी रेहान, जो जयपुर में प्लंबर का काम करता था,
उसने लगभग दो साल पहले एक हिंदू किशोरी पर अपना शैतानी जाल फेंकना शुरू किया।
शुरुआत में उसने किशोरी की इच्छाओं का ध्यान रखते हुए धार्मिक विषयों में दिलचस्पी दिखाई और धीरे-धीरे अपने प्रेम के जाल में फंसाया।
विश्वास जीतने के बाद रेहान ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया और उसे अपने साथ ले जाकर अजमेर शरीफ में मतांतरण और निकाह करने की योजना बनाई।
किशोरी की गुमशुदगी से पुलिस हरकत में आई
बरेली में लव जिहाद का काला खेल: किशोरी के घरवालों ने जब देखा कि उनकी बेटी घर पर नहीं है, तो तुरंत क्योलड़िया थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। उन्होंने संदेह जताया कि गांव का ही रेहान उनकी बेटी को भगाकर ले गया है।
पुलिस ने किशोरी के मोबाइल की लोकेशन ट्रैक करने की कोशिश की, लेकिन फोन बंद मिला। लोकेशन से पता चला कि वह गांव में ही है, इसके बाद पुलिस ने रेहान से संपर्क किया।
शुरू में मज़हबी ने जयपुर में होने का दावा किया, लेकिन लोकेशन ट्रैकिंग ने उसकी असली स्थिति उजागर कर दी।
लोकेशन ट्रैकिंग से सामने आया घटनाक्रम
सर्विलांस टीम ने पाया कि किशोरी और रेहान मथुरा की ओर बढ़ रहे हैं। टीम ने मथुरा जीआरपी को दोनों की फोटो भेजीं। जब ट्रेन मथुरा पहुंची, तो जीआरपी ने किशोरी को सुरक्षित बरामद कर लिया, लेकिन रेहान भाग निकला।
पुलिस की सतर्कता और तेजी के कारण उसे रात में गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद किशोरी के बयान के आधार पर रेहान के खिलाफ दुष्कर्म, पाक्सो एक्ट और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस पूछताछ में रेहान ने बताया कि उसने किशोरी को अपने प्रेम जाल में फंसाकर मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए आकर्षित किया। उसने तरह-तरह की कहानियां सुनाकर धीरे-धीरे ब्रेनवॉश किया और विश्वास में लेकर दुष्कर्म किया।
आरोपी के बयान से यह भी साफ हुआ कि वह आपराधिक प्रवृत्ति का था और कट्टरपंथी मानसिकता रखता था। उसने किशोरी को अजमेर शरीफ ले जाकर चादरपोशी और निकाह करने की योजना बनाई थी।
दो साल का शैतानी खेल हुआ फेल
बरेली में लव जिहाद का काला खेल: रेहान ने किशोरी पर लगभग दो साल तक जाल बुनने का प्रयास किया। पहले उसने फोन पर संपर्क बनाए रखा, फिर कभी-कभी गांव आकर किशोरी से मिला।
उसने किशोरी की धार्मिक रुचियों का गलत फायदा उठाकर उसे मानसिक रूप से प्रभावित किया। धीरे-धीरे उसने उसे अपने ही इरादों के लिए तैयार किया और अंततः दुष्कर्म करने के बाद अपने साथ फरार हो गया।
पुलिस ने किशोरी की सुरक्षा के लिए तत्परता दिखाई। लोकेशन ट्रैकिंग और ट्रेन की जानकारी के माध्यम से उसे बरामद किया गया।
इस घटना से स्पष्ट होता है कि यदि पुलिस की सतर्कता नहीं होती, तो किशोरी को रेहान अपने शैतानी इरादों में फंसा सकता था। क्योलड़िया पुलिस ने लोकेशन और फोटो का उपयोग कर आरोपी को पकड़कर जेल भेजा।
पुलिस ने दिलाया किशोरी को न्याय
पुलिस ने किशोरी के बयानों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की और आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा। इसके साथ ही दुष्कर्म, पाक्सो एक्ट और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू की गई।
यह मामला दिखाता है कि कैसे मासूम किशोरियों को प्रेमजाल के माध्यम से फंसाया जा सकता है और उन्हें कट्टरपंथी विचारों के लिए ब्रेनवॉश किया जा सकता है।
पुलिस की तत्परता और तकनीकी सहयोग ने समय रहते अपराध को रोका। यह घटनाक्रम समाज के लिए एक चेतावनी है कि अभिभावकों और समुदाय को सतर्क रहना चाहिए और अपने बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए।

