Trump Reciprocal Tariff: अमेरिका के राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस के एक नए दस्तावेज के मुताबिक भारत से आने वाले सामान पर लगने वाला रेसिप्रोकल टैरिफ 27% से घटाकर 26% कर दिया गया है। यह बदलाव 9 अप्रैल से लागू होगा।
इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अप्रैल को एक चार्ट जारी किया था, जिसमें भारत, चीन, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ जैसे देशों पर लगने वाले नए टैरिफ का ज़िक्र था।
Table of Contents
Trump Reciprocal Tariff: भारत लेता है 52 प्रतिशत टैरिफ
ट्रंप के पेश किये गए चार्ट के अनुसार भारत मुद्रा हेरफेर और व्यापारिक बाधाओं जैसे कारणों से लगभग 52 प्रतिशत का शुल्क लेता है। इसके जवाब में अमेरिका अब भारत से 26 प्रतिशत का रियायती जवाबी शुल्क वसूलेगा।
हालांकि पहले जारी किए गए दस्तावेजों में यह शुल्क 27 प्रतिशत बताया गया था, जिसे अब संशोधित कर 26 प्रतिशत कर दिया गया है।
1 प्रतिशत की कटौती
बिजनेस एक्सपर्ट के अनुसार शुल्क में एक प्रतिशत की यह कटौती बहुत अधिक प्रभाव नहीं डालेगी। वित्त वर्ष 2021-22 से 2023-24 तक अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा है। भारत के कुल वस्तु निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी लगभग 18 प्रतिशत, आयात में 6.22 प्रतिशत और द्विपक्षीय व्यापार में 10.73 प्रतिशत रही है।
वर्ष 2023-24 में भारत का अमेरिका के साथ वस्तुओं पर व्यापार अधिशेष 35.32 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जो 2022-23 में 27.7 अरब डॉलर, 2021-22 में 32.85 अरब डॉलर, 2020-21 में 22.73 अरब डॉलर और 2019-20 में 17.26 अरब डॉलर था।
दोनों देशों में चल रहा इंपोर्ट-एक्सपोर्ट
साल 2024 में अमेरिका को भारत के प्रमुख निर्यात में औषधि निर्माण व जैविक उत्पाद, दूरसंचार उपकरण, कीमती व अर्ध-कीमती पत्थर, पेट्रोलियम उत्पाद, सोना व अन्य कीमती धातुओं के आभूषण, रेडिमेड कॉटन कपड़े और लोहा व इस्पात के उत्पाद शामिल थे।
वहीं भारत ने अमेरिका से जिन प्रमुख वस्तुओं का आयात किया, उनमें कच्चा तेल, पेट्रोलियम उत्पाद, कोयला व कोक, कटे व पॉलिश किए हीरे, इलेक्ट्रिक मशीनरी, विमान, अंतरिक्ष यान व उनके पुर्जे और सोना शामिल है।