Rajasthan News: राजस्थान की भजनलाल सरकार ने पूर्ववर्ती कांग्रेस की गहलोत सरकार के एक और फैसले को पलटते हुए जयपुर, जोधपुर और कोटा में दो-दो नगर निगमों को फिर से एक कर दिया है। स्वायत्त शासन विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी। इसके तहत नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 3, 5, 6 और 10 के तहत वर्तमान में कार्यरत दोनों निगमों का पुनर्गठन कर एक निगम का गठन किया गया है। यह अधिसूचना जयपुर, जोधपुर और कोटा के निगम बोर्ड के वर्तमान कार्यकाल पूर्ण होने की तिथि से प्रभावी होगी।
जयपुर में ग्रेटर और हेरिटेज नगर निगम होंगे एक
तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने 18 अक्टूबर 2019 को जयपुर नगर निगम को दो हिस्सों में विभाजित कर ‘नगर निगम जयपुर हेरिटेज’ और ‘नगर निगम जयपुर ग्रेटर’ का गठन किया था। अब स्वायत्त शासन विभाग द्वारा जारी नई अधिसूचना के तहत इन दोनों निगमों को एकीकृत कर ‘नगर निगम जयपुर’ के रूप में पुनर्गठित किया गया है। दोनों नगर निगम का वर्तमान कार्यकाल समाप्त होने के बाद यह अधिसूचना प्रभावी होगी।
कोटा और में जोधपुर भी अब एक होगा निगम
स्वायत्त शासन विभाग की अधिसूचना के अनुसार जोधपुर और कोटा में भी दो-दो निगमों को पुनः एक कर दिया गया है। इस बदलाव के बाद इन शहरों में अब पांच साल बाद फिर से एक मेयर और एक निगम का ढांचा लागू होगा। सरकार के इस कदम से प्रशासनिक निर्णयों में तेजी आएगी और विकास कार्यों में पारदर्शिता आएगी। इनका एकीकरण भी कार्यकाल समाप्त होने के बाद से प्रभावी होगा।
जयपुर में वार्ड होंगे 150, जोधपुर-कोटा में 100-100
सरकार के नए बदलाव के तहत जयपुर में वार्डों की संख्या 150 हो जाएगी, जबकि जोधपुर और कोटा में 100-100 वार्ड होंगे। एकीकृत नगर निगम बनने से पार्षदों का कार्यक्षेत्र बढ़ेगा, जिससे वे अपने क्षेत्र में ज्यादा प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे। इससे प्रशासनिक फैसले भी तेजी से होंगे और विकास कार्यों में पारदर्शिता आएगी। एक नगर निगम बनने से पार्षदों को व्यापक कार्यक्षेत्र मिलेगा और वे विकास कार्यों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।