Saturday, March 28, 2026

स्मृति मंधाना बायोग्राफी: कैसे बनी भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे बड़ी स्टार

स्मृति मंधाना बायोग्राफी: उन्हें तेज बुखार था और सामने 204 रनों का बड़ा लक्ष्य था महिला प्रीमियर लीग के फाइनल का अब तक का सबसे मुश्किल लक्ष्य। स्टेडियम में 87,000 लोग देख रहे थे और करोड़ों दर्शक टीवी पर नजरें जमाए बैठे थे।

ऐसे दबाव भरे पल में स्मृति मंधना ने हिम्मत नहीं हारी और आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरीं। इसके बाद जो हुआ, वह बेहद खास था।

उन्होंने सिर्फ 41 गेंदों में 87 रन बनाए और जॉर्जिया वोल के साथ मिलकर 165 रनों की शानदार साझेदारी की।

उनकी इस पारी की बदौलत रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने WPL 2026 की ट्रॉफी जीत ली। यह सिर्फ एक जीत नहीं थी,

बल्कि उनके जज्बे और मजबूत इरादों की कहानी थी। उन्होंने यह साबित कर दिया कि असली ताकत शरीर में नहीं, बल्कि मन में होती है।

उस दिन उनकी पारी ने यह दिखा दिया कि वे सिर्फ एक बेहतरीन खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि एक सच्ची लीडर भी हैं।

महाराष्ट्र के छोटे से शहर सांगली से निकलकर भारत की सबसे बड़ी महिला क्रिकेटरों में शामिल होने तक का उनका सफर आसान नहीं रहा,

लेकिन उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। उनकी कहानी सच में हर किसी के लिए प्रेरणा है।

पर्सनल प्रोफाइल

श्रेणीविवरण
पूरा नामस्मृति श्रीनिवास मंधाना
जन्म तिथि18 जुलाई, 1996
आयु29 वर्ष (2025 के अनुसार)
जन्मस्थलमुंबई, महाराष्ट्र, भारत
गृहनगरसांगली, महाराष्ट्र, भारत
पिताश्रीनिवास मंधाना (रसायन वितरक एवं पूर्व जिला क्रिकेटर)
माँस्मिता मंधाना (गृहिणी)
भाई/बहनश्रवण मंधाना (बड़े भाई और पूर्व महाराष्ट्र अंडर-19 क्रिकेटर)
शिक्षाबैचलर ऑफ कॉमर्स – चिंतामन राव कॉलेज ऑफ कॉमर्स, सांगली
बल्लेबाजी शैलीबाएं हाथ का बल्लेबाज
भूमिकासलामी बल्लेबाज / उप-कप्तान (भारतीय महिला टीम)
डब्ल्यूपीएल टीमरॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (कप्तान)
जर्सी संख्या18

प्रारंभिक जीवन और पृष्ठभूमि

स्मृति मंधना का जन्म 18 जुलाई 1996 को मुंबई में हुआ, लेकिन उनका पालन-पोषण महाराष्ट्र के छोटे से शहर सांगली में हुआ। सांगली ऐसा शहर है जो अंतरराष्ट्रीय सितारों के लिए नहीं, बल्कि खेलों के प्रति अपने जुनून के लिए ज्यादा जाना जाता है।

बड़ी क्रिकेट अकादमियों और आधुनिक सुविधाओं से दूर, स्मृति ने साधारण मैदानों पर ही अपने खेल को निखारा। सीमित संसाधनों के बावजूद उनके अंदर सीखने की लगन और आगे बढ़ने का जज़्बा हमेशा बना रहा।

बहुत छोटी उम्र से ही उन्होंने शानदार टाइमिंग और खेल को समझने की गहरी क्षमता दिखाई।

परिवार के साथ क्रिकेट खेलते और देखते हुए उनका इस खेल के प्रति प्यार धीरे-धीरे और मजबूत होता गया, जो आगे चलकर उनके करियर की सबसे बड़ी ताकत बना।

परिवार और क्रिकेट की शुरुआत

स्मृति मंधना के परिवार में क्रिकेट के प्रति गहरा लगाव था। उनके पिता श्रीनिवास मंधाना जिला स्तर के क्रिकेटर रह चुके थे, जबकि उनके भाई श्रवण मंधाना ने अंडर-15 स्तर पर सांगली का प्रतिनिधित्व किया था।

