पुणे के रेड लाइट इलाके में सर्च ऑपरेशन: महाराष्ट्र के पुणे शहर के चर्चित बुधवार पेठ रेड लाइट इलाके में 10 फरवरी को पुलिस ने बड़े स्तर पर कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया।
इस कार्रवाई का मकसद इलाके में चल रही संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाना, मानव तस्करी के मामलों की जांच करना और अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान करना था।
पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार के निर्देश पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर जांच की गई।
नाबालिगों को हिरासत में लिया
पुणे के रेड लाइट इलाके में सर्च ऑपरेशन: ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने दो संदिग्ध बांग्लादेशी महिलाओं को हिरासत में लिया। इनके दस्तावेजों की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे कानूनी रूप से भारत में रह रही थीं या नहीं।
इसके अलावा कुछ नाबालिग लड़कियां भी मिलीं, जिन्हें सुरक्षा के लिहाज से तुरंत फराखाना पुलिस स्टेशन ले जाया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नाबालिगों की पहचान और पृष्ठभूमि की जांच के साथ-साथ उनकी काउंसलिंग भी कराई जा रही है,
ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे किसी तस्करी या जबरन गतिविधि का शिकार न हों।
इमारतों और वाहनों की सघन जांच
पुलिस टीमों ने इलाके की 50 से अधिक इमारतों में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान कुल 426 महिलाओं और 290 पुरुषों की पहचान की जांच की गई।
इसके साथ ही रेड लाइट क्षेत्र में आने-जाने वाले सैकड़ों वाहनों की भी चेकिंग की गई।
पुलिस का कहना है कि यह अभियान पूरी योजना और खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया गया था, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत पकड़ा जा सके।
ड्रग्स के साथ युवक गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस को एक युवक संदिग्ध हालत में मिला। तलाशी लेने पर उसके पास से चरस और नशीले इंजेक्शन बरामद हुए।
पुलिस ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ मादक पदार्थ कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार ड्रग्स की सप्लाई चेन और उसके संपर्कों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस का बयान और आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह ऑपरेशन किसी विशेष व्यक्ति या समूह को निशाना बनाने के लिए नहीं बल्कि इलाके में कानून व्यवस्था मजबूत करने के लिए चलाया गया था।
उनका कहना है कि रेड लाइट क्षेत्रों में अक्सर मानव तस्करी, अवैध दस्तावेज और नशे से जुड़ी गतिविधियों की शिकायतें मिलती रहती हैं, इसलिए समय-समय पर ऐसे अभियान जरूरी होते हैं।
पुलिस ने यह भी कहा कि जिन लोगों के दस्तावेज सही नहीं पाए जाएंगे या जो किसी अवैध गतिविधि में शामिल होंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही भविष्य में भी इसी तरह के विशेष अभियान चलाए जाएंगे ताकि इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रहे और किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि पर तुरंत रोक लगाई जा सके।

