स्वामी आनंद स्वरूप
स्वामी आनंद स्वरूप आजकल सवर्णों के नेता के रूप में उभरे हैं, और UGC विरोधी आन्दोलन के चेहरे हैं। आज वे सवर्ण समाज के संघटन के नाम पर अपने जातिवादी एजेंडा को बढ़ा रहे हैं, इसके साथ ही अपने आपको एक सच्चा हिंदूवादी नेता के रूप में भी पेश करते हैं। पर,
खोजी पत्रकार विशाल माहेश्वरी ने जब स्वामी आनंद स्वरूप के इतिहास को खंगाला तो एक दूसरा ही सच सामने आया।
स्वामी आनन्द स्वरूप ने बनाई थी ‘भारतीय डेमोक्रेटिक पार्टी’
स्वामी आनन्द स्वरूप ने दिसम्बर 2016 में ‘भारतीय डेमोक्रेटिक पार्टी’ बनाई थी, वो इस पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक थे। कई चुनावों में अपने प्रत्याशी भी खड़े किए। ‘द्वारका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज के शिष्य स्वामी आनंद स्वरूप’ खुद प्रचार प्रसार की कमान भी सँभालते थे।

आनंद स्वरूप सवर्णों नहीं मजहबियों को देते थे टिकट ?
सवर्णों के तथाकथित नेता स्वामी आनन्द स्वरूप ने चुनाव में अपनी खुद की पार्टी से किसी ब्राह्मण, ठाकुर, बनिया नहीं.. शबनम एजाज, एजजुद्दीन, को टिकट दिया था। आज भले ही विरोध है लेकिन स्वामी जी के पार्टी के पोस्टर में डॉ. अम्बेडकर भी नजर आएंगे।


अम्बेडकर को अपशब्द कहने वाले आनंद स्वरूप अम्बेडकर को पहनाते थे माला
स्वामी आनन्द स्वरूप की पार्टी दलित, पिछड़ा, मुस्लिम महासम्मेलन भी आयोजित करती थी। डॉ. अम्बेडकर को भर भरकर गाली देने वाली सनातनी स्वामी आनन्द स्वरूप उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर रहे हैं।


आनंद स्वरूप मौलाना तौकीर रजा और ईरानी राष्ट्रपति के साथ एक मंच पर
अब मुसलमान विरोध करके भाजपा को सेकुलर पार्टी कहने वाले स्वामी आनंद स्वरूप मुस्लिम कट्टरपंथी मौलाना तौकीर रजा और ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी के साथ एक मंच पर देखे जा सकते हैं, यह कार्यक्रम पैगम्बर के सिद्धांत के लिए रखा गया था।

योगी के ईद न मनाने से खफा थे आनंद स्वरूप ? की थी शिकायत!
सनातनी और ‘जय हिंदू राष्ट्र’ नारा लगाने वाले आनन्द स्वरूप की बीडीपी घनघोर सेकुलर पार्टी थी। आनन्द स्वरूप जय बजरंगबली के साथ ‘या अली’ नारा लगाते। मदरसों का भ्रमण कर उनके जैसे ‘स्कूल’ गाँव गाँव खुलवाने का समर्थन करते।
आनंद स्वरूप ‘ईश्वर-अल्लाह’ का तराना गाते थे। साथ ही यूपी सीएम से ईद, क्रिसमस को भव्यता से मनाने की अपील करते। पटाखों को सनातन के खिलाफ बताते थे।



आनंद स्वरूप मांगते थे अलग पूर्वांचल राज्य
आनन्द स्वरूप आज सवर्ण देश मांग रहे हैं, इससे पहले तक पूर्वांचल राज्य माँगा करते थे।


खोजी पत्रकार विशाल माहेश्वरी ने किया भांडाफोड़
सवर्ण समाज के नेता बनने की कोशिश कर रहे आनंद स्वरूप के झूठे दावों को तब करारा झटका लगा जब खोजी पत्रकार विशाल माहेश्वरी ने उनके पुराने सारे क्रियाकलाप उजागर कर दिए, अब स्वामी आनंद स्वरूप से जवाब देते नहीं बन रहा है।
संन्यासी नहीं हैं आनंद स्वरूप ?
स्वामी आनंद स्वरूप ने हाल ही में कई लोगों के संन्यास पर प्रश्न उठा कर कहा था कि सब शंकराचार्य से सर्टिफिकेट लें तभी संन्यासी कहला सकते हैं। जबकि सूत्जरों के अनुसार स्वामी आनंद स्वरूप स्वयं संन्यासी नहीं हैं।
स्वरूप संन्यासी नहीं होते यह संन्यास के पहले केवल ब्रह्मचारी होते हैं। जिसमें सफेद वस्त्र भी पहन सकते हैं, जैसा कि स्वामी आनंद स्वरूप ने कई फ़ोटोज़ में पहना है, व काली जैकेट भी पहनी है, जबकि संन्यासियों के लिए भगवा के आलावा अन्य वस्त्र पहनना वर्जित है।

