Monday, February 23, 2026

PM-WANI Yojana: आवेदन करना आसान, जानें पूरी प्रक्रिया

PM-WANI Yojana: PM-WANI भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसे दिसंबर 2020 को लॉन्च किया गया था।

इसका उद्देश्य देशभर में सार्वजनिक वाई-फाई हॉटस्पॉट के माध्यम से सस्ता, तेज और सुलभ इंटरनेट उपलब्ध कराना है।

यह योजना विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों, छोटे शहरों और वंचित वर्गों तक डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंचाने के लिए शुरू की गई है।

इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें छोटे दुकानदार, चायवाले, किराना स्टोर मालिक या कोई भी आम नागरिक बिना लाइसेंस फीस के इंटरनेट सेवा प्रदान कर सकता है।

यह मॉडल पहले के PCO (पब्लिक कॉल ऑफिस) की तरह है, लेकिन अब यह कॉल की जगह डेटा बेचा जाएगा।

कब और क्यों शुरू की गई?

PM-WANI योजना को दिसंबर 2020 में केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद लागू किया गया। PM-WANI योजना यानी Prime Minister Wi-Fi Access Network Interface।

इसे शुरू करने के पीछे देश में डिजिटल डिवाइड को कम करना, ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड पहुंच बढ़ाना, छोटे व्यापारियों को अतिरिक्त आय का स्रोत देना, डिजिटल इंडिया मिशन को मजबूत बनाना, शिक्षा, टेलीमेडिसिन और ई-गवर्नेंस सेवाओं को आम जनता तक पहुंचाना जैसे मुख्य उद्देश्य थे।

इस योजना को लेकर सरकार का लक्ष्य एक मजबूत डिजिटल संचार infrastructure तैयार करना है, जिससे हर नागरिक इंटरनेट से जुड़ सके।

पीएम वानी योजना के Ecosystem Components

PM-WANI Yojana: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, PM-WANI योजना चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है।

पब्लिक डेटा ऑफिस (PDO): PDO वह व्यक्ति या संस्था है जो WANI-अनुरूप वाई-फाई एक्सेस पॉइंट स्थापित करता है।

इसके लिए कोई लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन फीस नहीं है, स्थानीय दुकानदार भी PDO बन सकता है।

इंटरनेट सेवा प्रदाता (ISP) से कनेक्शन लेकर हॉटस्पॉट चलाया जाता है, ग्राहकों को डेटा पैक बेचकर आय अर्जित की जाती है इसलिए यह इस योजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

पब्लिक डेटा ऑफिस एग्रीगेटर (PDOA): PDOA कई PDO का प्रबंधन करता है। जैसे ऑथेंटिकेशन (प्रमाणीकरण), अकाउंटिंग और बिलिंग, पेमेंट गेटवे इंटीग्रेशन (UPI, कार्ड, वॉलेट आदि), डेटा रिकॉर्ड और लॉग मेंटेन करना। PDOA को दूरसंचार विभाग के सरल संचार पोर्टल पर पंजीकरण करना होता है।

ऐप प्रदाता (App Provider): ऐप प्रदाता वह संस्था है जो मोबाइल ऐप विकसित करती है, जिसके माध्यम से उपयोगकर्ता वाई-फाई हॉटस्पॉट खोज और उपयोग कर सकते हैं।

जैसे OTP आधारित रजिस्ट्रेशन करवाना, पास के WANI हॉटस्पॉट दिखाना, एक क्लिक में कनेक्ट सुविधा देना और समय-समय पर यूजर सत्यापन जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाना।

केंद्रीय रजिस्ट्री (Central Registry): केंद्रीय रजिस्ट्री पूरे सिस्टम का रिकॉर्ड रखती है। इसका संचालन C-DoT (Centre for Development of Telematics) द्वारा किया जाता है।

यानी PDO, PDOA और ऐप प्रदाताओं का डेटा संग्रह करना, सिस्टम की इंटरऑपरेबिलिटी सुनिश्चित करना और तकनीकी प्रमाणन (Certification) करना।

पीएम वानी योजना के लाभ

आम जनता के लिए: सस्ता और तेज इंटरनेट की सुविधा, ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच, ऑनलाइन शिक्षा और टेलीमेडिसिन को बढ़ावा मिलने जैसे लाभ शामिल है।

दुकानदारों (PDO) के लिए: अतिरिक्त आय का स्रोत, दुकान पर ग्राहकों की संख्या बढ़ना, बिना लाइसेंस फीस के व्यवसाय बढ़ना जैसे लाभ शामिल है।

स्टार्टअप और कंपनियों के लिए: नया डिजिटल मार्केट, टेक्नोलॉजी और ऐप आधारित सेवाओं से कमाई और रोजगार के अवसर जैसे लाभ शामिल है।

पीएम वानी योजना में आवेदन की प्रक्रिया

PM-WANI योजना में जुड़ना आसान है। यदि आप PDO (Public Data Office) बनना चाहते हैं, तो आपके पास एक ब्रॉडबैंड कनेक्शन और वाई-फाई राउटर होना चाहिए।

इसके बाद किसी रजिस्टर्ड PDOA से संपर्क कर रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल तय करें। सेटअप इंस्टॉल होते ही आप सेवा शुरू कर सकते हैं। PDO को DoT में अलग से पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं होती।

यदि आप PDOA या ऐप प्रदाता बनना चाहते हैं, तो कंपनी का कंपनी अधिनियम 2013 के तहत पंजीकृत होना जरूरी है।

सरल संचार पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर CIN और आवश्यक दस्तावेज (कंपनी प्रमाणपत्र, पते का प्रमाण, बोर्ड रिज़ॉल्यूशन, अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता विवरण) जमा करने होते हैं।

7 कार्य दिवसों में पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी हो जाता है। 49% से अधिक FDI होने पर मंजूरी दस्तावेज भी आवश्यक हैं।

उपयोगकर्ता को इंटरनेट चलाने के लिए WANI ऐप डाउनलोड कर OTP से सत्यापन करना होता है, पास का हॉटस्पॉट चुनकर डेटा पैक खरीदना होता है, और भुगतान के बाद इंटरनेट उपयोग किया जा सकता है।

सुरक्षा के तहत उपयोगकर्ता डेटा कम से कम 1 वर्ष तक सुरक्षित रखा जाता है और सभी लॉग भारत में स्टोर किए जाते हैं।

PDO को लाइसेंस की आवश्यकता नहीं, लेकिन PDOA और ऐप प्रदाता का DoT में पंजीकरण अनिवार्य है। नियमों के उल्लंघन पर पंजीकरण रद्द किया जा सकता है।

यह योजना आत्मनिर्भर भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण

PM-WANI Yojana: PM-WANI न केवल इंटरनेट को सुलभ बनाता है, बल्कि छोटे व्यापारियों को मिनी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर बनने का अवसर देता है। इससे डिजिटल अर्थव्यवस्था मजबूत होती है और रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं।

यह योजना भारत में डिजिटल क्रांति का अगला बड़ा कदम है, जो आने वाले वर्षों में लाखों लोगों को जोड़ने की क्षमता रखती है।

PM-WANI योजना डिजिटल इंडिया की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। यह योजना आम नागरिकों, छोटे व्यापारियों और स्टार्टअप्स को समान रूप से लाभ पहुंचाती है।

यदि आपके पास दुकान या सार्वजनिक स्थान है, तो PDO बनकर आप भी इस डिजिटल परिवर्तन का हिस्सा बन सकते हैं।

सही मायनों में, यह योजना हर हाथ में इंटरनेट के सपने को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।

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