मजहबी ने किया हिंदू लड़की को किडनैप: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के चुनार क्षेत्र में एक युवती को बहला-फुसलाकर भगाने और जबरन धर्मांतरण कर निकाह कराने के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान सुहेल खान, करामत खान और नियामत खान के रूप में हुई है, जो मुहम्मदपुर गांव के निवासी बताए जा रहे हैं।
यह पूरी कार्रवाई युवती की माँ की शिकायत के बाद शुरू हुई, जिसमें बेटी को प्रेमजाल में फँसाकर ले जाने और मतांतरण कराने का गंभीर आरोप लगाया गया था।
युवती के अचानक लापता होने से मचा हड़कंप
परिवार के अनुसार 13 फरवरी 2026 की रात युवती अचानक घर से गायब हो गई।
परिजनों ने बताया कि वह अपने साथ सोने-चांदी के आभूषण और करीब 90 हजार रुपये से जुड़े दस्तावेज भी ले गई थी।
रातभर तलाश के बाद जब उसका कोई सुराग नहीं मिला तो परिवार ने 14 फरवरी को स्थानीय थाने में लिखित तहरीर दी।
पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी और युवती की तलाश के लिए टीम गठित की।
वाराणसी ले जाने का आरोप
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गांव का ही युवक सुहेल खान युवती के संपर्क में था और दोनों के बीच लगातार बातचीत हो रही थी।
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि युवक ने युवती को अपने प्रभाव में लेकर उसे वाराणसी ले गया।
मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने तलाश तेज की और 16 फरवरी को युवती को वाराणसी के रामापुरा इलाके से बरामद कर लिया।
मस्जिद में निकाह कराने का आरोप
बरामदगी के बाद युवती ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि 15 फरवरी को उसे एक मस्जिद में ले जाकर निकाह कराया गया।
इस बयान के बाद मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस ने आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान शुरू किया।
अधिकारियों के अनुसार घटना की परिस्थितियों और आरोपों की सच्चाई जानने के लिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
घेराबंदी कर तीनों आरोपी पकड़े गए
पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देश पर गठित टीम को 19 फरवरी को सूचना मिली कि तीनों आरोपित कैलहट अंडरपास के पास मौजूद हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की और तीनों को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में मुख्य आरोपी ने युवती से संबंध होने और निकाह कराने की बात स्वीकार की, हालांकि पुलिस का कहना है कि मामले की पूरी सच्चाई विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
किन धाराओं में दर्ज हुआ केस
पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ-साथ उत्तर प्रदेश धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
तीनों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निष्पक्ष जांच का आश्वासन
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि ऐसे मामलों में सभी पक्षों के बयान, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और तकनीकी प्रमाणों की गहन जांच की जाती है ताकि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सत्यता सुनिश्चित की जा सके।
प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और कानूनसम्मत तरीके से की जाएगी तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