अपने भाई को अभ्यास करते देख ही स्मृति को भी क्रिकेट को गंभीरता से लेने की प्रेरणा मिली। दिलचस्प बात यह है कि स्मृति स्वभाव से दाएं हाथ की हैं,

लेकिन वह बाएं हाथ से बल्लेबाजी करती हैं। यह फैसला उनके पिता के प्रोत्साहन पर लिया गया,

जो बाएं हाथ के बल्लेबाजों को खास मानते थे। उनकी मां स्मिता मंधाना ने हमेशा उनके खान-पान और दिनचर्या का ध्यान रखा, जबकि उनके पिता उनके खेल और प्रशिक्षण का मार्गदर्शन करते रहे।

परिवार के इस मजबूत सहयोग और समर्थन ने स्मृति के क्रिकेट सफर की नींव को बेहद मजबूत बनाया, जिसने आगे चलकर उन्हें एक सफल खिलाड़ी बनने में अहम भूमिका निभाई।

डोमेस्टिक क्रिकेट

स्मृति मंधना की प्रतिभा बहुत छोटी उम्र में ही सामने आ गई थी। सिर्फ 9 साल की उम्र में उनका चयन महाराष्ट्र की अंडर-15 टीम में हो गया था और 11 साल की उम्र तक वह अंडर-19 टीम का भी हिस्सा बन चुकी थीं।

इतनी कम उम्र में इस स्तर तक पहुंचना ही यह दिखाता है कि उनके अंदर कितनी खास प्रतिभा थी।

15 साल की उम्र में उन्होंने अपने दूसरे ही सीनियर मैच में 125 गेंदों पर 155 रन बनाए। यह पारी उनके आत्मविश्वास और बड़े स्तर पर खेलने की क्षमता का साफ संकेत थी, जिसने चयनकर्ताओं का ध्यान तुरंत उनकी ओर खींच लिया।

उनके करियर का सबसे बड़ा और यादगार मोड़ अक्टूबर 2013 में आया, जब उन्होंने पश्चिम जोन अंडर-19 टूर्नामेंट में गुजरात के खिलाफ 150 गेंदों में 224 रन बनाए।

इस शानदार पारी के साथ वह एक दिवसीय मैच में दोहरा शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बन गईं।

इस उपलब्धि को और भी खास बनाता है यह कि उन्होंने यह ऐतिहासिक पारी राहुल द्रविड़ द्वारा उपहार में दिए गए और साइन किए हुए बल्ले से खेली थी, जो उनके लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत था।

अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत

स्मृति मंधना ने महज 16 साल की उम्र में अप्रैल 2013 में बांग्लादेश के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। अपने पहले ही टी20 मैच में उन्होंने 39 रन बनाकर टीम की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाए, जिससे उनके आत्मविश्वास और शांत स्वभाव की झलक साफ दिखाई दी।

साल बाद उन्होंने इंग्लैंड के वर्म्सले मैदान पर टेस्ट डेब्यू किया और दूसरी पारी में महत्वपूर्ण 51 रन बनाकर भारत को विदेश में एक मुश्किल जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

शुरुआत में उन्होंने अपनी प्रतिभा जरूर दिखाई, लेकिन 2013 से 2015 के बीच उन्हें अक्सर अच्छी शुरुआत को बड़े और मैच जिताने वाले स्कोर में बदलने में कठिनाई हुई, जिसके कारण उन्हें आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा।

इसी दौरान, 2017 महिला विश्व कप से ठीक पहले ऑस्ट्रेलिया में महिला बिग बैश लीग के एक मैच के दौरान उन्हें एसीएल की गंभीर चोट लग गई।

इस चोट के कारण उनके विश्व कप खेलने पर सवाल उठने लगे थे। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। लगभग पांच महीने की कड़ी मेहनत और पुनर्वास के बाद वह समय पर टीम में वापस लौटीं।

विश्व कप में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए अपने पहले दो मैचों में 90 और नाबाद 106 रन बनाए, जिससे पूरी दुनिया का ध्यान उनकी ओर गया।

उनके इस प्रदर्शन की बदौलत भारत ICC Women’s Cricket World Cup 2017 के फाइनल तक पहुंचा और लॉर्ड्स जैसे बड़े मंच पर अपनी मजबूत पहचान बनाई।

