Arun Govil’s Advice To Nirmala Sitharaman: लोकसभा में एक अप्रत्याशित स्थिति देखने को मिली जब अभिनेता और मेरठ से बीजेपी सांसद अरुण गोविल ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को ही बैंकिंग और इंश्योरेंस से जुड़े मुद्दों पर सलाह दी। उन्होंने बैंकों में घटते डिपॉजिट और इंश्योरेंस सेवाओं के बढ़ते प्रभाव को लेकर खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए अपनी ही सरकार पर सवाल उठाये।
अरुण गोविल ने सवाल उठाते हुए कहा कि बैंक अब मूल बैंकिंग सेवाओं पर ध्यान देने की बजाय इंश्योरेंस कंपनियों के प्रचार में ज्यादा समय दे रहे हैं, जिससे आम जनता का भरोसा बैंकिंग सिस्टम पर कम हो रहा है।
उन्होंने सरकार की मौजूदा नीति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अगर जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं की फंडिंग पर भी असर पड़ सकता है।
लड़खड़ा गई जुबान, हो गई फजीहत, यहाँ देखें
Arun Govil’s Advice To Nirmala Sitharaman: अरुण गोविल अपने बयान के दौरान कई बार लड़खड़ा गए, जिससे उनके तर्क कमजोर लगने लगे। उनके बयान में स्पष्टता की कमी होने के कारण सदन में कई सांसदों ने टोकाटाकी शुरू कर दी। विपक्ष ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि जब बीजेपी सांसद ही अपनी सरकार की वित्तीय नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं, तो यह साफ है कि सरकार की नीतियों में खामियां हैं।
उन्होंने निर्मला सीतारमण का नाम गलत लिया। शायद इसी कारण ओम बिरला नाराज हो गए। इसपर इंटरनेट पर कई यूजर्स ने नाराजगी जताई। अरुण गोविल की माँग से ज्यादातर यूजर सहमत नजर आए।
निर्मला सीतारमण ने दिया ये जवाब
Arun Govil’s Advice To Nirmala Sitharaman: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस मुद्दे पर जवाब देते हुए कहा कि सरकार लगातार बैंकिंग सेक्टर को मजबूत करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने बैंकों में घटते डिपॉजिट को लेकर चिंता तो जताई, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि देश की अर्थव्यवस्था सही दिशा में आगे बढ़ रही है और सरकार किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार है।
संसद में गरमाई बहस, स्पीकर ने दी नसीहत
जब अरुण गोविल और विपक्षी सांसदों के बीच यह बहस बढ़ने लगी, तो लोकसभा स्पीकर को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने सांसदों से तथ्यपरक बहस करने की नसीहत दी और विषय को भटकाने से बचने की अपील की। इस समय स्पीकर के चेहरे पर अरुण गोविल को लेकर नाराजगी साफ़ झलक रही थी।