Rajasthan News: राजस्थान में भजनलाल सरकार कोचिंग संस्थानों को कानूनी दायरे में लाएगी। सरकार ने बुधवार को ‘राजस्थान कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक-2025’ राजस्थान विधानसभा में पेश किया। उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमचंद बैरवा ने विधयेक सदन के पटल पर रखा। अब इस पर चर्चा होगी। बिल पास होने पर कोचिंग संस्थानों की मनमानी पर अंकुश लगेगा। पिछले सप्ताह प्रदेश में कोचिंग केन्द्रों पर प्रभावी नियंत्रण और विद्यार्थियों को मानसिक संबल और सुरक्षा देने की मंशा से मंत्रिमंडल की बैठक में बिल मंजूर किया गया था।
ये कहा उच्च शिक्षा मंत्री ने
डिप्टी सीएम एवं उच्च शिक्षा मंत्री बैरवा ने कहा कि कोचिंग छात्रों के अभिभावकों की शिकायतें व लगातार हो रही घटनाओं को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गंभीरता से लिया। हमने बिल सदन में पेश किया। कोचिंग संस्थानों पर नियंत्रण के लिए बिल लाए हैं। इसमें जिला स्तरीय कमेटी बनाने का प्रावधान है। राज्य स्तर पर भी कमेटी बनाएंगे। कोचिंग संस्थाओं का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। अनियमितता पाई तो कार्रवाई व बार-बार गलती करने पर कोचिंग बंद की जा सकेगी। बैरवा बोले कि चाहते हैं कि हमारे विद्यार्थियों की मानसिक स्थिति ठीक रहे। पर्सनलिटी का अच्छा डेवलपमेंट हो।अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सके। कोचिंग संस्थानों पर नियंत्रण लाने का पहला प्रयास है। जो कमियां रहेगी, उन्हें दूर करेंगे।
जानें विधयेक के मुख्य प्रावधान
(1) कोचिंग सेंटर्स को कानूनी दायरे में लाया जाएगा। छात्रों के लिए सुरक्षित, अनुशासित एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध होगा। अधिनियम के प्रारंभ की पश्चात कोई भी कोचिंग सेंटर वैध रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र प्राप्त किए बिना संचालित नहीं होगा।
(2) कोई भी कोचिंग संस्थान रजिस्ट्रीकरण की शर्तों को पूरा नहीं करता है तो पहली बार में 2 लाख रुपए व दूसरी बार में 5 लाख जुर्माना और तीसरी बार में रजिस्ट्रेशन रद्द होगा।
(3) कोचिंग संस्थान किसी भी विद्यार्थी को 5 घंटे से ज्यादा एक दिन में कोचिंग नहीं देंगे।
(4) कोई भी कोचिंग सेंटर भ्रामक विज्ञापन नहीं देगा और ना ही किसी तरह के अन्य विज्ञापनों में भाग लेगा।
(5) कोई भी विद्यार्थी पाठ्यक्रम की पूरी फीस जमा कर देता है और बीच में पढ़ाई छोड़ता है तो शेष अवधि के लिए पूर्व में जमा फीस दस दिन में वापस देनी होगी।
(6) हर कोचिंग सेंटर को विद्यार्थियों की मासिक स्वास्थ्य और जीवन कौशल में विकास के लिए काउंसिल सेशन करने होंगे।
(7) प्रस्तावित कानून के अस्तित्व में आने के बाद प्रत्येक कोचिंग संस्थान को रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा।
(8) प्रदेश में राजस्थान कोचिंग इंस्टीट्यूट्स (कंट्रोल एंड रेगुलेशन) अथॉरिटी का गठन होगा। उच्च शिक्षा विभाग के प्रभारी सचिव इसके अध्यक्ष होंगे। अथॉरिटी के अधीन हर जिले में जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में जिला समिति बनेगी।
(9) कोचिंग सेन्टर्स की व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाये जाने के लिए राज्य स्तरीय पोर्टल और विद्यार्थियों को काउंसलिंग के माध्यम से मानसिक संबल प्रदान करने के लिए 24×7 हेल्पलाइन भी स्थापित की जाएगी।