Tuesday, January 13, 2026

पूर्णिया में हैवानियत की हदें पार: नशे के सौदागरों ने उजाड़ी एक और निर्भया की दुनिया

बिहार के पूर्णिया जिले से सामने आई आर्केस्ट्रा डांसर के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है।

यह केवल एक युवती के साथ हुआ जघन्य अपराध नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था पर सीधा सवाल है जो महिलाओं की सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करती है।

नशे, जबरदस्ती और हवस का यह खौफनाक संगम किसी फिल्मी कहानी जैसा नहीं, बल्कि बिहार की धरती पर घटी एक भयावह सच्चाई है।

घर लौटती युवती बनी दरिंदों का शिकार

पूर्णिया में हैवानियत की हदें पार: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह दिल दहला देने वाली वारदात शनिवार, 10 जनवरी 2026 की रात की है।

24 वर्षीय युवती, जो पेशे से आर्केस्ट्रा डांसर है, पूर्णिया के नेवलाल चौक से पैदल अपने घर लौट रही थी।

तभी एक चार पहिया वाहन में सवार छह युवकों ने उसे रास्ते में रोक लिया। विरोध करने पर आरोपियों ने उसका मुंह दबाया, जबरन वाहन में खींचा और बरियार चौक स्थित जोया ट्रेडर्स नामक शोरूम के एक सुनसान कमरे में ले गए।

सुनसान कमरे में रची गई हैवानियत की साज़िश

आरोप है कि युवती को वहां बंधक बनाकर जबरन शराब पिलाई गई, जिससे वह नशे की हालत में चली गई।

इसके बाद आरोपियों ने उसे पूरी रात जबरन नाचने पर मजबूर किया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई।

जब वह शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी थी, तब छह युवकों ने बारी-बारी से उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।

यह पूरी वारदात सुनियोजित थी, ताकि पीड़िता न तो बच सके और न ही मदद के लिए आवाज उठा सके।

घटना के बाद युवती को जान से मारने की धमकी दी गई। सामाजिक बदनामी, पेशे से जुड़ी रूढ़िवादी सोच और अपराधियों का खौफ इन सबने मिलकर उसे खामोश करने की कोशिश की।

लेकिन कहते हैं न, साहस जब जागता है तो सबसे बड़े डर को भी तोड़ देता है।

पीड़िता ने दी हिम्मत की मिसाल

पूर्णिया में हैवानियत की हदें पार: दरिंदगी की रात के बाद पांच आरोपी मौके से फरार हो गए, जबकि मुख्य आरोपी मोहम्मद जुनेद आलम नशे की हालत में वहीं सो गया।

गंभीर रूप से घायल और बदहवास होने के बावजूद पीड़िता ने असाधारण साहस दिखाया।

उसने आरोपी का मोबाइल फोन उठाया और डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को अपनी लोकेशन और पूरी आपबीती बता दी।

सुचना मिलते ही पुलिस की त्वरित कार्रवाई

सूचना मिलते ही डगरूआ थाना की गश्ती पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। कमरे के बाहर ताला लगा देख पुलिस ने लोहे की रॉड और ईंटों की मदद से दरवाजा तोड़ा।

अंदर का दृश्य रोंगटे खड़े करने वाला था, पीड़िता खून से लथपथ हालत में पड़ी थी और आरोपी पास में सो रहा था।

पुलिस ने तत्काल मुख्य आरोपी मोहम्मद जुनेद को गिरफ्तार कर लिया और पीड़िता को इलाज के लिए पूर्णिया जीएमसीएच भेजा।

पुलिस ने पुष्टि की है कि यह सामूहिक दुष्कर्म का मामला है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि बाकी पांच आरोपियों की पहचान कर ली गई है।

उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है और लगातार छापेमारी जारी है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

क्या आर्केस्ट्रा डांसर होना कोई अपराध है?

पूर्णिया में हैवानियत की हदें पार: यह घटना समाज की उस गंदी सोच को भी उजागर करती है, जिसमें आर्केस्ट्रा में काम करने वाली महिलाओं को कमतर नजरों से देखा जाता है।

क्या किसी महिला का पेशा उसकी इज्जत और सुरक्षा के अधिकार को छीन लेता है? कानून की नजर में हर महिला समान है चाहे वह किसी भी पेशे से जुड़ी हो।

अपराधियों की यह मानसिकता कि ऐसी महिलाएं “आसान शिकार” होती हैं, समाज के लिए बेहद खतरनाक है।

शराबबंदी पर खड़ा हुआ बड़ा सवाल

पूर्णिया में हैवानियत की हदें पार: बिहार में शराबबंदी के बावजूद इस घटना में जबरन शराब पिलाया जाना कानून की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े करता है।

अगर शराब बंद है, तो फिर अपराधियों तक यह कैसे पहुंच रही है? क्या कानून सिर्फ कागजों में ही सख्त है?

यह घटना यह भी दिखाती है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में कार्यक्रमों के नाम पर चलने वाली आर्केस्ट्रा संस्कृति कितनी असुरक्षित हो चुकी है।

काम करने वाली महिलाओं के लिए न तो कोई निगरानी है और न ही कोई ठोस सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किये गए है।

यह लड़ाई सिर्फ एक महिला की नहीं

लोगों का कहना है कि सिर्फ गिरफ्तारी काफी नहीं है। जरूरत है त्वरित सुनवाई और दोषियों को ऐसी सजा देने की, जो समाज में एक मजबूत संदेश दे। साथ ही, पीड़िता को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक सहायता देना भी उतना ही जरूरी है।

पूर्णिया की यह घटना हमें याद दिलाती है कि महिलाओं की सुरक्षा केवल कानून बनाने से नहीं, बल्कि सोच बदलने से आएगी।

यह लड़ाई सिर्फ एक आर्केस्ट्रा डांसर की नहीं, बल्कि हर उस महिला की है जो अपने सपनों और परिवार के लिए घर से बाहर निकलती है।

अगर आज हम चुप रहे, तो कल कोई और शिकार बनेगा। अब वक्त है सवाल पूछने का, जवाब मांगने का और इंसाफ सुनिश्चित करने का।

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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