Tuesday, February 17, 2026

राज शमानी बायोग्राफी: माइक के पीछे का मास्टरमाइंड, कैसे बना भारत का नंबर-1 पॉडकास्टर

राज शमानी बायोग्राफी: घर-घर जाकर साबुन बेचने वाला 16 साल का एक लड़का और वही इंसान जो बिल गेट्स और मिस्टर बीस्ट का इंटरव्यू ले चुका है इन दोनों में क्या समानता है? इसका जवाब न तो किस्मत है, न कोई अमीर या खास बैकग्राउंड और न ही हार्वर्ड की डिग्री।

सोचिए आपको इतनी बार “बेकार” कहा जाए कि आप खुद भी उस बात पर यकीन करने लगें।

आप कैमरे के सामने एक ही बात को 300 बार दोहरा रहे हों, सिर्फ इसलिए क्योंकि असली लोगों के सामने बोलने से डर लगता है।

वही इंसान 110 करोड़ रुपये से ज़्यादा का मीडिया साम्राज्य खड़ा कर रहा है, भारत का नंबर-1 बिज़नेस पॉडकास्ट होस्ट कर रहा है और देश के मंच पर प्रधानमंत्री का परिचय देने वाला पहला कंटेंट क्रिएटर बन चुका है।

यह कहानी है राज शमानी की एक ऐसे इंसान की जिसने सफलता की हर पुरानी परिभाषा को तोड़ दिया।

पर्सनल प्रोफाइल

विवरणजानकारी
पूरा नामराज शमानी
जन्म तिथि29 जुलाई, 1996
होमटाउनइंदौर
वर्तमान निवासमुंबई
पिता का नामनरेश शमानी
मां का नामरानी शमानी
भाई का नामराहुल शमानी (छोटा भाई)
वैवाहिक स्थितिअविवाहित
सोशल मीडिया फॉलोअर्सInstagram – 4.5M+ / YouTube – 4M+
कुल संपत्ति (2026)$11 मिलियन – $14 मिलियन (लगभग ₹95 करोड़ – ₹115 करोड़+)
प्राथमिक कंपनियाँहाउस ऑफ एक्स, शामानी इंडस्ट्रीज
शिक्षा (बीबीए)प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च
शिक्षा (एमबीए)एसपी जैन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च

वह लड़का जिस पर किसी को भरोसा नहीं था

राज शमानी का शुरुआती जीवन बहुत सादा और संघर्षों से भरा हुआ था। उनका जन्म एक मध्यमवर्गीय मारवाड़ी परिवार में हुआ, जहां परिवार की आर्थिक स्थिति एक छोटे से केमिकल बिज़नेस पर टिकी हुई थी।

उनके पिता नरेश शमानी ने सालों तक कड़ी मेहनत करके परिवार के लिए एक साधारण लेकिन ईमानदार आजीविका खड़ी की। ज़िंदगी आसान नहीं थी और हर दिन मेहनत की मांग करता था।

राज बचपन में काफ़ी संकोची थे और ज़्यादा बोलते नहीं थे और पढ़ाई में भी वे ज़्यादा अच्छे नहीं थे। कई बार टीचर्स और रिश्तेदार उन्हें “आलसी” और “दिशाहीन” कह देते थे।

आज हम इंटरनेट पर जिन चमकदार सक्सेस स्टोरीज़ को देखते हैं उनके बिल्कुल उलट, राज शमानी का शुरुआती जीवन आत्म-संदेह, कम नंबरों और इस एहसास से भरा था कि वह कहीं फिट नहीं बैठते।

वह संकट जिसने सब कुछ शुरू किया

राज शमानी जब सिर्फ 16 साल के थे, तभी उनकी ज़िंदगी ने अचानक करवट ले ली।

उनके पिता को डायबिटीज़ का गंभीर अटैक पड़ा और इलाज के भारी-भरकम बिल जमा होने लगे।

उसी समय 2008 की आर्थिक मंदी का असर भी उनके छोटे पारिवारिक बिज़नेस पर पड़ चुका था।