वनडे, टेस्ट और टी20 क्रिकेट में प्रदर्शन

स्मृति मंधना ने 2017 विश्व कप के बाद लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए खुद को दुनिया की बेहतरीन बल्लेबाजों में शामिल कर लिया। फरवरी 2026 तक उनके आंकड़े तीनों फॉर्मेट में उनकी मेहनत और काबिलियत को साफ दिखाते हैं।

वनडे क्रिकेट में उन्होंने 118 मैच खेले हैं और लगभग 48 के औसत से 5,380 रन बनाए हैं, जिसमें 14 शतक और 35 अर्धशतक शामिल हैं।

साल 2025 उनके लिए खास रहा, जब वह एक ही साल में 1,000 से ज्यादा रन बनाने वाली पहली महिला बनीं और कुल 1,362 रन बनाकर नया रिकॉर्ड बनाया।

इसी साल उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिर्फ 50 गेंदों में शतक लगाकर सबसे तेज वनडे शतक का रिकॉर्ड भी बनाया। टेस्ट क्रिकेट में उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले, लेकिन 7 मैचों में उनका औसत 57 से ज्यादा रहा है

उनका सर्वोच्च स्कोर 149 रन है, जो उनकी मजबूत बल्लेबाजी को दिखाता है।टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया है।

दिसंबर 2025 में उन्होंने 4,000 रन पूरे किए और ऐसा करने वाली दूसरी महिला बनीं। जून 2025 में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 112 रन बनाकर अपना पहला टी20 शतक भी लगाया।

इन सबका सबसे बड़ा पल 2025 के अंत में आया, जब भारत ने ICC Women’s Cricket World Cup जीता। इस टूर्नामेंट में मंधाना ने उप-कप्तान के रूप में शानदार प्रदर्शन किया और 434 रन बनाकर टीम की सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी रहीं।

उनकी इस कामयाबी ने पूरे देश को गर्व महसूस कराया और महिला क्रिकेट को नई पहचान दिलाई।

डब्ल्यूपीएल यात्रा

स्मृति मंधना ने भारत में महिला प्रीमियर लीग शुरू होने से पहले ही फ्रेंचाइजी क्रिकेट में अपनी पहचान बना ली थी। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की महिला बिग बैश लीग में एडिलेड स्ट्राइकर्स और सिडनी थंडर के लिए खेलते हुए अपनी आक्रामक और निडर बल्लेबाजी शैली विकसित की।

जब 2023 में महिला प्रीमियर लीग की शुरुआत हुई, तो वह नीलामी की सबसे बड़ी खिलाड़ियों में से एक थीं। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने उन्हें ₹3.4 करोड़ में खरीदा और टीम का कप्तान बना दिया।

पहला सीजन उनके लिए आसान नहीं रहा। आरसीबी सिर्फ दो मैच जीत सकी और प्लेऑफ तक नहीं पहुंच पाई। इस दौरान कई लोगों ने सवाल उठाए कि क्या कप्तानी का दबाव उनके खेल को प्रभावित कर रहा है।

लेकिन स्मृति ने हार नहीं मानी। 2024 में उन्होंने शानदार वापसी की और आरसीबी को उसका पहला WPL खिताब दिलाया। वह टीम की टॉप रन स्कोरर में रहीं और अपने शांत और समझदारी भरे नेतृत्व से सभी आलोचकों को जवाब दिया।


2026 का सीजन उनके करियर का सबसे यादगार बन गया। फाइनल से पहले बीमार होने के बावजूद उन्होंने 41 गेंदों में 87 रन बनाए, 204 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने में टीम की मदद की और जॉर्जिया वोल के साथ 165 रनों की शानदार साझेदारी की।

उन्होंने पूरे सीजन में 377 रन बनाए, ऑरेंज कैप जीती और एक ही सीजन में चैंपियनशिप और सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड बनाने वाली पहली कप्तान बन गईं।

इसके अलावा, इंग्लैंड की लीग ‘द हंड्रेड’ में मेनचेस्टर ओरिगिनलस के साथ उनका जुड़ना यह दिखाता है कि आज वह दुनिया की सबसे बड़ी और भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल हैं।

प्रमुख रिकॉर्ड और उपलब्धियां

  • स्मृति मंधना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 10,000 रन बनाने वाली सबसे तेज महिला खिलाड़ी बनीं सिर्फ 280 पारियों में यह उपलब्धि हासिल कर उन्होंने मिथली राज का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
  • भारतीय महिला क्रिकेट में वनडे (ODI) में सबसे ज्यादा शतक (14) लगाने का रिकॉर्ड इससे पहले यह रिकॉर्ड भी मिथली राज के नाम था।

