हिंदू युवती का धर्मांतरण कराने ले जा रहा था मजहबी: मध्य प्रदेश की 19 वर्षीय युवती को नौकरी दिलाने का झांसा देकर लखनऊ ले जाने का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने 38 वर्षीय सैयद सलामत हुसैन उर्फ साहिल हुसैन को गिरफ्तार किया है।
घटना उस समय उजागर हुई जब ट्रेन में सफर के दौरान युवती ने अपने साथ छेड़खानी की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही रेलवे पुलिस सक्रिय हो गई और मामले की जांच शुरू की गई।
ट्रेन में सफर के दौरान हुई छेड़खानी
पुलिस के अनुसार युवती जबलपुर से चित्रकूट एक्सप्रेस के माध्यम से लखनऊ जा रही थी। वह ट्रेन के एम-1 कोच में सफर कर रही थी।
यात्रा के दौरान कोच के एक अटेंडेंट पर युवती ने गलत हरकत करने का आरोप लगाया।
युवती ने हिम्मत दिखाते हुए तुरंत इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से की। शिकायत मिलने के बाद जीआरपी मौके पर पहुंची और कोच में मौजूद यात्रियों से पूछताछ शुरू की। पुलिस ने युवती की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए मामले की गंभीरता से जांच प्रारंभ की।
साथ सफर कर रहे व्यक्ति पर गहराया शक
जांच के दौरान पुलिस की नजर युवती के साथ यात्रा कर रहे एक व्यक्ति पर गई, जिसकी पहचान सैयद सलामत हुसैन के रूप में हुई।
पूछताछ में उसने खुद को केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) का कमांडेंट बताया। हालांकि, जब पुलिस ने उसके दावों की पुष्टि की तो यह जानकारी पूरी तरह झूठी निकली।
इसके बाद पुलिस का शक और गहरा गया। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी स्पष्ट जवाब नहीं दे पाया, जिससे मामला संदिग्ध हो गया। पुलिस ने तत्काल उसे हिरासत में लेकर विस्तृत जांच शुरू कर दी।
सोशल मीडिया के जरिए बनाई नकली पहचान
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram पर फर्जी पहचान बना रखी थी।
उसने खुद को दूसरे धर्म का बताकर युवती से संपर्क किया और धीरे-धीरे दोस्ती बढ़ाई। बातचीत के दौरान उसने युवती को बेहतर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया।
बताया जा रहा है कि आरोपी ने युवती को सुनहरे भविष्य और रोजगार का लालच देकर अपने प्रभाव में लिया और उसे लखनऊ ले जाने की योजना बनाई। युवती को उसकी असलियत की जानकारी नहीं थी।
धर्मांतरण की आशंका और अन्य कनेक्शन की जांच
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई गई है कि आरोपी युवती को बलरामपुर ले जाने की तैयारी में था,
जहां कथित रूप से धर्मांतरण कराने की योजना हो सकती थी। हालांकि, इस संबंध में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और जांच जारी है।
जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि आरोपी पहले भी पीलीभीत की एक युवती को कथित रूप से झांसे में लेने की कोशिश कर चुका है।
पुलिस अब उसके पुराने रिकॉर्ड और संपर्कों की भी पड़ताल कर रही है।
संदिग्ध नेटवर्क की भी हो रही जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस संभावित नेटवर्क की जांच में जुट गई है। जांच में कुछ संदिग्ध लोगों और समूहों के साथ आरोपी के संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है।
इसके अलावा किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) से जुड़े एक डॉक्टर के साथ संभावित संपर्कों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और युवती को सुरक्षित उसके परिजनों के पास भेज दिया गया है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से सावधानीपूर्वक संपर्क करें।
नौकरी या अन्य लालच देने वाले व्यक्तियों की सच्चाई की जांच जरूर करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