हालात पहले से ही खराब थे। न कोई बैकअप प्लान था, न कोई बचत जिस पर परिवार भरोसा कर सके।

राज को साफ़ समझ आ गया था कि अगर उसने अब कुछ नहीं किया, तो उनका परिवार सब कुछ खो सकता है। डर और ज़िम्मेदारी दोनों के बीच फँसे राज ने एक बड़ा फैसला लिया।

उन्होंने अपने पिता से 10,000 रुपये उधार लिए, यूट्यूब पर साबुन बनाने के वीडियो देखे और जादूगर ड्रॉप नाम से एक लिक्विड डिशवॉश लॉन्च किया जिसने आगे चलकर उनकी ज़िंदगी बदल दी।

उनके पास न तो विज्ञापन के पैसे थे और न ही बड़े ब्रांड्स से मुकाबला करने की ताकत। इसलिए उन्होंने एक अलग रास्ता चुना।

उन्होंने अपने आस-पास की गृहिणियों से संपर्क किया उन्हें अपना प्रोडक्ट बेचना सिखाया, कमीशन दिया और प्यार से उन्हें “आंटीप्रेन्योर” कहा।

इस छोटे लेकिन दमदार आइडिया ने भरोसे और रिश्तों पर आधारित एक मज़बूत डोर-टू-डोर सेल्स नेटवर्क खड़ा कर दिया।

तरीका साधारण था, लेकिन सोच बिल्कुल अलग और यह काम कर गया। कुछ ही सालों में राज ने अपने स्टार्टअप को अपने पिता के बिज़नेस के साथ जोड़कर शमानी इंडस्ट्रीज की नींव रखी।

फैक्ट्री से फॉलोअर्स तक का सफर


राज शमानी ने सिर्फ 20 साल की उम्र तक एक सफल मैन्युफैक्चरिंग बिज़नेस खड़ा कर लिया था।

ज़्यादातर लोग यहीं रुक जाते, लेकिन राज कुछ और ही करना चाहते थे। उन्हें अपना भविष्य अलग दिशा में दिख रहा था।

साल 2021 में उन्होंने एक बड़ा और साहसी फैसला लिया। मैन्युफैक्चरिंग की दुनिया से निकलकर फुल-टाइम कंटेंट क्रिएशन में कदम रखा।
इसी सफर में उन्होंने फीगरिंग आउट नाम का पॉडकास्ट शुरू किया जिसने भारत में बिज़नेस बातचीत के तरीके को ही बदल दिया।

इसका आइडिया बहुत सिंपल था। देश के टॉप एन्त्रेप्रेंयूर्स , सेलेब्रिटीज़, खिलाड़ियों और नेताओं के साथ बैठकर खुलकर बात करना।

बिना दिखावे के, बिना घुमाए-फिराए, सिर्फ असली सीख और रियल एक्सपीरियंस।

“फिगरिंग आउट” पॉडकास्ट का राइज


2026 की शुरुआत तक फीगरिंग आउट भारत में सिर्फ एक पॉडकास्ट नहीं रहा, बल्कि लोगों की ज़िंदगी का हिस्सा बन चुका था।

14.8 मिलियन से ज़्यादा यूट्यूब सब्सक्राइबर्स और 540 से अधिक एपिसोड्स के साथ, यह पॉडकास्ट भारत में स्पॉटिफ़ाई और यूट्यूब दोनों प्लेटफॉर्म्स पर नंबर-1 पर रहा।

दिलचस्प बात यह है कि इसने भारत में सुनने वालों की संख्या के मामले में Joe Rogan Experience जैसे ग्लोबल शो को भी पीछे छोड़ दिया।

