पाकिस्तान की नापाक चाल: जब पूरी दुनिया नए साल के स्वागत में जश्न में डूबी हुई थी, उसी वक्त पाकिस्तान ने एक बार फिर अपनी पुरानी आदत दिखाई।
1 जनवरी को जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में पाकिस्तानी ड्रोन के जरिए भारत की सीमा में गोला-बारूद और कारतूस भेजे गए।
यह घटना साफ तौर पर इस ओर इशारा करती है कि सीमा पार से आतंकी साजिशें नए साल में भी थमने वाली नहीं हैं।
पुंछ में ड्रोन से गिराया गया विस्फोटक पैकेट
पाकिस्तान की नापाक चाल: जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तानी ड्रोन लाइन ऑफ कंट्रोल के पास पुंछ के खाड़ी करमाड़ा इलाके में भारतीय सीमा में दाखिल हुआ।
ड्रोन के जरिए विस्फोटक सामग्री और कारतूस से भरे पैकेट गिराए गए, जिन्हें समय रहते सुरक्षा बलों ने बरामद कर लिया।
पैकेट मिलने के बाद पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है और किसी भी संभावित खतरे से निपटने की तैयारी की जा रही है।
पाकिस्तान की नापाक चाल: सेना और पुलिस का बड़ा सर्च ऑपरेशन
घटना सामने आते ही भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस हरकत में आ गई।
पूरे इलाके में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ड्रोन से भेजी गई सामग्री का कोई हिस्सा आतंकियों तक न पहुंच पाए।
इसके साथ ही सुरक्षा एजेंसियां ड्रोन के उड़ान मार्ग और उसके लॉन्च प्वाइंट की भी गहन जांच कर रही हैं।
ड्रोन गतिविधियों पर पहले से नजर
पाकिस्तान की नापाक चाल: गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में हाल के दिनों में सुरक्षा कारणों से कुछ इलाकों में वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया था।
इसके बावजूद एलओसी के पास ड्रोन की गतिविधि सामने आना सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
यह घटना VPN बैन के बाद ड्रोन की दूसरी बड़ी हलचल मानी जा रही है।
24 घंटे में दूसरी बार दिखा संदिग्ध ड्रोन
पिछले 24 घंटों में यह दूसरी बार है जब भारत-पाक सीमा के पास ड्रोन की मौजूदगी दर्ज की गई।
इससे पहले जम्मू के सांबा जिले के फूलपुर इलाके में भी एक संदिग्ध ड्रोन भारतीय सीमा में कुछ देर तक उड़ता हुआ देखा गया था, जो बाद में वापस लौट गया।
उस समय भी सेना ने तुरंत इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया था।
सुरक्षा बलों की सतर्कता के चलते इस बार भी बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया गया है।
अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस ड्रोन ऑपरेशन के पीछे कौन-से आतंकी नेटवर्क सक्रिय हैं और पाकिस्तान की इस हरकत का अगला मकसद क्या था।

