Wednesday, April 8, 2026

धर्मांतरण विवाद: गरीब परिवारों को लालच देकर मजहब बदलवाने के आरोप, जांच में जुटी पुलिस

धर्मांतरण विवाद: सिद्धार्थनगर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी हलचल मचा दी है।

आरोप है कि गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर हिंदू परिवारों को पैसों और सरकारी योजनाओं का लालच देकर उनका धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है।

इस मामले को लेकर पूर्व मंत्री सतीश द्विवेदी ने गंभीर आरोप लगाए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

संगठित तरीके से निशाना बनाने का आरोप

पूर्व मंत्री का कहना है कि यह कोई एकल घटना नहीं, बल्कि एक संगठित प्रयास का हिस्सा हो सकता है। उनके अनुसार, जिस गाँव में यह मामला सामने आया है।

वह मुस्लिम बहुल है और वहाँ बड़ी संख्या में दलित हिंदू परिवार रहते हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। इसी स्थिति का फायदा उठाकर कुछ लोग इन परिवारों को निशाना बना रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि लोगों को आर्थिक मदद, सरकारी योजनाओं का लाभ और बेहतर जीवन का लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

इस तरह की गतिविधियाँ अगर सच साबित होती हैं, तो यह न सिर्फ कानून का उल्लंघन है, बल्कि सामाजिक संतुलन के लिए भी खतरा बन सकती हैं।

परिवार के भीतर से सामने आई कहानी

इस मामले में एक व्यक्ति रामप्रसाद उर्फ डकालू का नाम सामने आया है, जिसने कथित रूप से इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया है। बताया जा रहा है कि वह तीन भाइयों में से एक है।

प्रेस वार्ता के दौरान उसके दो भाई मौजूद थे, जिन्होंने दावा किया कि रामप्रसाद ने अपनी दो बेटियों के साथ धर्म परिवर्तन किया है।

उनके अनुसार, रमजान के दौरान उसने धार्मिक तौर-तरीकों को अपनाना शुरू कर दिया, जैसे टोपी पहनना, रोजा रखना और इस्लामी रीति-रिवाजों का पालन करना।

इस बदलाव ने परिवार और गाँव में चर्चा को और तेज कर दिया है।

किन लोगों पर लगे आरोप

इस पूरे मामले में मौलवी गुलाम हुसैन, पूर्व प्रधान हदीसउल्लाह और फारूक के नाम सामने आए हैं। आरोप है कि ये लोग मिलकर धर्मांतरण की इस प्रक्रिया में शामिल हैं।

हालांकि, अभी तक इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी।

पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश शुरू कर दी है।

अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पूरे मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।

जांच और सामाजिक प्रभाव

पूर्व मंत्री सतीश द्विवेदी ने प्रशासन से निष्पक्ष और सख्त जांच की मांग की है।

उनका कहना है कि यदि समय रहते इस तरह की गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई गई, तो इससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है और क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है।

वहीं, प्रशासन का कहना है कि कानून के तहत हर पहलू की जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

फिलहाल यह मामला संवेदनशील बना हुआ है और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now
Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
- Advertisement -
- Advertisement -

Latest article