बिहार में NDA की नई सरकार के शपथ ग्रहण के साथ राजनीतिक हलचल फिर तेज हो गई है।
202 सीटों के मेगा जनादेश के बाद गठबंधन ने सत्ता में वापसी की और नीतीश कुमार ने लगातार दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर एक नया रिकॉर्ड बनाया।
इस बार की सरकार में मंत्री पदों का बंटवारा खासा दिलचस्प है, क्योंकि गठबंधन की दो सबसे बड़ी पार्टियों BJP और JDU के बीच सीटों और मंत्रालयों का एक संतुलित लेकिन रणनीतिक वितरण नजर आता है।
शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और कई राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे, जिससे यह कार्यक्रम और भी चर्चित हो गया।
बिहार में NDA की नई सरकार: सीटों का वास्तविक समीकरण
नई विधानसभा में NDA के पास कुल 202 सीटें हैं। BJP 89 सीटों के साथ गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी बनी है, जबकि JDU 85 सीटों के साथ उसके बेहद करीब है।
इनके अलावा LJP (रामविलास) के पास 19, HAM की झोली में 5 और RLM के खाते में 4 सीटें आई हैं।
चुनाव से पहले सीट बंटवारे में BJP और JDU को बराबर यानी 101–101 सीटें दी गई थीं, जबकि बाकी सीटें सहयोगी दलों LJP(R), HAM और RLM में बांटी गई थीं।
चुनाव परिणाम में हालांकि थोड़ा अंतर देखने को मिला लेकिन गठबंधन का सामूहिक प्रदर्शन मजबूत रहा।
JDU को कितना प्रतिनिधित्व मिला?
JDU को इस बार मंत्री पदों में संतुलित और सम्मानजनक जगह दी गई है। नीतीश कुमार सहित पार्टी को कुल 9 मंत्री पद मिले।
इनके अलावा विजय कुमार चौधरी, विजेंद्र यादव, श्रवण कुमार, लेशी सिंह, अशोक चौधरी, मदन सहनी, सुनील कुमार और मोहम्मद जमा खान को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।
JDU की 85 सीटों के हिसाब से देखा जाए तो उसे मिला यह प्रतिनिधित्व गठबंधन की साझेदारी को स्थिर और सहयोगी बनाए रखने का संकेत देता है।
BJP को सबसे अधिक मंत्री
BJP को मंत्री पदों का सबसे बड़ा हिस्सा मिला है। पार्टी ने दो उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा को पद दिलवाया।
इनके अलावा 12 और विधायकों को मंत्री बनाया गया है, जिनमें मंगल पांडे, दिलीप जायसवाल, नितिन नवीन,
रामकृपाल यादव, संजय सिंह टाइगर, अरुण शंकर प्रसाद, सुरेंद्र मेहता, नारायण प्रसाद, रमा निषाद, लखेंद्र रौशन, श्रेयसी सिंह और प्रमोद कुमार शामिल हैं।
कुल मिलाकर BJP को 14 मंत्री मिले हैं। संख्या के मामले में भले ही BJP आगे है,
लेकिन उसकी 89 सीटों के मुकाबले मंत्री प्रति सीट अनुपात JDU से कम बैठता है। यही बिंदु इस बंटवारे को खास बनाता है।
छोटे दल भी बने बड़े खिलाड़ी
लोजपा (रामविलास) ने केवल 19 सीटों के साथ दो मंत्री पद हासिल किए, जिसे उसकी राजनीतिक स्थिति के मुकाबले बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
HAM के पास 5 सीटें होने के बावजूद उसे एक मंत्री पद दिया गया है, जबकि RLM जिसके पास 4 सीटें हैं, उसे भी मंत्री पद से नवाजा गया है।
यह साफ दिखाता है कि NDA ने छोटे सहयोगियों को साथ रखने के लिए उदार और रणनीतिक रुख अपनाया है।
समारोह में बड़े नेताओं की मौजूदगी ने बढ़ाया महत्व
शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे।
आंध्र प्रदेश के चंद्रबाबू नायडू, दिल्ली की रेखा गुप्ता, हरियाणा के नायब सिंह सैनी,
असम के हिमंता बिस्वा सरमा और नागालैंड के नेफ्यू रियो जैसे नेता भी पहुंचे, जिससे यह साफ संदेश गया कि केंद्र और NDA गठबंधन बिहार सरकार को पूरा समर्थन देने के मूड में हैं।

