Friday, February 6, 2026

श्रीगंगानगर में शादी के तीन महीने बाद पत्नी ने कराई पति की हत्या, किया लूट का नाटक

श्रीगंगानगर

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले से रिश्तों को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। शादी के महज तीन महीने बाद एक नवविवाहिता पर आरोप है कि उसने प्रेमी और उसके साथियों के साथ मिलकर पति की हत्या करवाई और फिर इसे सड़क हादसा तथा लूट की वारदात जैसा दिखाने की कोशिश की।

यह घटना इंदौर के चर्चित हनीमून मर्डर जैसे मामलों से मिलती जुलती बताई जा रही है। शुरुआती तस्वीर में यह हिट एंड रन लग रहा था, लेकिन कुछ घंटों के भीतर जांच की दिशा बदल गई। पोस्टमार्टम और मौके के संकेतों ने स्पष्ट कर दिया कि मामला साधारण दुर्घटना नहीं था।

अनूपगढ़ मार्ग पर टहलते दंपति को टक्कर की कहानी

घटना 30 जनवरी, शुक्रवार शाम की बताई गई, जब रावला थाना क्षेत्र में अनूपगढ़ मार्ग पर आशीष अपनी पत्नी अंजू के साथ टहलने निकला था। इसी दौरान एक वाहन ने उन्हें टक्कर मारने की बात सामने रखी गई। आशीष की मौके पर मौत बताई गई, जबकि पत्नी को बेहोश हालत में सड़क पर छोड़ दिया गया।

कहानी में यह भी जोड़ा गया कि अंजू के सोने के गहने लूट लिए गए और अज्ञात वाहन फरार हो गया। पत्नी ने बताया कि टक्कर के बाद लूट हुई और हमलावर भाग निकले। पहली नजर में यह पूरी घटना दुर्घटना और लूट का मिश्रित मामला लग रही थी।

पुलिस को शुरुआती स्तर पर ही विसंगतियां दिखीं

रात करीब 9 बजे सूचना मिली कि एक दंपति सड़क पर पड़ा है। पुलिस ने तुरंत घटनास्थल का सर्वे किया और वैज्ञानिक तरीके से जांच आगे बढ़ाई। फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए। इसी दौरान बयान और जमीनी हकीकत में विरोधाभास सामने आने लगे।

पुलिस को शक इसलिए भी गहराया क्योंकि जिस पत्नी के साथ हादसा होने का दावा किया गया, उसके शरीर पर एक खरोंच तक नहीं थी। दूसरी ओर मृतक के शरीर पर चोटों के निशान स्पष्ट थे। यही अंतर जांच का निर्णायक मोड़ बना और मामला संदिग्ध माना गया।

पोस्टमार्टम ने खोला राज, सड़क दुर्घटना जैसी चोटें नहीं

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि आशीष के शरीर पर लगी चोटें सामान्य सड़क दुर्घटना जैसी नहीं थीं। कई चोटें सीधे हमले की ओर इशारा कर रही थीं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि आशीष की बेरहमी से पिटाई की गई और बाद में उसका गला घोंटकर हत्या की गई।

इन्हीं निष्कर्षों के बाद पुलिस ने दुर्घटना की धारा से हटकर हत्या की आशंका पर तकनीकी जांच तेज की। घटनास्थल के निरीक्षण, एफएसएल रिपोर्टिंग, कॉल डिटेल और लोकेशन विश्लेषण ने साजिश की परतें खोलनी शुरू कर दीं। इसके बाद पूरा मामला सुनियोजित हत्या के रूप में उभरा।

कॉल रिकॉर्ड से प्रेम संबंध और साजिश का संकेत

जांच में सामने आया कि पत्नी नियमित रूप से संजय उर्फ संजू नाम के युवक के संपर्क में थी, जो उसके घर के पास ही रहता था। शादी के बाद भी बातचीत जारी थी और संबंध सामान्य नहीं चल रहे थे। जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि महिला शादी से खुश नहीं थी और प्रेमी के साथ रहना चाहती थी।

इसी पृष्ठभूमि में कथित रूप से हत्या की योजना बनाई गई। कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन और घटनाक्रम के मेल से यह निष्कर्ष निकला कि घटना वाली रात पति को जानबूझकर सुनसान सड़क की ओर ले जाया गया। वहां पहले से हमलावरों की मौजूदगी बताई गई।

