बांग्लादेश में संगीत के मंच पर हिंसा: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बांग्लादेश के फरीदपुर जिले में एक स्कूल की 185वीं वर्षगाँठ का जश्न शुक्रवार (26 दिसंबर 2025) की रात अचानक हिंसा और अफरा-तफरी में बदल गया।
वहां के लोकप्रिय रॉक सिंगर जेम्स के एक लाइव कॉन्सर्ट के दौरान कुछ मज़हबियों ने जबरन घुसपैठ कर पथराव किया, जिसमें 20 से अधिक छात्र घायल हो गए।
घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे देशभर में आक्रोश और चिंता दोनों बढ़ी हैं।
क्या है पूरा मामला?
बांग्लादेश में संगीत के मंच पर हिंसा: बांग्लादेश में हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है।
हाल के दिनों में देश की सड़कों पर कट्टरपंथी और उग्र इस्लामी भीड़ों का प्रभाव बढ़ता दिखाई दे रहा है, जबकि राज्य मशीनरी पर आंख मूंद लेने के आरोप लगाए जा रहे हैं। इसी माहौल में कलाकारों, पत्रकारों और कई मीडिया संस्थानों पर हमले हुए हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मज़हबियों द्वारा पत्थरबाजी एक शैक्षणिक परिसर या उससे जुड़े आयोजन स्थल पर हुई, जहां जेम्स का कॉन्सर्ट आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम के दौरान अचानक कुछ लोगों की भीड़ ने मंच और दर्शकों की ओर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। अफरा-तफरी में कई छात्र घायल हो गए और कार्यक्रम को बीच में ही रोकना पड़ा।
घायल छात्र और मौके पर मची अफरा-तफरी
बांग्लादेश में संगीत के मंच पर हिंसा: मशहूर सिंगर जेम्स के कॉन्सर्ट में हंगामा, कट्टरपंथियों ने बरसाए पत्थर प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पथराव के बाद भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। घायल छात्रों को नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
हालांकि अधिकांश की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन इस घटना ने आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वायरल वीडियो और सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया
बांग्लादेश में संगीत के मंच पर हिंसा: घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं, जिनमें मंच के पास हंगामा, पत्थरबाज़ी और लोगों को जान बचाकर भागते देखा जा सकता है।
यूज़र्स ने इस हमले की निंदा करते हुए कलाकारों और दर्शकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। कई लोगों ने इसे सांस्कृतिक अभिव्यक्ति पर हमला बताया।
प्रशासन और आयोजकों की प्रतिक्रिया
बांग्लादेश में संगीत के मंच पर हिंसा: स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करने और दोषियों की पहचान कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
आयोजकों का कहना है कि कार्यक्रम के लिए अनुमति ली गई थी और सुरक्षा के इंतज़ाम भी किए गए थे, लेकिन अचानक हुई हिंसा ने हालात बिगाड़ दिए। पुलिस ने अतिरिक्त सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की बात कही है।
कला, संस्कृति और असहिष्णुता की बहस
बांग्लादेश में संगीत के मंच पर हिंसा: यह घटना केवल एक कॉन्सर्ट पर हमला नहीं मानी जा रही, बल्कि बांग्लादेश में कला और संस्कृति के लिए बढ़ती असहिष्णुता पर भी सवाल उठाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हमले समाज में डर का माहौल बनाते हैं और युवा पीढ़ी की रचनात्मक आज़ादी को प्रभावित करते हैं।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
बांग्लादेश में संगीत के मंच पर हिंसा: सरकार और प्रशासन के लिए यह एक चेतावनी है कि सांस्कृतिक आयोजनों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
कलाकारों और दर्शकों का मानना है कि संगीत और कला समाज को जोड़ने का काम करते हैं, इन्हें निशाना बनाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
जेम्स के कॉन्सर्ट में हुई हिंसा ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए ठोस कदम ज़रूरी हैं।
जब तक सांस्कृतिक मंच सुरक्षित नहीं होंगे, तब तक समाज में भरोसा और रचनात्मकता दोनों खतरे में रहेंगे।

