मजहबी ने किया हिंदू लड़की का अपहरण: बिहार के दरभंगा जिले के कमतौल थाना क्षेत्र से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहाँ एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की पिछले 12 दिनों से लापता है।
पुलिस ने इस मामले में मोहम्मद सितारे नामक युवक को मुख्य आरोपित मानते हुए उसके खिलाफ वारंट जारी कर दिया है, लेकिन वह अपने पूरे परिवार के साथ फरार बताया जा रहा है।
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी का अपहरण जबरन धर्मांतरण और निकाह कराने की नीयत से किया गया है।
घर से लापता हुई लड़की
परिजनों के अनुसार, यह घटना 28 जनवरी 2026 की है। उस दिन परिवार का एक रिश्तेदार सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था, जिसे देखने के लिए पूरा परिवार अस्पताल गया हुआ था।
घर में लड़की अकेली थी। शाम करीब 5 बजे वह पास की दुकान से सामान लाने के लिए निकली, लेकिन वापस नहीं लौटी।
जब लगभग दो घंटे बाद परिवार घर पहुंचा तो बेटी गायब थी। आसपास तलाश करने पर कोई सुराग नहीं मिला।
ग्रामीण की सूचना से सामने आया नाम
काफी खोजबीन के बाद एक ग्रामीण ने परिजनों को बताया कि उसने मोहम्मद सितारे को लड़की को बाइक पर बैठाकर ले जाते हुए देखा था।
इसके बाद परिवार ने तुरंत इस दिशा में खोज शुरू की और आरोपित के घर जाकर पूछताछ की, लेकिन वहां से उन्हें किसी तरह की मदद नहीं मिली।
पुरानी रंजिश से जुड़ा मामला
पीड़ित पिता का कहना है कि आरोपित और उनके परिवार के बीच पहले से विवाद चल रहा था। सितंबर 2025 में आरोपित पर हथियार के बल पर लूटपाट का आरोप लगा था,
जिसमें पीड़ित पिता की शिकायत पर उसे जेल भेजा गया था। करीब चार महीने बाद जेल से छूटने के बाद आरोपित द्वारा कथित रूप से परिवार को डराने-धमकाने की घटनाएं शुरू हुईं।
धमकी और दबाव के आरोप
परिवार का आरोप है कि आरोपित ने कई बार उन्हें सामाजिक और धार्मिक आधार पर धमकाने की कोशिश की।
पीड़ित पिता का कहना है कि उन्हें डराया गया और बेटी को लेकर आपत्तिजनक बयान दिए गए। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
आरोपित के परिजनों पर गंभीर आरोप
जब परिजन बेटी की तलाश में आरोपित के घर पहुंचे, तो वहां मौजूद उसके माता-पिता पर सहयोग करने के बजाय बदसलूकी और धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं।
पीड़ित परिवार का दावा है कि आरोपित के परिजनों ने साफ कहा कि लड़की को वापस नहीं किया जाएगा। इसके बाद 5 फरवरी को कमतौल थाने में औपचारिक एफआईआर दर्ज कराई गई।
पुलिस की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी है।
एसडीपीओ सदर-2 एस के सुमन ने बताया कि आरोपित का मोबाइल फोन बंद है, जिससे लोकेशन ट्रेस करने में परेशानी हो रही है।
आरोपित और उसका परिवार घर छोड़कर फरार है। संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
जल्द बरामदगी का दावा
पुलिस ने अदालत से वारंट जारी करवा लिया है और दावा किया है कि तकनीकी और मानवीय इनपुट के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि नाबालिग की सुरक्षित बरामदगी प्राथमिकता है और मामले में कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद इलाके में चिंता और बेचैनी का माहौल है।
स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द लड़की को सुरक्षित बरामद किया जाए और दोषियों को कड़ी सजा मिले, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