सुनसान सड़क पर घात, झाड़ियों में छिपे आरोपी

जांच के मुताबिक 30 जनवरी की रात पत्नी आशीष को सुनसान सड़क पर ले गई। वहां झाड़ियों में संजू और उसके साथी रॉकी, जिसे रोहित के नाम से भी जाना जाता है, तथा बादल उर्फ सिद्धार्थ छिपे हुए थे। जैसे ही आशीष वहां पहुंचा, आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया।

बताया गया कि तीनों ने मिलकर डंडों से बेरहमी से पिटाई की और फिर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद घटनास्थल को दुर्घटना जैसा दिखाने के लिए शव और हालात को वैसा रचा गया कि टक्कर का भ्रम बने। यही वजह थी कि शुरुआत में मामला हिट एंड रन माना गया।

लूट का नाटक, मोबाइल और झुमके खुद सौंपने का आरोप

जांच में यह भी सामने आया कि लूट की कहानी मजबूत करने के लिए पत्नी ने आरोपियों को अपना फोन और झुमके दे दिए। उद्देश्य यह था कि लगे कि उसके साथ भी लूट हुई है और वह खुद पीड़िता है। हमले के बाद उसने सड़क पर बेहोश होने का नाटक किया, ताकि संदेह उससे हट जाए।

लेकिन आशीष के शरीर पर चोटों के निशान, घटनास्थल के संकेत और पत्नी के शरीर पर चोट न होना साजिश की ओर इशारा कर रहा था। यही तथ्य जांच में भारी पड़ गए। तकनीकी और फोरेंसिक पहलुओं ने दुर्घटना के दावे को कमजोर कर दिया और हत्या की पुष्टि की दिशा तय हुई।

पहले हादसा दर्ज, फिर हत्या का केस, चारों आरोपी गिरफ्तार

31 जनवरी 2026 को बजीरचंद नाम के व्यक्ति ने सूचना दी थी कि उनके भतीजे आशीष की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई। सूचना के आधार पर पुलिस ने पहले इसे सड़क हादसे के रूप में दर्ज कर जांच शुरू की। बाद में पोस्टमार्टम और सबूतों के आधार पर जांच का स्वरूप बदल गया।

जांच पूरी होने के बाद पत्नी, उसके प्रेमी और दोनों साथियों को हत्या की साजिश और वारदात में शामिल मानते हुए गिरफ्तार किया गया। आरोपियों में पत्नी अंजू उर्फ अंजली, प्रेमी संजय उर्फ संजू, रॉकी उर्फ रोहित और बादल उर्फ सिद्धार्थ के नाम सामने आए। मामला अब सुनियोजित हत्या और हादसे के नाटक के रूप में दर्ज किया गया।

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Mudit
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लेखक 'भारतीय ज्ञान परंपरा' के अध्येता हैं। वे पिछले एक दशक से सार्वजनिक विमर्श पर विश्लेषणात्मक लेखन कर रहे हैं। सांस्कृतिक सन्दर्भ में समाज, राजनीति, विचारधारा, शिक्षा, धर्म और इतिहास के प्रमुख प्रश्नों के रिसर्च बेस्ड प्रस्तुतिकरण और समाधान में वे पारंगत हैं। वे 'द पैम्फलेट' में दो वर्ष कार्य कर चुके हैं। वे विषयों को केवल घटना के स्तर पर नहीं, बल्कि उनके ऐतिहासिक आधार, वैचारिक पृष्ठभूमि और दीर्घकालीन प्रभाव के स्तर पर परखते हैं। इसी कारण उनके राष्ट्रवादी लेख पाठक को नई दृष्टि और वैचारिक स्पष्टता भी देते हैं। इतिहास, धर्म और संस्कृति पर उनकी पकड़ व्यापक है। उनके प्रामाणिक लेख अनेक मौकों पर राष्ट्रीय विमर्श की दिशा में परिवर्तनकारी सिद्ध हुए हैं। उनका शोधपरक लेखन सार्वजनिक संवाद को अधिक तथ्यपरक और अर्थपूर्ण बनाने पर केंद्रित है।
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