Thursday, January 29, 2026

US: अमेरिका में हमले में इस्तेमाल हुआ मोलोटोव कॉकटेल, जानें कितना खतरनाक

US: अमेरिका के एक शहर में इजरायल के समर्थन में हुए प्रदर्शन के दौरान हिंसक हमला हुआ, जिसने सभी को चौंका दिया। हमलावर ने मोलोटोव कॉकटेल और एक अस्थायी फ्लेमथ्रोवर का इस्तेमाल किया।

जिससे छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। ये सभी लोग जलने से पीड़ित हैं और अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं। इस हमले को एक “लक्षित आतंकी हमला” माना जा रहा है।

US: मोलोटोव कॉकटेल एक देसी बम

हमलावर की पहचान 45 वर्षीय मोहम्मद सबरी सोलिमन के रूप में हुई है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह हाथ में जलती हुई बोतल लेकर प्रदर्शनकारियों पर हमला करता दिखाई दे रहा है।

बताया गया है कि हमले के दौरान आरोपी स्वयं भी घायल हो गया और उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।

इस हमले में इस्तेमाल हुआ मोलोटोव कॉकटेल एक देसी बम जैसा हथियार है, जिसे शीशे की बोतल, पेट्रोल जैसे ज्वलनशील तरल और एक कपड़े की बाती से बनाया जाता है। आग लगाकर इसे किसी लक्ष्य की ओर फेंका जाता है, जिससे टकराने पर आग भड़क उठती है।

मोलोटोव कॉकटेल का नाम सोवियत संघ के विदेश मंत्री व्याचेस्लाव मोलोतोव के नाम पर पड़ा। 1939 में फिनलैंड और सोवियत संघ के बीच हुए शीतकालीन युद्ध में इसका पहली बार प्रयोग हुआ।

फिनलैंड ने इसे टैंकों को जलाने के लिए बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया और सरकारी शराब कंपनी ‘अल्को कॉर्पोरेशन’ ने लगभग 5 लाख ऐसे हथियार तैयार किए थे।

दंगों में होता है इस्तेमाल

इसके बाद मोलोटोव कॉकटेल दुनियाभर में कई आंदोलनों, दंगों और विरोध प्रदर्शनों में उपयोग किया जाता रहा है। इसे बनाना आसान, सस्ता और असरदार माना जाता है, हालांकि इसका उपयोग अवैध है और यह आम लोगों के लिए खतरनाक हो सकता है।

हमले के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। एफबीआई और स्थानीय पुलिस इसे आतंकी हमले के तौर पर गंभीरता से ले रही हैं और हमलावर के संपर्कों और मंशा की जांच की जा रही है। साथ ही, यह घटना अमेरिका में प्रदर्शन स्थलों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर रही है।

सुरक्षा में चूक

प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने में लगा है कि प्रदर्शन जैसे आयोजनों में लोगों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम हों। यह हमला केवल एक हिंसक घटना नहीं बल्कि समाज में बढ़ती कट्टरता और वैचारिक नफरत का संकेत भी है। ऐसे में जरूरी है कि सुरक्षा एजेंसियां सतर्क रहें और समाज में शांति बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएं।

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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