Karnataka News: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देश के कई बड़े मुद्दों पर खुलकर बात की। उन्होंने औरंगजेब, दारा शिकोह, भारत की संस्कृति और बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रही हिंसा जैसे गंभीर मसलों पर आरएसएस का रुख साफ किया। दत्तात्रेय होसबले ने कहा कि भारत में औरंगजेब के भाई दारा शिकोह को कभी आइकॉन नहीं बनाया गया। जो लोग गंगा-जमुनी तहजीब की बात करते हैं, उन्होंने दारा शिकोह को आगे क्यों नहीं बढ़ाया?
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‘आक्रमणकारी मानसिकता रखने वाले देश के लिए खतरा’
दत्तात्रेय होसबले ने आगे कहा, “अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई को तो हम स्वतंत्रता संग्राम कहते हैं, लेकिन उनसे पहले जो आक्रांता आए, उनके खिलाफ जो युद्ध हुए, वो भी आजादी की लड़ाई ही थी। जैसे राणा प्रताप ने जो किया, वो भी स्वतंत्रता संग्राम था। जो लोग आक्रमणकारी मानसिकता रखते हैं, वो देश के लिए खतरा हैं। हमें तय करना है कि अपनी संस्कृति को किसके साथ जोड़ना है। ये देशी-विदेशी धर्म की बात नहीं, बल्कि सोच की बात है। यही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का दृढ़ विचार है। बहन निवेदिता क्रिश्चियन थीं, फिर भी वो भारत की होकर रह गईं।”
‘हमें अपने सही नायकों को चुनना होगा’
प्रेस कॉन्फ्रेंस में दत्तात्रेय होसबले ने कहा, “भारत के जो विरोधी रहे हैं, उन्हें आइकॉन नहीं बनाया जा सकता। गंगा-जमुनी तहजीब की बात करने वाले दारा शिकोह को याद क्यों नहीं करते? दिल्ली में औरंगजेब रोड को अब्दुल कलाम रोड बनाया गया, तो इसका मतलब समझना चाहिए। जो हमारी संस्कृति की बात करेंगे, उन्हें ही हम फॉलो करेंगे।” इसके साथ ही उन्होंने आक्रमणकारी सोच को देश के लिए खतरा बताया और कहा कि हमें अपने नायकों को चुनना होगा।
‘संविधान धर्म आधारित आरक्षण की अनुमति नहीं देता‘
मीडिया सूत्रों के अनुसार, बैठक में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रही हिंसा का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। RSS ने इसके खिलाफ एक प्रस्ताव पास किया। इसमें कहा गया, “बांग्लादेश में हिंदुओं और दूसरे अल्पसंख्यकों पर इस्लामी कट्टरपंथियों की सुनियोजित हिंसा, अन्याय और उत्पीड़न हो रहा है।” होसबले ने कहा कि हिंदुओं को वहाँ से पलायन नहीं करना चाहिए, लेकिन उनकी सुरक्षा जरूरी है। कर्नाटक सरकार की ओर से सरकारी ठेकों में मुसलमानों को 4 प्रतिशत आरक्षण देने के फैसले पर होसबोले ने कहा कि संविधान धर्म आधारित कोटा की अनुमति नहीं देता है।
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