विद्रोहियों ने पाकिस्तानी सेना को बनाया निशाना: खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में अलग-अलग स्थानों पर हुए सिलसिलेवार हमलों ने पूरे इलाके को दहला दिया।
बाजौर, बन्नू और शंगला जिलों में 17 फरवरी मंगलवार को सुरक्षा बलों और पुलिस को निशाना बनाकर किए गए इन हमलों में कम से कम 14 जवान और तीन नागरिकों की मौत हो गई,
जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटनाओं के बाद पूरे प्रांत में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया और सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया।
बाजौर में आत्मघाती हमला
विद्रोहियों ने पाकिस्तानी सेना को बनाया निशाना: सबसे भयावह हमला बाजौर जिला में हुआ, जहां एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से भरी गाड़ी को मदरसे के पास टकरा दिया।
विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि पास स्थित पुलिस चेकपोस्ट पूरी तरह उड़ गया। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार इस धमाके में कम से कम 11 सुरक्षा कर्मियों और एक बच्ची की मौत हो गई।
आसपास की इमारतों के शीशे टूट गए और कई लोग मलबे में दब गए। राहत टीमों को घायलों को निकालने में घंटों लगे।
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि धमाके के समय इलाके में सामान्य गतिविधि चल रही थी, इसलिए नागरिक हताहत भी हुए।
अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर डॉक्टरों को तुरंत ड्यूटी पर बुलाया गया।
बन्नू में मोटरसाइकिल बम विस्फोट
इसी दिन दूसरा हमला बन्नू जिला में हुआ। यहां एक पुलिस स्टेशन के पास खड़ी मोटरसाइकिल में लगाए गए बम में विस्फोट हो गया।
इस धमाके में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक बच्चा शामिल था।
विस्फोट के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास की दुकानों को तुरंत बंद करवा दिया गया।
पुलिस ने पूरे क्षेत्र को घेरकर साक्ष्य जुटाने शुरू किए और संदिग्धों की तलाश तेज कर दी।
शंगला में सर्च ऑपरेशन
हमलों के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए शंगला जिला में सर्च ऑपरेशन चलाया।
इस अभियान में पाकिस्तानी रेंजर्स और अन्य सुरक्षा बलों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार मुठभेड़ में तीन जवान और कुछ संदिग्ध लड़ाके मारे गए।
अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन का उद्देश्य हमलों के पीछे जिम्मेदार नेटवर्क को खत्म करना है।
सुरक्षा स्थिति और जांच
सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच से संकेत मिलता है कि हमले सुनियोजित थे और एक ही दिन में अलग-अलग जिलों को निशाना बनाकर दहशत फैलाने की कोशिश की गई।
पूरे प्रांत में अतिरिक्त पुलिस और सेना तैनात कर दी गई है। चेकपोस्टों पर तलाशी बढ़ा दी गई है और संवेदनशील इलाकों में गश्त तेज कर दी गई है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के समन्वित हमले सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने और सरकारी तंत्र पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं।
स्थानीय लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल है, जबकि प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा।