यह तेज़ और लगातार बढ़त दिखाती है कि जब बातचीत सच्ची, सीधी और ज़मीन से जुड़ी होती है, तो पॉडकास्ट भारतीय दर्शकों से कितनी गहराई से जुड़ सकता है।

दुनिया के लीडर्स, एक ही मंच पर


इस शो में भारतीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े नामों का शानदार मेल देखने को मिलता है।

बिल गेट्स — एआई और भारत के डिजिटल भविष्य पर बातचीत
मिस्टर बीस्ट — क्रिएटर इकॉनमी और कंटेंट की ताकत पर चर्चा
एम्स धोनी — लीडरशिप और विरासत पर सीख

  • विजय मल्ल्या — 4 घंटे का ऐतिहासिक इंटरव्यू, जिसे चार दिनों में 2 करोड़ से ज़्यादा व्यूज़ मिले।
  • आमिर खान, करन जोहर, निखिल कमठ, अशनीर ग्रोवर और एस. जयशंकर जैसे कई बड़े नाम भी इस पॉडकास्ट का हिस्सा रहे हैं।
  • इस पॉडकास्ट की सबसे बड़ी खासियत इसका मकसद है। राज शमनी इसे “सीधी और साफ़ बातचीत की यूनिवर्सिटी” मानते हैं जहां भारत के युवाओं को बिज़नेस और ज़िंदगी के बड़े सबक बिल्कुल मुफ्त मिलते हैं।
  • हर एपिसोड में उनका एक ही साफ़ संदेश होता है। आने वाला दशक भारत का सुनहरा दौर है और जो लोग आज तैयारी करेंगे,
  • वही कल का भविष्य बनायगे। माइक से आगे की सोच: हाउस ऑफ एक्स और एंजेल इन्वेस्टिंग

  • जहां ज़्यादातर पॉडकास्टर कमाई के लिए विज्ञापनों और ब्रांड स्पॉन्सरशिप पर निर्भर रहते हैं, वहीं राज शमानी ने इससे आगे सोचते हुए असली बुनियादी ढांचा तैयार किया।

  • साल 2023 में उन्होंने House of X की शुरुआत की । यह एक क्रिएटर-नेतृत्व वाला प्लेटफॉर्म है, जो इन्फ्लुएंसर्स को सिर्फ़ 7 दिनों में अपना डायरेक्ट-टू-कंज़्यूमर (D2C) ब्रांड लॉन्च करने में मदद करता है वो भी सप्लाई, लॉजिस्टिक्स और टेक सपोर्ट के साथ।
  • हाउस ऑफ एक्स ने लिघ्टस्पीड वेंचर पार्टनर्स, अशनीर ग्रोवर और रजोरपाय व मामयार्थ के संस्थापकों जैसे बड़े निवेशकों से 3.09 मिलियन डॉलर की सीड फंडिंग जुटाई।

इसी समय, राज एक सक्रिय एंजेल इन्वेस्टर के रूप में भी उभरे। उन्होंने फिनटेक स्टार्टअप्स जैसे विंट वेल्थ और डेसीमल, एडटेक में ग्रोथस्कूल और क्लास्सप्लोस और लाइफस्टाइल सेक्टर में मैनस्ट्रीट मार्केटप्लेस जैसे स्टार्टअप्स का समर्थन किया।

2026 तक राज शमानी की कुल संपत्ति का अनुमान 11–14 मिलियन डॉलर (लगभग ₹95–115 करोड़) लगाया जाता है।

उनकी सालाना कमाई पॉडकास्टिंग, मैन्युफैक्चरिंग, पब्लिक स्पीकिंग और इक्विटी वैल्यू ग्रोथ से मिलकर लगभग ₹60–70 करोड़ मानी जाती है।

प्रमुख उपलब्धियां और राष्ट्रीय पहचान

नेशनल क्रिएटर अवार्ड (2024)
नरेंद्र मोदी से सम्मानित हुए और भारत मंडपम में राष्ट्रीय मंच पर प्रधानमंत्री का परिचय कराने वाले पहले कंटेंट क्रिएटर बने।

