Wednesday, March 4, 2026

सिर्फ दिल्ली नहीं, जहरीली हवा की गिरफ्त में दुनिया: AQI के मोर्चे पर कौन सबसे आगे?

दिल्ली का नाम लेते ही दिमाग में सबसे पहले दम घोंटती हवा, स्मॉग की मोटी चादर और खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका AQI उभर आता है।

हर सर्दी के मौसम में राजधानी को दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में गिनाया जाता है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इसे कठघरे में खड़ा कर दिया जाता है।

लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रदूषण की यह लड़ाई सिर्फ दिल्ली तक सीमित है?

स्मॉग, ठंड और थमी हुई हवा ने बढ़ाई मुश्किलें

राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर इलाकों में एक बार फिर वायु प्रदूषण ने गंभीर रूप ले लिया है।

शनिवार को दिल्ली धुंध और स्मॉग की घनी परत में लिपटी नजर आई, वहीं सुबह के वक्त हल्का कोहरा भी छाया रहा।

हवा की रफ्तार बेहद कम होने के कारण प्रदूषक कण वातावरण में ही अटके रहे, जिससे एयर क्वालिटी इंडेक्स तेजी से बिगड़ा।

साथ ही ठंड का असर भी साफ महसूस हुआ और लोगों को सुबह-शाम कड़ाके की ठिठुरन झेलनी पड़ी।

क्या दिल्ली ही सबसे बदतर शहर है?

अक्सर वैश्विक रिपोर्टों में दिल्ली को दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बताया जाता है, लेकिन सच्चाई यह है कि दुनिया के कई अन्य शहर भी बेहद खतरनाक हालात से गुजर रहे हैं।

प्रदूषण की यह रैंकिंग स्थायी नहीं होती, बल्कि मौसम, हवा की दिशा, ट्रैफिक और औद्योगिक गतिविधियों के हिसाब से बदलती रहती है।

लाहौर: AQI के मामले में बेहद चिंताजनक

2024-25 के हालिया आंकड़ों पर नजर डालें तो पाकिस्तान का लाहौर कई बार दुनिया के दूसरे सबसे प्रदूषित शहर के रूप में सामने आया है।

यहां AQI स्तर 450 से 460 तक पहुंच चुका है, जिसे स्वास्थ्य के लिए बेहद गंभीर माना जाता है।

लाहौर में वाहनों से निकलने वाला धुआं, उद्योगों का उत्सर्जन और सर्दियों में पराली जलाने का असर मिलकर स्मॉग की भयावह स्थिति पैदा करता है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होता है।

ढाका और काहिरा भी पीछे नहीं

तीसरे सबसे प्रदूषित शहर की स्थिति समय-समय पर बदलती रहती है। बांग्लादेश की राजधानी ढाका अक्सर इस सूची में तीसरे स्थान पर देखी जाती है, जहां AQI 316 से 318 के बीच रिकॉर्ड किया गया है।

वहीं मिस्र की राजधानी काहिरा भी कई बार इस श्रेणी में शामिल होती है। यहां AQI करीब 160 के आसपास दर्ज किया गया है, जो लाहौर और ढाका से कम जरूर है, लेकिन फिर भी इसे अस्वस्थ श्रेणी में ही रखा जाता है।

वैश्विक समस्या बनता प्रदूषण

इन आंकड़ों से साफ है कि वायु प्रदूषण केवल दिल्ली की समस्या नहीं है। दुनिया के कई बड़े शहर आज जहरीली हवा से जूझ रहे हैं, जहां सांस लेना तक चुनौती बनता जा रहा है।

ऐसे में यह सवाल और भी अहम हो जाता है कि प्रदूषण को लेकर वैश्विक स्तर पर ठोस और साझा प्रयास कब और कैसे किए जाएंगे।

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Karnika Pandey
Karnika Pandeyhttps://reportbharathindi.com/
“This is Karnika Pandey, a Senior Journalist with over 3 years of experience in the media industry. She covers politics, lifestyle, entertainment, and compelling life stories with clarity and depth. Known for sharp analysis and impactful storytelling, she brings credibility, balance, and a strong editorial voice to every piece she writes.”
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