टेस्ट, वनडे और टी 20तीनों अंतरराष्ट्रीय फॉर्मेट में शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बनीं।

  • साल 2025 में एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय रन (1,703) बनाकर नया रिकॉर्ड कायम किया।

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की कप्तान के रूप में टीम को दो WPL खिताब जिताए, जो उनकी शानदार लीडरशिप को दिखाता है।

  • महिला प्रीमियर लीग में एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाकर ऑरेंज कैप जीती।

WPL 2026 फाइनल में जॉर्जिया वोल के साथ 165 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की, जो टूर्नामेंट के इतिहास की सबसे बड़ी साझेदारियों में से एक है।

नेट वर्थ और कमाई

Smriti Mandhana की अनुमानित कुल संपत्ति 2026 तक लगभग ₹34 करोड़ से ₹40 करोड़ (करीब $4–4.8 मिलियन) के बीच मानी जाती है।

यह न सिर्फ उनकी व्यक्तिगत सफलता को दर्शाता है, बल्कि महिला क्रिकेट के तेजी से बढ़ते व्यावसायिक महत्व को भी दिखाता है।

उनकी आय के मुख्य स्रोतों में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के साथ महिला प्रीमियर लीग में करीब ₹3.5 करोड़ प्रति सीजन का कॉन्ट्रैक्ट, BCCI का सालाना ₹50 लाख का ग्रेड A केंद्रीय अनुबंध और अलग-अलग फॉर्मेट में मिलने वाली मैच फीस शामिल है।

हालांकि, उनकी कमाई का सबसे बड़ा हिस्सा ब्रांड एंडोर्समेंट से आता है, जिससे उन्हें हर साल लगभग ₹6–7 करोड़ की आय होती है। 2025 विश्व कप जीत के बाद उनके एंडोर्समेंट फीस और बढ़ गए हैं, जो अब प्रति ब्रांड ₹1.5–2 करोड़ तक पहुंच चुके हैं।


वह स्पोर्ट्सवियर, फिनटेक, लाइफस्टाइल और कंज्यूमर प्रोडक्ट्स जैसे क्षेत्रों में 16–17 बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स से जुड़ी हुई हैं। सोशल मीडिया पर करीब 14.8 मिलियन फॉलोअर्स के साथ, वह Virat Kohli के बाद भारत की सबसे प्रभावशाली एथलीट्स में से एक हैं।

उनकी लोकप्रियता उन्हें सिर्फ महिला क्रिकेट ही नहीं, बल्कि पूरे देश में सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली खेल हस्तियों में शामिल करती है।

पुरस्कार और सम्मान

  • Smriti Mandhana को 2019 में अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया गया।
  • दो बार ICC महिला क्रिकेटर ऑफ द ईयर (2018 और 2021)।
  • तीन बार ICC महिला वनडे क्रिकेटर ऑफ द ईयर (2018, 2021 और 2024)।
  • BBC इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर (2025 के लिए सम्मानित, फरवरी 2026 में पुरस्कार मिला)।
  • विसडेन द्वारा 2024 के लिए विश्व की अग्रणी महिला क्रिकेटर नामित।
  • BCCI द्वारा 2025 के लिए सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेटर के रूप में सम्मानित।
  • BCCI नमन अवॉर्ड्स 2026 में उन्हें फिर से सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेटर चुना गया यह पांचवीं बार है जब उन्होंने यह सम्मान जीता, जो उनकी लगातार शानदार प्रदर्शन का प्रमाण है।

विवाद

स्मृति मंधना आमतौर पर विवादों से दूर रही हैं, लेकिन 2025 उनके लिए कुछ व्यक्तिगत और मैदान से जुड़े कठिन पलों वाला साल रहा।

शादी रद्द होने का मामला (2025): संगीतकार पलाश मुच्छल के साथ उनकी शादी 25 नवंबर 2025 को होने वाली थी, लेकिन समारोह से एक दिन पहले ही इसे अचानक रद्द कर दिया गया।

शुरुआत में स्वास्थ्य कारण बताए गए, लेकिन बाद में निजी मतभेदों की खबरें सामने आईं। पलाश मुच्छल ने इन आरोपों को खारिज किया और कानूनी नोटिस भी जारी किया। 7

