Sunday, March 15, 2026

Naya Waqf Law: तो क्या पश्चिम बंगाल में नहीं लागू होगा नया वक्फ कानून, जानिए क्या कहता है संविधान

Naya Waqf Law: नए वक्फ कानून को लेकर पश्चिम बंगाल में मुस्लिम दंगाई सड़कों पर उतर कर उपद्रव, तोड़फोड और आगजनी कर रहे हैँ। राजधानी कोलकाता समेत कई जगह मुस्लिम भीड़ हिंसा कर रही है। मुर्शिदाबाद में मुस्लिम भीड़ ने 2 लोगों की हत्या भी कर दी है। उन्होंने पुलिस पर भी हमले किए हैं। इस बीच राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि वह पश्चिम बंगाल में नए वक्फ कानून को लागू नहीं करेंगी। राज्य में जारी मुस्लिम हिंसा के बीच ममता बनर्जी के इस बयान ने एक बार फिर उनकी मंशा पर प्रश्न उठा दिए हैं। उनके क़ानून लागू ना करने वाले बयान के बाद एक बार फिर केंद्र सरकार के साथ सीधी लड़ाई की नौबत आ गई है।

जानें CM ममता बनर्जी ने क्या कहा?

बंगाल में वक्फ पर जारी हिंसा के बीच सीएम ममता बनर्जी ने एक्स (पहले ट्विटर) पर इसके राज्य में लागू ना किए जाने को लेकर ऐलान किया। उन्होंने लिखा, “हमने यह कानून नहीं बनाया जिसके खिलाफ बहुत से लोग आंदोलन कर रहे हैं। यह कानून केंद्र सरकार ने बनाया है। इसलिए जो जवाब आप चाहते हैं, वह केंद्र सरकार से माँगिए।” CM ममता बनर्जी ने आगे लिखा, “हमने इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है – हम इस कानून का कतई समर्थन नहीं करते। यह कानून हमारे राज्य में लागू नहीं होगा।

संसद से पारित क़ानून को रोक नहीं सकते : भाजपा

सीएम ममता बनर्जी के ऐलान के बाद प्रश्न उठ रहे हैं कि क्या वह वक्फ कानून को पश्चिम बंगाल में लागू नहीं होने देंगी। उन्हें भाजपा प्रवक्ता अमित मालवीय ने झूठा करार दिया है। उन्होंने कहा कि देश की संसद से पारित क़ानून को वह नहीं रोक सकती हैं। उन्होंने कहा कि लागू ना करने की यह बात सरासर झूठ है।

इस बारे में क्या कहता है संविधान?

देश के संविधान ने कानून बनाने संबंधी शक्तियों का बंटवारा स्पष्ट तौर पर कर रखा है। संविधान के अंतर्गत कानून बनाने संबंधी तीन सूचियाँ हैं। इनमें एक सूची केंद्र सरकार के विषयों की है, इन पर केवल संसद ही कानून बना सकती है। दूसरी सूची राज्य के विषयों की है, जिस पर राज्य कानून बनाते हैं। तीसरी सूची को ‘समवर्ती सूची’ कहा जाता है। इसमें आने वाले विषयों पर राज्य और केंद्र दोनों कानून बना सकते हैं। यदि ममता सरकार नए वक्फ कानून को लागू नहीं करती तो केंद्र सरकार इसके विरुद्ध कानूनी रास्ता तलाश सकती है। इसमें कोर्ट जाने से लेकर बाकी संवैधानिक कदम शामिल हैं।

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