Thursday, February 12, 2026

‘ऑपरेशन अखल’ से आतंकियों पर आई मुसीबत, कुलगाम में भारतीय सेना ने फिर दिखाया पराक्रम

लगातार चौथे दिन कुलगाम में मुठभेड़ जारी

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के जंगली इलाके में सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ सोमवार को भी जारी रही। रविवार तक सेना ने तीन आतंकियों को ढेर कर दिया था। सोमवार को ऑपरेशन के दौरान एक जवान घायल हो गया। सेना ने पूरे क्षेत्र को घेर रखा है।

खुफिया सूचना पर शुरू हुआ था ऑपरेशन

सेना को खुफिया एजेंसियों से जानकारी मिली थी कि अखल इलाके में आतंकी छिपे हुए हैं। इस सूचना के आधार पर ऑपरेशन शुरू किया गया।

आतंकियों ने खुद को घेरे में देखकर फायरिंग शुरू कर दी, जिसका सेना ने जवाब दिया। मुठभेड़ अब तक जारी है।

मारे गए आतंकी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हो सकते हैं

मुठभेड़ में मारे गए तीनों आतंकी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े बताए जा रहे हैं। सेना पूरे इलाके को खंगाल रही है और आतंकियों की पहचान की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि कुछ आतंकी अभी भी इलाके में छिपे हो सकते हैं।

एक हफ्ते में तीन बड़े ऑपरेशन

भारतीय सेना ने बीते एक सप्ताह के भीतर तीन बड़े ऑपरेशन अंजाम दिए हैं। इन अभियानों में कुल 8 आतंकियों को ढेर किया गया है।

इससे पहले ‘ऑपरेशन महादेव’ के तहत भी तीन आतंकियों को मार गिराया गया था। ये सभी ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग इलाकों में चलाए गए।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद घुसपैठ की बढ़ी कोशिशें

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए व्यापक कार्रवाई की थी। इस दौरान 100 से अधिक आतंकियों को सेना ने ढेर कर दिया था। इस ऑपरेशन के बाद घुसपैठ की घटनाएं बढ़ीं लेकिन सेना ने उन्हें समय रहते नाकाम किया।

ऑपरेशन केलर और शिवशक्ति भी हुए सफल

13 मई को ‘ऑपरेशन केलर’ के तहत शोपियां में तीन आतंकियों को मारा गया। वहीं 30 जुलाई को पुंछ में एलओसी के पास चलाए गए ‘ऑपरेशन शिवशक्ति’ में भी सेना ने दो आतंकियों को ढेर किया। सभी ऑपरेशन समय पर मिले इनपुट के आधार पर किए गए थे।

सेना की मुस्तैदी से नाकाम हो रही हर कोशिश

ऑपरेशन सिंदूर के बाद से आतंकी लगातार घुसपैठ की कोशिश कर रहे हैं लेकिन भारतीय सेना की सतर्कता के चलते वे हर बार असफल साबित हुए हैं। हर सूचना पर तेजी से प्रतिक्रिया देकर सेना आतंकियों को ढेर कर रही है।

LOC के पास निगरानी और कड़ी

इन तमाम घटनाओं को देखते हुए सेना ने LOC के पास निगरानी और कड़ी कर दी है। ड्रोन और हाई-टेक निगरानी यंत्रों की मदद से सीमा पार से होने वाली हर हलचल पर नजर रखी जा रही है। साथ ही गश्त भी लगातार बढ़ाई गई है।

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Samudra
Samudra
लेखक 'भारतीय ज्ञान परंपरा' के अध्येता हैं। वे पिछले एक दशक से सार्वजनिक विमर्श पर विश्लेषणात्मक लेखन कर रहे हैं। सांस्कृतिक सन्दर्भ में समाज, राजनीति, विचारधारा, शिक्षा, धर्म और इतिहास के प्रमुख प्रश्नों के रिसर्च बेस्ड प्रस्तुतिकरण और समाधान में वे पारंगत हैं। वे 'द पैम्फलेट' में दो वर्ष कार्य कर चुके हैं। वे विषयों को उनके ऐतिहासिक आधार, वैचारिक पृष्ठभूमि और दीर्घकालीन प्रभाव के स्तर पर परखते हैं। इसी कारण उनके राष्ट्रवादी लेख पाठक को नई दृष्टि और वैचारिक स्पष्टता भी देते हैं। उनके शोधपरक लेख अनेक मौकों पर राष्ट्रीय विमर्श की दिशा में परिवर्तनकारी सिद्ध हुए हैं।
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