  • 4 बार TEDx वक्ता:
    TEDx के मंच पर चार बार एन्त्रेप्रेंयूर्शिप और पर्सनल ब्रांडिंग पर अपने विचार साझा किए।
  • फोर्ब्स इंडिया 30 अंडर 30 (2023):
    फोर्बेस इंडिया की 30 अंडर 30 सूची में विज्ञापन, मार्केटिंग और मीडिया कैटेगरी में शामिल।
  • वैश्विक टॉप 100 पॉडकास्टर्स में जगह:
    2026 की शुरुआत तक दुनिया के टॉप 100 पॉडकास्टर्स में शामिल होने वाले एकमात्र भारतीय बने।
  • व्यक्तित्व अधिकारों पर कानूनी जीत (2025):
    दिल्ली हाई कोर्ट में ऐतिहासिक केस जीतकर अपनी आवाज़ और छवि को AI के गलत इस्तेमाल से सुरक्षित किया, जिससे भारत में एक नई कानूनी मिसाल बनी।
  • पहले कंटेंट क्रिएटर ब्रांड एंबेसडर:
    ASUS के एक्सपर्टबुक के लिए नियुक्त हुए, यह दिखाता है कि अब कंटेंट क्रिएटर्स को भी पारंपरिक सेलेब्रिटीज़ जितनी पहचान और अहमियत मिल रही है।

वह सोच जो उन्हें आगे बढ़ाती है

राज शमनी की सफलता किसी ट्रिक या शॉर्टकट का नतीजा नहीं है। यह एक बहुत ही सरल लेकिन दमदार सोच पर टिकी है:

“एक बड़े समंदर में छोटी मछली बनने से बेहतर है एक छोटे तालाब में बड़ी शार्क बनना।”
राज मानते हैं कि हर किसी को सब कुछ करने के बजाय एक खास क्षेत्र चुनकर उसमें माहिर बनना चाहिए।

वे लगातार काम करने, सीखते हुए आगे बढ़ने और करके सीखने पर ज़ोर देते हैं सिर्फ़ बातें करने पर नहीं। उनकी बेस्टसेलिंग किताब बिल्ड, डोंट टॉक में वे भारत की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हैं।

किताब बताती है कि कैसे स्कूल असल ज़िंदगी की ज़रूरी स्किल्स जैसे बातचीत करना, बिक्री समझना और पैसे की समझ के बजाय रटने पर ज़्यादा ध्यान देते हैं।

राज शमानी के बारे में कुछ कम जानी जाने वाली बातें

-पब्लिक स्पीकिंग में कॉन्फिडेंस आने से पहले वे 300 से ज़्यादा बार असफल हुए।
-अंग्रेज़ी कभी उनके लिए एक बड़ी चुनौती थी।

  • उनकी पहली सेल्स टीम पूरी तरह स्थानीय गृहिणियों से बनी थी।
  • उन्होंने महीनों तक अकेले कैमरे के सामने भाषण का अभ्यास किया।
  • करियर की शुरुआत में उन्होंने अच्छी सैलरी वाले ऑफ़र्स ठुकरा दिए, ताकि वे असर बनाने पर फोकस कर सकें।
    ये छोटी-छोटी बातें ही बताती हैं कि राज शमानी की कहानी सिर्फ़ सफलता की नहीं, बल्कि लगातार मेहनत और सही सोच की कहानी है।

आज के दौर में जहाँ लोग रातों-रात मशहूर होने और वायरल शॉर्टकट्स के पीछे भाग रहे हैं, राज शमनी की कहानी एक अलग और सच्ची मिसाल पेश करती है।

यह सफलता किसी ट्रेंड पर नहीं , बल्कि असल वैल्यू बनाने पर टिकी है जो समय के साथ हमेशा रहती है।

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इस बायोग्राफी की लेखिका हैं नमिता देवड़ा।

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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