बालेन शाह बनेंगे नेपाल के पीएम: नेपाल की राजनीति में इस समय एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव दिखाई दे रहा है। इस बदलाव का चेहरा 35 वर्षीय युवा नेता बालेन शाह बनकर उभरे हैं।
कभी अपने रैप गानों से युवाओं के बीच पहचान बनाने वाले बालेन अब देश के अगले प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं।
उनकी पार्टी, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) चुनाव में शानदार प्रदर्शन कर रही है और पारंपरिक दलों को कड़ी टक्कर दे रही है।
ताजा रुझानों में बालेन शाह खुद पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली राजनीतिक गढ़ झापा-5 सीट पर बड़ी बढ़त बनाए हुए हैं।
यह सीट लंबे समय से ओली की मजबूत मानी जाती रही है, इसलिए यहां से बालेन की बढ़त को नेपाल की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
युवाओं के गुस्से से पैदा हुआ राजनीतिक बदलाव
नेपाल में यह चुनावी परिणाम अचानक नहीं आए हैं। इसके पीछे पिछले कई वर्षों से बढ़ती राजनीतिक अस्थिरता और युवाओं की नाराजगी है।
पिछले 18 वर्षों में नेपाल में 14 सरकारें बनकर गिर चुकी हैं। लगातार बदलती सरकारों के कारण विकास के कई अहम काम अधूरे रह गए और जनता में निराशा बढ़ती चली गई।
देश में बेरोजगारी भी बड़ा मुद्दा बन चुकी है। नेपाल की बेरोजगारी दर करीब 13 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जिससे युवा वर्ग खासा परेशान है।
रोजगार के अवसर कम होने के कारण बड़ी संख्या में नेपाली युवा विदेशों में काम करने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
पिछले साल सितंबर में छात्रों और युवाओं ने सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया था।
इन आंदोलनों का असर इतना ज्यादा हुआ कि अंततः केपी शर्मा ओली की सरकार को इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद देश में समय से पहले चुनाव कराने का फैसला लिया गया।
पुराने दलों की साख पर सवाल
इस चुनाव में पारंपरिक राजनीतिक दलों की स्थिति कमजोर दिखाई दे रही है। नेपाली कांग्रेस और कम्युनिस्ट दल लंबे समय से सत्ता में आते-जाते रहे हैं।
कई बार इन दलों ने गठबंधन बनाकर सरकार चलाई, लेकिन राजनीतिक अस्थिरता खत्म नहीं हो सकी।
पूर्व प्रधानमंत्री पुष्पेंद्र की पार्टी और केपी शर्मा ओली की पार्टी भी इस बार अपनी साख बचाने की कोशिश में लगी हुई हैं।
हालांकि शुरुआती रुझानों में इन दलों को अपेक्षित समर्थन मिलता नहीं दिख रहा है।
नई पार्टी से जुड़ी जनता की उम्मीदें
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी का प्रदर्शन इस चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है।
ताजा रुझानों के अनुसार पार्टी 100 से ज्यादा सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जो किसी भी नई पार्टी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
इससे साफ संकेत मिल रहा है कि नेपाल की जनता, खासकर युवा मतदाता, अब पारंपरिक राजनीतिक दलों से अलग विकल्प की तलाश में हैं।
वे ऐसी राजनीति चाहते हैं जो स्थिरता, विकास और रोजगार जैसे मुद्दों पर ठोस काम करे।

