Tuesday, March 17, 2026

पंचांगकर्ता हुए त्यौहारों पर एकमत, बैठक में चिन्तन, निर्णय और सम्मान

अहमदाबाद, महागुजरात पंचांग विद्वद् परिषद् एवं गायत्री प्रत्यक्ष पंचांग के तत्वावधान में 6 मार्च को पंचांगकर्ताओं की बैठक की संपन्न हुई। श्री दर्शन पंचांगकर्ता शास्त्री प्रवीण त्रिवेदी ने बताया कि संवत् 2083 यानि 2025-26 के व्रत त्यौहार निर्णय को लेकर विश्वजीत भाई रावल की अध्यक्षता में बैठक की गई जिसमें पूरे वर्ष के व्रत त्यौहारों पर चर्चा कर एकमत से उनका निर्णय किया गया।

देश भर के पंचांगकर्ता हुए सम्मिलित

पंचांग परिषद् की बैठक में गायत्री प्रत्यक्ष पंचांग अहमदाबाद के संपादक बालकृष्ण शास्त्री, राजु भाई शास्त्री, जन्मभूमि पंचांग मुंबई की कु ज्योतिबेन भट्ट, आदित्य प्रत्यक्ष पंचांग अहमदाबाद के हितेन्द्र भाई मेहता, जोशीजी का पंचांग जोधपुर के पंडित अभिषेक जोशी, श्री दर्शन पंचांग के शास्त्री प्रवीण त्रिवेदी, संदेश पंचांग अहमदाबाद के कनुभाई पुरोहित शामिल हुए।

पंचांगकर्ता
अहमदाबाद में आयोजित पंचांगकर्ताओं की बैठक की झलकियाँ

इसके साथ ही व्यास पंचांग जूनागढ़ के अजय व्यास, शीतल बेन, वराहमिहिर पंचांग हैदराबाद के वेंकटेश्वर शैषाचलन, वीवीयश, बुट्टे पंचांग हैदराबाद के वी वीर भद्रया, लाटकर पंचांग कोल्हापुर के मेघश्याम लाटकर, रूईकर पंचांग करार सतारा के गुरुजी रूईकर, चामुंडा पंचांग पालनपुर से शास्त्री मधुसूदन जोशी, ज्योतिर्विद् शंकर सिंह पुरोहित, राजेन्द्र शास्त्री उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ रणछोड़ वल्लभ, वल्लभाचार्य संप्रदाय, चैतन्य शम्भु महाराज, राम किशोर त्रिपाठी, भागवत ऋषि द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर वेद मंत्रों से किया गया। इसके साथ ही बैठक में मंथन का दौर आरम्भ हुआ। बैठक में 2025-26 में मनाए जाने वाले सभी व्रत पर्वों पर शास्त्रों के अनुसार निर्णय लिया गया।

श्रीरामलला प्रतिष्ठा संवत पंचांगों में अंकित करने का प्रस्ताव पारित

इस अवसर पर अखिल भारतीय विद्वत्परिषद काशी और निम्बार्क परिषद जयपुर द्वारा प्रयागराज महाकुंभ में आयोजित धर्म ज्योतिष महाकुंभ में संतों और विद्वानों द्वारा प्रतिवर्ष श्रीरामलला प्रतिष्ठा संवत मनाने के निर्णय का सभी पंचांगकर्ताओं ने सहर्ष स्वागत करते हुए इसे अपने अपने पंचांगों में अंकित करने की सहमति दी और इसे सनातन धर्म के लिए आवश्यक बताया।

पंचांगकर्ता
धर्म ज्योतिष महाकुंभ प्रयागराज

गौरतलब है कि 18-19 जनवरी 2025 को प्रयागराज महाकुंभ में धर्म-ज्योतिष महाकुंभ का आयोजन किया गया था जिसमें महामण्डलेश्वर पद्मनाभशरण देवाचार्य महाराज जयपुर, स्वामी दामोदराचार्य महाराज हरिद्वार, स्वामी वृन्दावनबिहारीदास महाराज वृन्दावन, पुष्कर पीठाधीश्वर जगद्गुरु वेंकटेशप्रपन्नाचार्य महाराज गया, स्वामी श्रीनिवासाचार्य महाराज अयोध्या, स्वामी मदनमोहनाचार्य महाराज अयोध्या, डॉ कामेश्वर उपाध्याय अभा. विद्वत्परिषद काशी, प्रो. भगवतशरण शुक्ल बीएचयू वाराणसी, प्रो रामजीवन मिश्र बीएचयू वाराणसी, जयविनोदी पंचांग निर्माता पं आदित्यमोहन शर्मा जयपुर, जयादित्य पंचांगनिर्माता पं अमित शर्मा जयपुर की उपस्थिति में श्रीरामलला प्रतिष्ठा सम्वत की घोषणा की गयी थी।

Mahakumbh 2025: महाकुंभ में हुई श्रीरामलला प्रतिष्ठा संवत मनाने की घोषणा

अखिल भारतीय विद्वत्परिषद् और श्रीनिम्बार्क परिषद् ने विद्वानों को किया सम्मानित

इस अवसर पर वाराणसी की अखिल भारतीय विद्वत्परिषद और श्रीनिम्बार्क परिषद् जयपुर द्वारा 31 अक्टूबर 2024 को दीपावली को एकमत से दीपावली मनाने का शास्त्रसम्मत निर्णय देने वाले सभी विद्वान ज्योतिषाचार्यों का धर्मरक्षक की उपाधि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मान किया गया।

panchang 1

गौरतलब है कि 2024 में दीपावली की तिथि को लेकर देश भर में भ्रम उत्पन्न हो गया था कि दीपावली 31 अक्टूबर को मनाई जाएगी या 1 नवंबर को। पर 15 अक्टूबर 2024 को जयपुर में हुई विद्वत् धर्मसभा में सौ से अधिक ज्योतिषी, विद्वानों, पंचांगकर्ता द्वारा वयोवृद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित प्रो. रामपाल शास्त्री के नेतृत्व में 31 अक्टूबर को ही देश भर में दीपावली मनाने का निर्णय दिया गया था।

अखिल भारतीय विद्वत्परिषद् द्वारा ‘दीपावली निर्णय’ पर इस विद्वत धर्मसभा का आयोजन केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय जयपुर में किया गया था, जिसके बाद भ्रम की स्थिति समाप्त हुई थी, व देशभर के विद्वान 31 अक्टूबर के पक्ष में आगे आए थे और देश में इसी दिन दीपावली मनाई गई थी। अतः उन सभी विद्वानों का धर्म ज्योतिष महाकुंभ द्वारा देश और धर्म की एकता अखंडता सुनिश्चित करने के लिए प्रयागराज महाकुंभ में अभिनंदन किया गया था।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now
Samudra
Samudra
लेखक भारतीय ज्ञान परंपरा के अध्येता हैं। वे पिछले एक दशक से सार्वजनिक विमर्श पर लेखन कर रहे हैं। समाज, राजनीति, विचारधारा, शिक्षा, धर्म और इतिहास पर रिसर्च बेस्ड विश्लेषण में वे पारंगत हैं। वे 'द पैम्फलेट' में दो वर्ष कार्य कर चुके हैं। उनके शोधपरक लेख अनेक मौकों पर राष्ट्रीय विमर्श की दिशा में परिवर्तनकारी सिद्ध हुए हैं।
- Advertisement -
- Advertisement -

Latest article