Haryana जाटों का गढ़ हैं। वहां 25 ऐसे क्षेत्र है जिन्हें जाट बहुल इलाका माना जाता है। इस बार बीजेपी ने जाट-बेल्ट में भी अपना परचम लहराया है।
हरियाणा के चुनावी नतीजे चौंकाने वाले रहे हैं। बीजेपी ने हरियाणा में अपनी सरकार बना ली है। खास बात ये है कि इसमें जाट समुदाय का भी बड़ा योगदान रहा है। जाट बहुल इलाकों में बीजेपी ने 25 में से 13 सीटें हासिल की थी। बाकी बची सीटों में से 10 सीटें कांग्रेस के पास और 2 सीटें निर्दलीय के पास गयी है। इन विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने पिछले चुनावों से दो गुना ज्यादा सीटें हासिल की हैं।
सोशल मीडिया पर हो रही चर्चा
कल से सोशल मीडिया पर यह चर्चा हो रही है कि जाटों ने बीजेपी को जीत दिलाकर ये साबित कर दिया है कि ना तो वे अपना धर्म छोड़ेंगे और ना ही राज्य। इस बार के हरियाणा के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने जाट बाहुल्य इलाकों में मजबूत प्रदर्शन किया है। बीजेपी ने जाट बेल्ट की आधी सीटें अपने नाम कर लीं। पिछली बार की तुलना में इस बार भाजपा ने इन क्षेत्रों में दोगुनी सीटें जीतीं है।
योगी का बयान बना बीजेपी की जीत की चाबी
जहां कांग्रेस ने जाटों को बढ़ावा देने के लिए विनेश जैसे उम्मीदवारों को मैदान में उतारा, वहीं भाजपा के योगी आदित्यनाथ ने सभी को एकजुट करने का काम किया। हरियाणा में यूपी के सीएम योगी ने कहा था कि “बटेंगे तो कटेंगे ,”। उनके इस बयान ने सभी को एकजुट करके चुनावी बाजी पलट दी, जिससे कांग्रेस का दांव उन्हीं पर उल्टा पड़ गया। योगी के इस बयान का जाटों पर भी गहरा असर पड़ा, और भाजपा ने जाट बहुल सीटों पर कांग्रेस को पछाड़ते हुए 25 में से 13 सीटें जीतीं। इस जीत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जाट समुदाय का विश्वास अब भी भाजपा पर कायम है।