UP में बांग्लादेशी हिंदू परिवारों को मिला मालिकाना हक: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखीमपुर खीरी में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए दशकों से उपेक्षित विस्थापित परिवारों और जनजातीय समाज को मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने न केवल भूमि के पट्टे वितरित किए, बल्कि विकास की नई इबारत लिखते हुए करोड़ों की परियोजनाओं का उपहार भी दिया।
बांग्लादेशी हिंदू परिवारों को मिला मालिकाना हक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखीमपुर खीरी के सीमावर्ती क्षेत्र में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान बांग्लादेश से विस्थापित होकर आए 331 हिंदू परिवारों को जमीन के मालिकाना हक (पट्टा) के दस्तावेज सौंपे।
ये परिवार 1970 के दशक (1971 से 1978 के बीच) में धार्मिक उत्पीड़न और अपनी संपत्ति खोने के बाद भारत आए थे।
सीएम ने स्पष्ट किया कि ये परिवार केवल सीमा पार करके नहीं आए थे, बल्कि अपने साथ टूटे हुए सपने और अनिश्चित भविष्य की पीड़ा लेकर आए थे। अब उन्हें भारत की धरती पर स्थायी पहचान और सुरक्षा प्रदान की गई है।
मियांपुर बना अब रविंद्रनगर
कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए विस्थापितों की बस्ती का नाम बदलने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने इन परिवारों की पहचान छिपाने के लिए इनके गांव का नाम मियांपुर रख दिया था, जबकि वहां एक भी मिया (मुस्लिम) परिवार नहीं रहता था।
अब इस बस्ती का नाम राष्ट्रगान के रचयिता गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर के नाम पर रविंद्रनगर होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस बांग्लादेश ने इन्हें ठुकराया, भारत और पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने उन्हें गले लगाकर सम्मान दिया है।
पाकिस्तान पर कड़ा प्रहार
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान की विभाजनकारी राजनीति पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि पापी पाकिस्तान, जिसकी वजह से भारत का बंटवारा हुआ, उसके पहले भी टुकड़े हुए थे और भविष्य में भी उसके और अधिक टुकड़े होने वाले हैं।
सीएम ने कहा कि पाकिस्तान में आज भी हिंदुओं, सिखों, बौद्धों और जैनियों पर अत्याचार हो रहा है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि जब भी पड़ोसी देशों में अल्पसंख्यकों पर संकट आता है, उनकी उम्मीद की किरण केवल भारत होता है, और भारत उनके साथ न्याय करने के लिए हमेशा खड़ा है।
कांग्रेस और पिछली सरकारों पर तुष्टीकरण का आरोप
UP में बांग्लादेशी हिंदू परिवारों को मिला मालिकाना हक: योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने इन विस्थापित परिवारों को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया।
उन्होंने कहा कि दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने इन्हें मालिकाना हक नहीं दिया।
सीएम ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय हर जिले में माफिया और गुंडों का बोलबाला था, जिससे गरीब और वंचित वर्ग अपने अधिकारों से महरूम रहे।
उन्होंने वर्तमान सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का जिक्र करते हुए कहा कि अब यूपी में अराजकता का अंत हो चुका है।
थारू जनजाति का उत्थान और लक्ष्मीपुर की परिकल्पना
विस्थापितों के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने थारू जनजाति के 4556 परिवारों को भी भूमिधरी अधिकार पत्र वितरित किए।
उन्होंने कहा कि थारू समाज लंबे समय से अपने अधिकारों से वंचित था, जिसे उनकी सरकार ने मुख्यधारा में शामिल किया है।
जिले की समृद्धि का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि लखीमपुर अपनी उपजाऊ भूमि और मेहनती किसानों के कारण वास्तव में लक्ष्मीपुर कहलाने का हकदार है।
314 विकास परियोजनाओं की सौगात
UP में बांग्लादेशी हिंदू परिवारों को मिला मालिकाना हक: जिले के समग्र विकास को गति देने के लिए मुख्यमंत्री ने 314 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
इन परियोजनाओं में सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वच्छ पेयजल से संबंधित कार्य शामिल हैं।
सीएम ने भरोसा दिलाया कि बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य जन-जन का कल्याण है और आने वाले समय में लखीमपुर खीरी विकास के नए मानक स्थापित करेगा।
सीएम योगी ने यह भी कहा कि आप हिंदू थे, इसलिए आपको हिंदुस्तान ने ही गले लगाया। अधिकार के साथ आत्मसम्मान भी जरूरी है और हमारी सरकार यही सुनिश्चित कर रही है।
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