पीएम मोदी का नारी शक्ति वंदन सम्मेलन 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि देश 21वीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक लेने जा रहा है, जो पूरी तरह नारी शक्ति को समर्पित है। इस सम्मेलन के ठीक बाद 16, 17 और 18 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है, जिसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम को प्रभावी बनाने के लिए जरूरी संशोधनों पर चर्चा होगी। पीएम मोदी ने इसे दशकों की प्रतीक्षा का अंत बताया और सामाजिक न्याय को नारे से कार्य संस्कृति का हिस्सा बनाने का संकल्प दोहराया।
21वीं सदी का सबसे बड़ा निर्णय
पीएम मोदी का नारी शक्ति वंदन सम्मेलन 2026: प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में जोर देकर कहा कि देश की विकास यात्रा के इस अहम पड़ाव पर भारत एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है।
उन्होंने कहा, मैं बहुत जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं कि 21वीं सदी के महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक यह निर्णय नारी शक्ति वंदन को समर्पित है।
उन्होंने आगे कहा कि संसद एक नया इतिहास रचने के करीब है। यह इतिहास अतीत की संकल्पनाओं को साकार करेगा और भविष्य के संकल्पों को पूरा करेगा।
पीएम मोदी के अनुसार, यह कदम एक समतामूलक भारत का निर्माण करेगा, जहां सामाजिक न्याय केवल नारा नहीं, बल्कि निर्णय प्रक्रिया और कार्य संस्कृति का स्वाभाविक हिस्सा बनेगा।
सम्मेलन में देश के कोने-कोने से आई महिलाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वे यहां उपदेश देने नहीं, बल्कि कोटि-कोटि माताओं-बहनों का आशीर्वाद लेने आए हैं।
16 अप्रैल से विशेष सत्र
पीएम मोदी का नारी शक्ति वंदन सम्मेलन 2026: नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में नई संसद में सर्वसम्मति से पारित हुआ था।
पीएम मोदी ने याद दिलाया कि तब सभी दलों ने इसे पास किया और विपक्ष ने विशेष रूप से जोर दिया था कि इसे हर हाल में 2029 तक लागू कर दिया जाए। अब सरकार का प्रयास है कि यह काम संवाद, सहयोग और सहभागिता से हो।
16 अप्रैल से शुरू होने वाले संसद के बजट सत्र की विशेष बैठक में इस अधिनियम को समय पर लागू करने के लिए आवश्यक संशोधन लाए जाएंगे।
इससे लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण मिलेगा, जो लोकतंत्र को और मजबूत बनाएगा।
पीएम ने कहा कि सभी दलों के सामूहिक प्रयास से संसद की गरिमा नई ऊंचाइयों को छुएगी।
महिला नेतृत्व का गौरव
प्रधानमंत्री ने वर्तमान समय में महिलाओं द्वारा संभाले जा रहे उच्च पदों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति से लेकर वित्त मंत्री जैसे अहम पद आज महिलाएं संभाल रही हैं, जिन्होंने देश की गरिमा और गौरव दोनों बढ़ाया है।
पंचायती राज संस्थाओं को महिला नेतृत्व का बेहतरीन उदाहरण बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत में 14 लाख से अधिक महिलाएं लोकल गवर्नमेंट बॉडीज में सफलतापूर्वक काम कर रही हैं।
लगभग 21 राज्यों में पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी करीब 50 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।
उन्होंने कहा कि लाखों महिलाओं की यह राजनीतिक और सामाजिक सक्रियता दुनिया के बड़े नेताओं और विशेषज्ञों को भी हैरान करती है, जिससे भारत का गौरव बढ़ता है।
महिलाओं की भागीदारी से बढ़ी संवेदनशीलता और आर्थिक सशक्तिकरण
पीएम मोदी ने कई अध्ययनों का हवाला देते हुए कहा कि जब निर्णय प्रक्रियाओं में महिलाओं की सहभागिता बढ़ती है, तो व्यवस्थाओं में संवेदनशीलता और जवाबदेही आती है।
उन्होंने जनधन योजना का उदाहरण दिया, जिसके तहत 2014 में करोड़ों महिलाओं ने पहली बार बैंक खाते खोले। आज 32 करोड़ से ज्यादा महिलाओं के बैंक खाते सक्रिय हैं।
मुद्रा योजना में 60 प्रतिशत से अधिक लोन महिलाओं ने लिए हैं। स्टार्टअप क्रांति में भी महिलाएं आगे हैं, 42 प्रतिशत से ज्यादा रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला डायरेक्टर है।
पीएम ने कहा कि हमारी बेटियां नए-नए बिजनेस में अपनी पहचान बना रही हैं। मातृत्व अवकाश पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि महिलाओं के करियर पर प्रभाव न पड़े, इसलिए इसे बढ़ाकर 26 हफ्ते कर दिया गया है।
कई समृद्ध देशों में भी यह सुविधा नहीं है, जिसे सुनकर विदेशी नेता हैरान रह जाते हैं।
महिलाओं की नई क्रांति
पीएम मोदी का नारी शक्ति वंदन सम्मेलन 2026: प्रधानमंत्री ने स्किल इंडिया मिशन और वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज इसका परिणाम हजारों ड्रोन दीदी के रूप में कृषि क्रांति के रूप में दिख रहा है।
शासन में आने के बाद उन्होंने बैंकों में गरीबों की अमीरी और अमीरों की गरीबी दोनों देखी है।
सम्मेलन में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौजूद रहीं। उन्होंने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ से आगे बढ़कर बेटी बढ़ाओ के युग की बात की और पीएम मोदी को धन्यवाद दिया।
पीएम मोदी ने कांग्रेस नेता और लोकसभा की पूर्व स्पीकर मीरा कुमार (जगजीवन राम की पुत्री) का विशेष जिक्र किया, जो सम्मेलन में सुधा मूर्ति के पास बैठी थीं।
पीएम मोदी ने नए युग के आगमन की दी बधाई
पीएम मोदी ने सभी भारतीय महिलाओं को नए युग के आगमन की बधाई दी। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संरचना में महिलाओं को आरक्षण देने की जरूरत दशकों से महसूस की जा रही थी।
इस विमर्श को चार दशक बीत चुके हैं, जिसमें सभी पार्टियों और पीढ़ियों का योगदान शामिल है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम से सामाजिक न्याय केवल नारा नहीं रहेगा, बल्कि यह भारत को समतामूलक बनाने का मजबूत आधार बनेगा।
महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से लोकतंत्र मजबूत होगा और विकास प्रक्रिया अधिक संवेदनशील बनेगी।
यह सम्मेलन न केवल नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने की तैयारी है, बल्कि विकसित भारत 2047 के सपने में महिलाओं की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करता है।
पीएम मोदी के नेतृत्व में महिलाओं का सशक्तिकरण अब केवल नीति नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का अभिन्न अंग बन चुका है।
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