Rajasthan News: राजस्थान में अवैध भवनों के निर्माण पर रोक लगाने और नियमानुसार भवन निर्माण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नगरीय विकास विभाग और स्वायत्त शासन विभाग ने संयुक्त रूप से आदेश जारी किए हैं। आदेशों के तहत राज्य में अब केवल वैध रूप से निर्मित भवनों को ही सरकारी सुविधाएं और लाइसेंस मिल सकेंगे। यहां तक की बिजली, पानी और सीवरेज कनेक्शन पर भी रोक रहेगी। प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरण, आवासन मंडल, विकास न्यास और नगरीय निकायों के लिए स्वायत्त शासन विभाग और नगरीय विकास विभाग ने संयुक्त रूप से आदेश जारी किए।
नहीं मिलेंगे ट्रेड, फूड और बार लाइसेंस
स्थानीय निकाय विभाग के प्रमुख सचिव राजेश यादव और यूडीएच के प्रमुख सचिव वैभव कलारिया की ओर से जारी किए गए आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि अवैध भवनों में किसी भी प्रकार के लाइसेंस नहीं मिल सकेंगे। कोई भी विभाग अवैध भवनों में व्यवसाय के लिए लाइसेंस जारी नहीं करेगा। ट्रेड लाइसेंस, फूड लाइसेंस, बार लाइसेंस, विवाह स्थल संचालन आदि सभी लाइसेंस अब केवल वैध भवनों को ही मिलेंगे।
बिजली, पानी और सीवरेज कनेक्शन नहीं
स्थानीय निकाय विभाग के अनुसार नए नियमों के तहत जिन भवनों के पास कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं होगा। उन्हें बिजली, पानी और सीवरेज कनेक्शन भी नहीं मिलेंगे। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि आदेशों की पालना नहीं करने पर संबंधित अधिकारी और निर्माणकर्ता के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अवैध निर्माण सामने आने पर लाइसेंस का नवीनीकरण भी नहीं होगा। बैंकों से लोन भी केवल वैध भवनों को ही मिलेगा। मकान या दुकान खरीदने के लिए ऋण केवल तभी मिलेगा जब पूर्णता, अधिवास प्रमाण पत्र (कंप्लीशन सर्टिफिकेट) पेश किया जाएगा।
बिना प्रमाण पत्र वित्तीय संस्थाएं नहीं देंगी ऋण
यही नहीं बिना प्रमाण पत्र के बैंक और कोई भी वित्तीय संस्थाएं ऋण नहीं दे सकेंगी। यही नहीं कोई भी बिल्डर कंप्लीशन सर्टिफिकेट लिए बिना खरीदार को कब्जा नहीं दे सकेगा। भवन का निर्माण अनुमोदित नक्शे के अनुसार नहीं होने पर नगरीय निकाय या विकास प्राधिकरण प्रमाण पत्र जारी नहीं करेगा। भवन निर्माण स्थल पर नक्शा प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। बिल्डर को अनुमोदित नक्शा निर्माण स्थल पर प्रदर्शित करना होगा।