शाहदरा में नाबालिग लड़कियों से छेड़छाड़: दिल्ली के शाहदरा जिले के फर्श बाजार इलाके में 27 दिसंबर 2025 की शाम एक दर्दनाक घटना हुई।
मामला बिहारी कॉलोनी के पास का है, जहाँ एक मुस्लिम लड़का जिसका नाम जुबेर बताया जा रहा है उसने, दो नाबालिक लड़कियों से अभद्रता की। जब लड़कियों ने इसका विरोध किया तो लड़का आक्रामक हो गया।
उसने लड़कियों के साथ-साथ उनके बचाव में आये उनके भाइयों से भी हिंसा करते हुए उनपर पथराव कर दिया। घटना के बाद पुरे इलाके में तनाव फ़ैल गया है।
क्या है पूरा मामला:
घटना 27 दिसंबर शनिवार की है, जब दो नाबालिग बहनें (एक की उम्र 16 साल की और दूसरी 14 साल की) अपने घर जा रही थीं। तभी एक 17 साल का नाबालिग मुस्लिम लड़का उनके पास आया और उनपर अभद्र टिप्पणी करने लगा।
जब लड़कियों ने इसका विरोध किया तो लड़का आक्रामक हो गया और उनके साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। जब घबराई हुई लड़कियों ने अपने घर पर इस बात की जानकारी दी तो उनके भाई भी लड़के के विरोध में सामने आए।
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, शिकायतकर्ताओं ने यह दावा किया है कि, विरोध करने पर आरोपियों ने परिजनों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।
घटना के बाद स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पथराव तक की नौबत आ गई। इस दौरान इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हिंसा और पथराव से फैली दहशत
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ समय के लिए शाहदरा का यह इलाका युद्धक्षेत्र जैसा दिखाई देने लगा।
दुकानों के शटर गिरा दिए गए और लोग अपने घरों में दुबकने को मजबूर हो गए। पथराव की वजह से कई वाहनों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचने की बात भी सामने आई है।
पुलिस जाँच जारी
दिल्ली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है।
जिसमें नाबालिग से छेड़छाड़, मारपीट, दंगा और पथराव, शांति भंग करने के आरोप शामिल बताए जा रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि CCTV फुटेज, चश्मदीदों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन की अपील: अफवाहों से बचें, कानून पर भरोसा रखें
शाहदरा में नाबालिग लड़कियों से छेड़छाड़ : घटना के बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया कि, किसी भी समुदाय को सामूहिक रूप से दोषी ठहराना गलत है और मामले की जांच कानून के दायरे में निष्पक्ष रूप से की जाएगी।
लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।
बड़ा सवाल: क्या हमारी बेटियाँ सुरक्षित हैं?
शाहदरा में नाबालिग लड़कियों से छेड़छाड़ : यह घटना एक बार फिर सोचने पर मजबूर करती है कि लड़कियों की सुरक्षा को लेकर समाज और सिस्टम कितना संवेदनशील है। ऐसे में सिस्टम को चाहिए की आरोप चाहे जो भी हो, किसी भी समुदाय से हो, उसे सख्त से सख्त सजा मिलनी ही चाहिए।
शाहदरा की यह घटना सिर्फ एक इलाके की नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। कानून का डर, सामाजिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता-इन तीनों की सख्त जरूरत है।

