Farmers of Rajasthan expressed gratitude to CM: राज्य के परिवर्तित बजट के बाद अब मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा का विभिन्न संगठन आभार जता रहे हैं। युवाओं के बाद शुक्रवार को किसान भजन लाल का आभार जताने मुख्यमंत्री निवास पर पहुंचे। किसान ढोल-मंजीरे बजाते हुए सीएम निवास पहुंचे और अपनी खुशी जाहिर की। श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, सीकर, झुंझुनू, अजमेर, पाली, दौसा तथा अलवर सहित विभिन्न जिलों से आए किसानों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस बजट में सरकार की ओर से कृषक कल्याण के लिए भारी बजट का आवंटन यह दर्शाता है कि यह सरकार किसान हितैषी है। किसानों ने मुख्यमंत्री की प्रशंसा करते हुए ‘किसानों को मिला पूरा सम्मान, विकसित बनता राजस्थान’ जैसे नारे भी लगाए। उन्होंने मुख्यमंत्री को प्रतीक स्वरूप हल और बाजरे की फसल भेंट की।
किसानों के लिए सरकार कर रही ऐतिहासिक काम
इस दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसान देश के अन्नदाता हैं। राज्य सरकार भी किसानों को खुशहाल बनाने के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। हमने सरकार का गठन होते ही पूर्वी राजस्थान के लिए अति महत्वपूर्ण ईआरसीपी योजना के लिए केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार के साथ ऐतिहासिक समझौता किया। साथ ही शेखावाटी क्षेत्र की प्यास बुझाने के लिए यमुना जल समझौते को भी मूर्त रूप दिया, जबकि पूववर्ती सरकार ने इस संबंध में केंद्र और हरियाणा सरकार से कभी पत्र व्यवहार तक नहीं किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान सम्मान निधि को 6 हजार से बढ़ाकर 8 हजार रुपए करने तथा गेहूं की एमएसपी बढ़ाने तथा पशुपालकों के लिए गोपाल क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 1 लाख रुपए तक का ऋण देने जैसे निर्णय हमारी किसान एवं पशुपालक हितैषी नीति का प्रतीक हैं।
सर्वाधिक शासन करने वालों ने नहीं की किसान की चिंता
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश में प्राचीन काल से ही कृषि को उत्तम आजीविका का दर्जा दिया जाता रहा है, लेकिन देश में सबसे लंबे समय तक शासन करने वालों ने कभी किसानों की चिंता नहीं की। उन्होंने गांव और शहर में भेदभाव किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के दर्द को समझा और उनके जीवन स्तर में बदलाव के संकल्प के साथ कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू कीं। शर्मा ने कहा कि राज्य के परिवर्तित बजट 2024-25 में कृषि विकास एवं कृषक कल्याण के लिए 96 हजार करोड़ रुपए से भी अधिक का प्रावधान किया गया है।
कुसुम योजना से किसानों को दिन में मिलेगी बिजली
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में इंदिरा गांधी नहर परियोजना के द्वितीय चरण में 1 हजार 430 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के कार्य कराने, 1 लाख 45 हजार कृषि विद्युत कनेक्शन जारी करने तथा ऊंट पालकों को सहायता राशि बढ़ाकर 20 हजार रुपए प्रतिवर्ष करने सहित अनेक प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बजट में ‘कुसुम योजना’ के माध्यम से किसानों को दिन के समय में सिंचाई हेतु बिजली दिए जाने का कार्य वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे किसान भी दिन में खेती संबंधी कार्य निपटाकर सरकारी कर्मचारियों की तरह शाम को घर लौट सकेंगे।