Saturday, February 28, 2026

Pradhan Mantri Vishwakarma Yojana: आवेदन करने से पहले यहां करें क्लिक

Pradhan Mantri Vishwakarma Yojana: भारत सरकार द्वारा वर्ष 17 सितंबर 2023 को विश्वकर्मा दिवस के अवसर पर शुरू की गई प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Scheme) देश के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के उत्थान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MoMSME) के नेतृत्व में शुरू हुई इस योजना का मुख्य उद्देश्य हाथों और औजारों से काम करने वाले हुनरमंदों को पहचान दिलाना है।

इस योजना के जरिए सरकार कारीगरों को PM Vishwakarma Certificate, ट्रेनिंग और कम ब्याज पर लोन (Collateral-free loan) देकर आत्मनिर्भर बना रही है।

वर्ष 2023-24 से 2027-28 तक ₹13,000 करोड़ के बजट के साथ यह योजना लगभग 30 लाख परिवारों को लाभान्वित करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य | PM Vishwakarma Benefit

इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक कौशल को आधुनिक तकनीक और बाज़ार से जोड़ना है, ताकि कारीगरों की आय में वृद्धि हो और उनका जीवन स्तर सुधरे।

यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में कार्यरत कारीगरों को प्रोत्साहित करती है। विशेष रूप से महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग और ट्रांसजेंडर समुदाय को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके।

योजना के दौरान दी जाने वाली ट्रेनिंग | PM Vishwakarma Training

इस योजना के अंतर्गत कारीगरों को 5 से 7 दिन की बेसिक ट्रेनिंग दी जाती है, जिसके दौरान उन्हें प्रतिदिन ₹500 का स्टाइपेंड दिया जाता है।

इच्छुक लाभार्थी 15 दिन की एडवांस ट्रेनिंग भी ले सकते हैं। प्रशिक्षण के दौरान मुफ्त भोजन और आवास की व्यवस्था की जाती है।

इस कौशल उन्नयन कार्यक्रम के माध्यम से कारीगरों को आधुनिक उपकरणों, डिजिटल भुगतान प्रणाली और नई तकनीकों से परिचित कराया जाता है, जिससे उनकी उत्पादकता और गुणवत्ता में सुधार होता है।

टूलकिट प्रोत्साहन राशि | Toolkit Incentive

प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद कारीगरों को ₹15,000 की वित्तीय सहायता ई-वाउचर (e-RUPI) के माध्यम से प्रदान की जाती है।

यह राशि आधुनिक औजार और उपकरण खरीदने के लिए दी जाती है। इससे कारीगरों को अपने कार्य में दक्षता और गुणवत्ता बढ़ाने में मदद मिलती है तथा उनकी आय में वृद्धि संभव होती है।

किफायती ऋण की सुविधा | PM Vishwakarma Loan

योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को बिना गारंटी के 5% वार्षिक ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है। पहले चरण में 18 महीनों के लिए ₹1 लाख का ऋण दिया जाता है।

समय पर भुगतान करने और डिजिटल लेनदेन अपनाने के बाद दूसरे चरण में 30 महीनों के लिए अतिरिक्त ₹2 लाख तक का ऋण मिल सकता है।

भारत सरकार ब्याज दर में 8% तक की सब्सिडी प्रदान करती है, जिससे कुल ब्याज भार काफी कम हो जाता है।

डिजिटल लेनदेन प्रोत्साहन

डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए योजना के अंतर्गत प्रत्येक डिजिटल लेनदेन पर ₹1 का प्रोत्साहन दिया जाता है, जो प्रति माह अधिकतम 100 लेनदेन तक सीमित है।

यह राशि आधार-लिंक्ड बैंक खाते में जमा की जाती है। इस पहल से कारीगरों को यूपीआई और क्यूआर कोड के माध्यम से व्यापक ग्राहक आधार तक पहुंच बनाने में सहायता मिलती है।

ब्रांडिंग सहायता

कारीगरों को राष्ट्रीय विपणन समिति (NCM) के माध्यम से मार्केटिंग सपोर्ट दिया जाता है।

इसमें गुणवत्ता प्रमाणन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्डिंग, ट्रेड फेयर में भागीदारी और विज्ञापन जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

इससे उनके उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच पाते हैं और उन्हें व्यापक पहचान मिलती है।

