EPIC Project: टेक्सास में एक प्रस्तावित मुस्लिम शहर “EPIC सिटी” को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। यह शहर ईस्ट प्लानो इस्लामिक सेंटर (EPIC) द्वारा विकसित किया जा रहा था, जिसे “अमेरिका में इस्लाम का केंद्र” बताया जा रहा था।
इस प्रोजेक्ट को लेकर स्थानीय लोगों और टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट ने गंभीर आपत्तियाँ जताई हैं। सोमवार को कोलिन काउंटी कमिश्नर कोर्ट में सार्वजनिक बैठक के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जुटे और प्रोजेक्ट को अनुमति देने के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
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EPIC सिटी प्रोजेक्ट क्या है?
EPIC Project: ईस्ट प्लानो इस्लामिक सेंटर (EPIC) ने जोसेफिन, टेक्सास के पास 402 एकड़ जमीन खरीदी है, जहां वह एक मुस्लिम बहुल शहर बसाना चाहता है। इस शहर में एक नई भव्य मस्जिद, 1000 घर, स्कूल, शॉपिंग सेंटर और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। EPIC ने इसे एक ऐतिहासिक प्रोजेक्ट बताते हुए इसे 2026 या 2027 तक पूरा करने की योजना बनाई थी।

स्थानीय लोगों का विरोध और डर
EPIC Project: हालांकि EPIC सिटी जोसेफिन के आधिकारिक सीमा क्षेत्र से बाहर है, फिर भी स्थानीय लोगों ने इसे लेकर नाराजगी जाहिर की। बैठक में एक महिला ने कहा कि EPIC वहां लाउडस्पीकर सिस्टम लगाएगा जो दिन-रात अज़ान प्रसारित करेगा और यह लोगों की शांति भंग करेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले साल एक निर्माण स्थल की लापरवाही से पानी की सप्लाई खत्म हो गई थी। लोगों को आशंका है कि नया प्रोजेक्ट जल संकट को और गंभीर बना देगा।
‘शरिया कानून’ का डर और राजनीतिक बयानबाज़ी
EPIC Project: टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट ने इस प्रोजेक्ट को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि EPIC सिटी शरिया कानून को लागू करने की कोशिश कर रहा है, जिसमें धार्मिक नियम, विवाह, और अपराध की सजा जैसी चीजें इस्लामी कानून के तहत तय होंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि टेक्सास में न तो शरिया कानून लागू हो सकता है, न ही ‘नो गो जोन’ बनने की अनुमति दी जाएगी।

कानूनी कार्रवाई और निर्माण पर रोक
EPIC Project: गवर्नर एबॉट ने मंगलवार को एक आदेश जारी कर EPIC सिटी के निर्माण पर रोक लगा दी। टेक्सास कमिशन ऑन एनवायर्नमेंटल क्वालिटी (TCEQ) की जांच में सामने आया कि EPIC और उससे जुड़ी संस्थाओं ने निर्माण की वैधानिक मंजूरी नहीं ली थी। इसके बाद उन्हें एक चेतावनी पत्र जारी किया गया जिसमें साफ कहा गया कि बिना अनुमति निर्माण राज्य कानून का उल्लंघन है।
गंभीर आरोपों की झड़ी
गवर्नर एबॉट ने EPIC पर और भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि EPIC अवैध रूप से एक फ्यूनरल होम (शवगृह) चला रहा है और बिना लाइसेंस के मृतकों का अंतिम संस्कार कर रहा है। इसके लिए उन्हें “सीज एंड डीसिस्ट” नोटिस भेजा गया है।
इसके अलावा, राज्य सरकार ने EPIC की वित्तीय गतिविधियों की जांच भी शुरू कर दी है। आरोप है कि EPIC निवेशकों को गुमराह कर रहा है और राज्य के वित्तीय कानूनों का उल्लंघन कर रहा है।
स्थानीय लोग और धार्मिक पूर्वाग्रह
सार्वजनिक बैठक में कई लोगों ने आशंका जताई कि यह एक “सेल्फ-सेग्रेगेटेड कम्युनिटी” होगी जहां केवल मुस्लिम ही रहेंगे और सभी सुविधाएं मस्जिद से जुड़ी होंगी। एक महिला ने तो यहाँ तक कह दिया कि यह एक शरिया कंपाउंड बनेगा जहां बालिकाओं की शादी, पत्थर मारने की सजा और ऑनर किलिंग जैसे अमानवीय प्रथाएं लागू की जाएंगी। हालांकि इन बातों का कोई सबूत नहीं है, लेकिन फिर भी स्थानीय लोगों के मन में भय व्याप्त है।
EPIC की सफाई और प्रतिक्रिया
EPIC की ओर से एक बयान जारी कर कहा गया कि यह सारे आरोप गलत हैं और गवर्नर एबॉट की बातें “गलत जानकारी पर आधारित” हैं। संस्था का कहना है कि वे हर कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं और राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं ताकि सभी शंकाओं को दूर किया जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि EPIC सिटी में सभी का स्वागत है, चाहे उनकी धार्मिक आस्था कुछ भी हो।
भविष्य अधर में
फिलहाल, EPIC सिटी का भविष्य अधर में लटक गया है। कोई निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हुआ है और सभी योजनाएं रोक दी गई हैं। कोलिन काउंटी कमिश्नर कोर्ट 14 अप्रैल को अंतिम निर्णय लेगा कि EPIC को परमिट दिया जाए या नहीं। गवर्नर एबॉट का दावा है कि यह प्रोजेक्ट कभी पूरा नहीं होगा और इसे लेकर अभी और खुलासे किए जाएंगे।