दिसंबर 2025 को मंधाना ने एक छोटा बयान जारी कर शादी रद्द होने की पुष्टि की और अपनी निजता बनाए रखने की अपील की। क्रिकेट जगत ने इस मुश्किल समय में उनका समर्थन किया।

  • ऑनलाइन ट्रोलिंग और बॉडी-शेमिंग: इसी दौरान एक इवेंट की तस्वीरें वायरल होने के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर बॉडी-शेमिंग का सामना करना पड़ा। हालांकि, कई फैंस और साथी खिलाड़ियों ने उनके समर्थन में आवाज उठाई और इस तरह की आलोचना का विरोध किया।

डीआरएस विवाद: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व कप सेमीफाइनल में उनके आउट होने को लेकर विवाद हुआ। देर से लिए गए DRS (Decision Review System) में अल्ट्राएज स्पाइक दिखाई दिया, जिस पर उन्होंने सवाल उठाया।

इसके बावजूद उन्होंने फैसले को शांति से स्वीकार किया और बिना विवाद बढ़ाए मैदान छोड़ दिया। इन घटनाओं के बावजूद, मंधाना ने हमेशा संयम और गरिमा बनाए रखी, जो उनके मजबूत व्यक्तित्व को दर्शाता है।

स्मृति मंधाना के बारे में कम ज्ञात तथ्य

  • स्मृति मंधना को गेम खेलना पसंद है और टूर के दौरान वह तनाव कम करने के लिए बत्तलेग्राउंड्स मोबाइल इंडिया खेलती हैं।
  • उनका कहना है कि अगर वह क्रिकेटर नहीं होतीं, तो शेफ बनतीं। उन्होंने पंजाबी खाना बनाना भी सीखा है और पनीर टिक्का मसाला उनका पसंदीदा व्यंजन है।
  • वह अरिजीत सिंह की बहुत बड़ी प्रशंसक हैं और खाली समय में उनके गाने सुनती हैं।
  • उनके पसंदीदा घूमने की जगहों में स्विट्ज़रलैंड और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं।
  • वह कुमार संगक्कारा से प्रेरणा लेती हैं और विराट कोहली की काफी सराहना करती हैं।
  • शुरुआत में वह विज्ञान की पढ़ाई करना चाहती थीं, लेकिन पढ़ाई और क्रिकेट को साथ लेकर चलने के लिए उन्होंने वाणिज्य विषय चुना।
  • उन्होंने किशोरावस्था में राहुल द्रविड़ द्वारा दिए गए साइन किए हुए बल्ले से 224* रन की यादगार पारी खेली थी, जो उनके करियर का एक खास पल है।

विरासत और प्रभाव

स्मृति मंधना का प्रभाव सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट की पूरी तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभाई है। उनके उभरने से पहले महिला क्रिकेट को सम्मान तो मिलता था, लेकिन उसे उतनी लोकप्रियता और पहचान नहीं मिलती थी।

आज हालात बदल चुके हैं। ICC Women’s Cricket World Cup 2025 जैसे बड़े टूर्नामेंट्स को भारी संख्या में दर्शक मिल रहे हैं और देशभर की युवा लड़कियां अब लॉर्ड्स और मेलबर्न जैसे बड़े मैदानों पर खेलने का सपना देखने लगी हैं। इस बदलाव में मंधाना की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है।

सोशल मीडिया पर उनकी मजबूत पहचान, बड़े ब्रांड्स के साथ उनके जुड़ाव और खेल में समान वेतन व बेहतर सुविधाओं के लिए उनकी खुलकर आवाज उठाने की आदत ने महिला क्रिकेट को नई दिशा दी है।

BCCI की समान वेतन नीति जैसे बड़े फैसलों ने भी इस बदलाव को और मजबूत किया, और मंधाना लगातार महिला खिलाड़ियों को सही पहचान दिलाने के लिए आवाज उठाती रही हैं।

वह सिर्फ एक खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि नई पीढ़ी के लिए एक मार्गदर्शक भी हैं। सईमा ठाकोर और श्रेयांका पाटिल जैसी युवा प्रतिभाओं को उनका समर्थन यह दिखाता है कि वह भविष्य के क्रिकेट को संवारने में भी उतनी ही दिलचस्पी रखती हैं।

कई विशेषज्ञ उन्हें नेतृत्व के मामले में हरमनप्रीत कौर की स्वाभाविक उत्तराधिकारी मानते हैं, जो आने वाले समय में भारतीय महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती हैं।

लेखिका – नमिता देवड़ा

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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