London: लंदन के व्हाइटहॉल में 31 जुलाई को एक घटना हुई जहाँ 61 साल के बुजुर्ग ने अल्लाह के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए नारे लगाए। ये मामला लहभग पांच महीने पुराना है। आइये आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं।
लंदन के व्हाइटहॉल में 31 जुलाई को घटना हुई। इस हिसाब ये देखा जाए तो यह मामला लगभग पाँच महीने पुराना है। इसमें एक 61 वर्षीय डेविड स्प्रिंग ने पुलिस के खिलाफ हिंसक और भड़काऊ व्यवहार किया। करीब 700 लोगों की भीड़ के बीच उन्होंने ‘Who the f*** is Allah’ जैसे आपत्तिजनक नारे लगाए और पुलिस अधिकारियों को खुले आम धमकियां भी दीं। पुलिस कैमरों में रिकॉर्ड हुई इस घटना के आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया है और उनकी इस हरकत के लिए उन्हें 18 महीने की जेल भी हुई है।
London: क्यों हुआ था प्रदर्शन?
London: प्रोसीक्यूटर ने जानकारी दी कि यह विरोध प्रदर्शन डैनियल थॉमस नामक एक व्यक्ति द्वारा किया गया था। यह प्रदर्शन हुए इसलिये क्यूंकि दक्षिणल के एक आपराधिक मामले को लेकर गलत जानकारी फैला दी जिससे लोग उग्र हो गए। डेविड स्प्रिंग भीड़ के सबसे आक्रामक सदस्यों में से एक थे, जिन्होंने पुलिस अधिकारियों को अपशब्द कहे और इतना ही नहीं उन्होनें खुले आम पुलिस का अपमान भी किया।
डेविड ने अपना गुनाह कबूल किया
London: हालांकि बाद में ये घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गयी और बाद में उनका ये वीडियो कोर्ट में पेश किया गया। डेविड ने कोर्ट में अपने गुनाह को कबूल किया और अपने व्यवहार पर शर्मिंदगी जताते हुए माफ़ी मांगी। डेविड के वकील ने बताया कि डेविड 42 साल तक ट्रेन ड्राइवर रहे और अब अपनी वो अपनी बीमार पत्नी की देखभाल करते हैं। उन्होंने अदालत से माफी मांगते हुए कहा कि वह भीड़ के साथ बहक गए थे लेकिन उनका अल्लाह का अपमान करने जैसे कोई इरादा नहीं था। हालांकि, जज बेनेडिक्ट केलीहर ने डेविड को 18 महीने की जेल की सजा सुनाई है और अब वो जेल में है। जज ने कहा कि उनका आचरण दूसरों को भी हिंसा के लिए भड़का सकते थे और ऐसे मामलों में सख्त संदेश देना जरूरी बेहद आवश्यक है।