लोकसभा उपचुनाव की शुरुवात हो चुकी है। इसी के साथ नेताओ ने नामांकन भरना भी शुरू कर दिया है। इसी के बीच गाँधी परिवार की लाड़ली प्रियंका गाँधी भी चुनावी मैदान में उत्तरी है और नामांकन भर चुकी है। या यह कहे की उन्हें मैदान में उतारना पड़ा क्योकि शायद कांग्रेस के पास अब ऐसा कोई खास चेहरा बचा ही नहीं है जिससे उन्हें वोट मिल सके, इसीलिए उन्होंने वायनाड की सीट को परिवार की सीट बना लिया और प्रियंका को 25 साल बाद 52 की उम्र में चुनावी मैदान में उतारना पड़ा।
35 सालों से चुनाव प्रचार में शामिल
प्रियंका ने कल्पेट्टा में रोड शो के दौरान कहा की उनके पास राजनीती में 35 साल का अनुभव है। वो 17 साल की उम्र से अपने पिता, भाई और माँ के लिए चुनाव प्रचार कर रही है। पहली बार उन्होंने 1989 में अपने पिता राजीव गाँधी के साथ प्रचार अभियान किया था। हालाँकि यह पहली बार होगा जब वो खुद के लिए वोट मांगेगी । बता दें कि प्रियंका ने यह बयान भाजपा प्रत्याशी नव्या हरिदास के उस बयान के बाद दिया जिसमे नव्या ने कहा था कि उनके पास प्रतिनिधित्व का प्रियंका से ज़्यादा अनुभव ही।
प्रियंका के पास कितनी है सम्पति ?
इसी रोड शो में उन्होंने अपनी सम्पति कि भी घोषणा कर दी है। जिसमे उन्होंने बताया कि उनके पास कुल 12 करोड़ कि सम्पति है और उनके पति रोबर्ट वाड्रा के पास 65.54 करोड़ कि सम्पति है। जिसमे से प्रियंका के पास 8 करोड़ कि चल और 4 करोड़ कि अचल सम्पति है। वही रोबर्ट वाड्रा के पास 38 करोड़ कि चल और 27 करोड़ कि अचल सम्पति है।
किनसे होगा मुकाबला ?
अब अगर बात वायनाड चुनाव की करें तो यह वही सीट है जो राहुल गाँधी के इस्तीफा देने के बाद खाली हो गयी थी। अब इस पर 13 नवंबर को मतदान होगा। जहा प्रियंका का मुकाबला 39 साल की भाजपा प्रत्याशी नव्या हरिदास और LDF के सत्यन मोकेरी से होगा। अब देखना यह होगा कि इस बार जनता किसको चुनेगी। इसके साथ ही अगर प्रियंका यह चुनाव जीतती है तो गांधी परिवार के तीनों सदस्य संसद में नज़र आएंगे। यानि राहुल और प्रियंका लोकसभा में और सोनिआ गाँधी राज्य सभा में।