Wednesday, January 28, 2026

भारत में मोबाइल नंबर की लंबाई: भारत में मोबाइल नंबर हमेशा 10 डिजिट के ही क्यों होते हैं? जानिए इसके पीछे का पूरा साइंटिफिक और टेक्निकल कारण

भारत में मोबाइल नंबर की लंबाई: जब भी हम किसी को कॉल करते हैं, तो यह सुनिश्चित करते हैं कि नंबर पूरा 10 डिजिट का हो। अगर कोई एक अंक भी कम या ज़्यादा हुआ तो कॉल नहीं लगती।

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि भारत में हर मोबाइल नंबर 10 डिजिट का ही क्यों रखा गया है? इसके पीछे की वजह सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित तकनीकी और गणितीय सोच है।

भारत में मोबाइल नंबर की लंबाई: “NNP” यानी नेशनल नंबरिंग प्लान का रोल

भारत में मोबाइल नंबर की लंबाई: भारत में मोबाइल नंबरों की लंबाई और संरचना तय करने का काम NNP (National Numbering Plan) करती है।
साल 2003 से पहले भारत में 9 डिजिट के मोबाइल नंबर चलते थे, लेकिन जैसे-जैसे आबादी और टेलीकॉम यूज़र्स बढ़े, नए नंबरों की ज़रूरत भी बढ़ती गई।
इसीलिए TRAI (Telecom Regulatory Authority of India) ने मोबाइल नंबरों की लंबाई बढ़ाकर 10 डिजिट कर दी, ताकि करोड़ों नए यूज़र्स को यूनिक नंबर मिल सकें।

भारत में मोबाइल नंबर की लंबाई: सिर्फ 10 डिजिट क्यों रखे गए?

0 से 9 तक कुल 10 अंक होते हैं।
अगर किसी नंबर में केवल 1 डिजिट हो तो 10 अलग-अलग नंबर बनाए जा सकते हैं।
2 डिजिट हों तो 100, और 3 डिजिट हों तो 1,000 यूनिक नंबर संभव हैं।
लेकिन जब हम 10 डिजिट का उपयोग करते हैं, तो यह संख्या 10 अरब (1,000 करोड़) संभावित कॉम्बिनेशन तक पहुँच जाती है।
यानी भारत जैसे 140 करोड़ की आबादी वाले देश के लिए यह सबसे उपयुक्त सिस्टम है।

आबादी और तकनीक ने बढ़ाई नंबरों की मांग

भारत में मोबाइल नंबर की लंबाई: सिर्फ इंसान ही नहीं, आज सैकड़ों स्मार्ट डिवाइसेज़ जैसे स्मार्टवॉच, कार ट्रैकिंग सिस्टम, IoT गैजेट्स और मशीनें भी सिम कार्ड इस्तेमाल करती हैं।
अगर मोबाइल नंबर 9 डिजिट के ही रहते, तो इतनी बड़ी आबादी और टेक्नोलॉजी जरूरतों को पूरा करना असंभव हो जाता।
10 डिजिट वाला सिस्टम इस समस्या का समाधान बनकर आया और आज भी यही स्ट्रक्चर काम कर रहा है।

दूसरे देशों में कितने डिजिट के होते हैं मोबाइल नंबर?

हर देश अपनी जनसंख्या और जरूरत के अनुसार मोबाइल नंबरों की लंबाई तय करता है।
कुछ उदाहरण—

आइसलैंड: 7 डिजिट (क्योंकि आबादी बहुत कम, करीब 4 लाख)

हॉन्गकॉन्ग, सिंगापुर, मकाऊ, निकारागुआ, स्लोवेनिया: 8 डिजिट

अमेरिका और भारत जैसे बड़े देश: 10 डिजिट
छोटी आबादी वाले देशों में कम डिजिट भी पर्याप्त होते हैं, लेकिन विशाल आबादी वाले देशों में ज़्यादा डिजिट जरूरी हैं।

क्या भविष्य में 11 या 12 डिजिट के मोबाइल नंबर आ सकते हैं?

भारत में मोबाइल नंबर की लंबाई: अगर कभी ऐसा समय आया जब 10 डिजिट वाले सभी नंबर खत्म हो जाएं, तो भारत में 11 या 12 डिजिट के मोबाइल नंबर भी शुरू किए जा सकते हैं।
इससे नए अरबों कॉम्बिनेशन संभव होंगे और भविष्य में भी हर यूज़र को यूनिक नंबर मिल सकेगा।

10 डिजिट का मतलब सिर्फ एक नंबर नहीं, एक पहचान

हर बार जब आप किसी को कॉल करते हैं, तो वो 10 अंकों का नंबर सिर्फ एक संपर्क नहीं, बल्कि भारत की तकनीकी क्षमता और आबादी की गणना का परिणाम है।
इन 10 अंकों में बस एक कॉल का नहीं, बल्कि देश की डिजिटल पहचान का पूरा विज्ञान छिपा है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now
Karnika Pandey
Karnika Pandeyhttps://reportbharathindi.com/
“This is Karnika Pandey, a Senior Journalist with over 3 years of experience in the media industry. She covers politics, lifestyle, entertainment, and compelling life stories with clarity and depth. Known for sharp analysis and impactful storytelling, she brings credibility, balance, and a strong editorial voice to every piece she writes.”
- Advertisement -
- Advertisement -

Latest article