योग्यता की पात्रता शर्तें | PM Vishwakarma Yojana Eligibility

इस योजना के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए और वह असंगठित क्षेत्र में पारंपरिक 18 व्यवसायों में से किसी एक से जुड़ा होना चाहिए।

लाभार्थी ने पिछले पांच वर्षों में समान सरकारी ऋण योजना का लाभ न लिया हो। परिवार का केवल एक सदस्य ही इस योजना का लाभ उठा सकता है तथा आवेदक या उसका परिवार सरकारी सेवा में कार्यरत नहीं होना चाहिए।

पंजीकरण प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज | PM Vishwakarma Registration

योग्य आवेदक आधिकारिक पोर्टल https://www.pmvishwakarma.gov.in/ पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) में जाकर पंजीकरण करा सकते हैं।

आधार कार्ड, बैंक खाता, मोबाइल नंबर और राशन कार्ड जैसे दस्तावेज आवश्यक होते हैं। नामांकन प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है और पंजीकरण बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से किया जाता है।

योजना का प्रभाव और उपलब्धियां

योजना के प्रारंभ के दो वर्षों के भीतर लगभग 30 लाख से अधिक कारीगरों ने पंजीकरण कराया है। लाखों लाभार्थियों ने प्रशिक्षण पूरा किया है और लाखों टूलकिट ई-वाउचर वितरित किए जा चुके हैं।

4.7 लाख से अधिक ऋण स्वीकृत किए गए हैं, जिससे हजारों छोटे व्यवसायों को गति मिली है। देश के विभिन्न राज्यों कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र आदि में यह योजना सकारात्मक परिणाम दे रही है।

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना पारंपरिक कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। यह योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है,

बल्कि कौशल विकास, डिजिटल सशक्तिकरण और बाज़ार से जुड़ाव के माध्यम से कारीगरों को उद्यमी बनने का अवसर देती है।

इससे भारत की समृद्ध पारंपरिक कला और शिल्प को नई पहचान मिल रही है और वोकल फॉर लोकल की अवधारणा को मजबूती मिल रही है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

PM Vishwakarma Yojana me kaun-kaun se 18 business (traditions) shamil hain?

इस योजना में 18 पारंपरिक व्यवसायों को शामिल किया गया है, जिनमें बढ़ई, नाव बनाने वाले, अस्त्र बनाने वाले, लोहार, ताला बनाने वाले, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, मोची, राजमिस्त्री, टोकरी/चटाई बुनकर, गुड़िया और खिलौना बनाने वाले, नाई, मालाकार, धोबी, दर्जी और मछली पकड़ने का जाल बनाने वाले शामिल हैं।

Kya PM Vishwakarma Yojana ka paisa wapas karna padta hai?

ट्रेनिंग के दौरान मिलने वाला स्टाइपेंड (₹500 प्रतिदिन) और टूलकिट के लिए मिलने वाले ₹15,000 सरकार की तरफ से सहायता है, जिसे वापस नहीं करना पड़ता। लेकिन, यदि आप अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए ₹1 लाख या ₹2 लाख का लोन लेते हैं, तो उसे 5% ब्याज के साथ किस्तों में चुकाना होगा।

PM Vishwakarma Yojana ki official website kya hai?

इस योजना की एकमात्र आधिकारिक वेबसाइट https://pmvishwakarma.gov.in/ है। किसी भी अन्य फर्जी वेबसाइट पर अपनी जानकारी साझा न करें।

Kya women (mahilaen) bhi is scheme ke liye apply kar sakti hain?

जी हां, महिलाएं इस योजना के लिए पूरी तरह पात्र हैं। विशेष रूप से दर्जी (Tailor) और टोकरी बुनने जैसे कार्यों में महिलाएं बड़ी संख्या में आवेदन करके लाभ उठा रही हैं।

Application ke kitne din baad paisa (Toolkit incentive) milta hai?

आवेदन के बाद सबसे पहले ग्राम पंचायत या शहरी निकाय स्तर पर वेरिफिकेशन होता है। इसके बाद आपकी 5-7 दिन की बेसिक ट्रेनिंग होती है। ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी होते ही टूलकिट के लिए ₹15,000 का ई-वाउचर (e-RUPI) जारी कर दिया जाता है।

Loan lene ke liye kya koi guarantee deni hogi?

नहीं, इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यही है कि इसमें लोन लेने के लिए आपको कोई गारंटी (Collateral) देने की जरूरत नहीं है। सरकार खुद आपकी गारंटी लेती है।

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