Monday, January 12, 2026

पश्चिम बंगाल में मिनी अयोध्या: मंदिर निर्माण के लिए बीजेपी की अनोखी पहल, जानें कब होगा मंदिर का शिलान्यास

पश्चिम बंगाल में मिनी अयोध्या: ये पोस्टर स्थानीय बीजेपी नेता और बिधाननगर यूनिट के पूर्व अध्यक्ष संजय पोयरा के नाम से जारी किए गए हैं।

शहर के मुख्य स्थानों जैसे सिटी सेंटर और करुणामयी पर लगे इन पोस्टरों में दावा किया गया है कि लगभग चार बीघा जमीन पर अयोध्या जैसा विशाल मंदिर बनाया जाएगा

हालांकि उन्होंने मंदिर के लिए प्रस्तावित जमीन की लोकेशन बताने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि फिलहाल जगह का खुलासा नहीं किया जा सकता, क्योंकि इससे अनावश्यक बाधाएं पैदा हो सकती हैं।

बीजेपी नेता ने दावा किया कि कई लोग पहले ही जमीन, निर्माण सामग्री और मूर्तियां दान देने की पेशकश कर चुके हैं।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि मंदिर का भूमिपूजन और शिलान्यास 26 मार्च, यानी रामनवमी के दिन किया जाएगा।

मंदिर परिसर में अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने का दावा

पोस्टरों में दावा किया गया है कि यह प्रस्तावित राम मंदिर सिर्फ पूजा स्थल नहीं रहेगा, बल्कि इसे एक समुदाय-सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

इसके अंतर्गत बच्चों के लिए शिक्षा केंद्र, गरीब और ज़रूरतमंदों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं, बुज़ुर्गों के रहने और देखभाल की व्यवस्था तथा महिलाओं के विकास से जुड़ी योजनाएँ शामिल की जाएंगी।

इससे स्पष्ट होता है कि परियोजना “भक्ति और जनसेवा” दोनों को जोड़ने वाली सोच को आगे बढ़ाने का दावा करती है।

पोयरा ने इसे ‘राम राज्य’ के विचार को मूर्त रूप देने वाला सामाजिक और आध्यात्मिक अभियान बताया है।

हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि इस परियोजना के लिए किसी सरकारी मंज़ूरी या भूमि का औपचारिक चयन अभी तक हुआ है या नहीं।

राम मंदिर को बताया जा रहा चुनावी रणनीति

यह प्रस्तावित राम मंदिर परियोजना सीधे-सीधे पश्चिम बंगाल के आगामी चुनावी माहौल से जुड़ी प्रतीत होती है और इसे राज्य में हिंदुत्व के मुद्दे को प्रमुखता से उभारने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

चुनाव से पहले इस तरह की पहलें अक्सर धार्मिक प्रतीकों और भावनात्मक संदेशों के माध्यम से मतदाताओं से जुड़ने की रणनीति का हिस्सा होती हैं।

बंगाल में पिछले कुछ समय से मंदिर-मस्जिद के मुद्दे को लेकर राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और बयानबाज़ी भी स्पष्ट रूप से सामने आ रही है।

राम मंदिर के लिए चंदा देने की अपील

बीजेपी नेता संजय पोयरा ने इसे राम राज्य की अवधारणा पर आधारित एक सामाजिक और आध्यात्मिक आंदोलन बताया।

उनका कहना है कि “राम के राज्य में राम का मंदिर अवश्य होना चाहिए। बिधाननगर में अयोध्या जैसा ही राम मंदिर बनेगा।”

इसके लिए उन्होंने लोगों से सिर्फ एक-एक रुपये का योगदान देने की अपील की। उनका कहना है कि “अगर लोग मंदिर के लिए एक रुपया भी दान करेंगे, तो हम उसे खुशी-खुशी स्वीकार करेंगे।”

टीएमसी के ‘बाबरी फाउंडेशन’ का जवाब

यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब हाल ही में 6 दिसंबर 2025, यानी बाबरी विध्वंस की बरसी के दिन, निलंबित टीएमसी विधायक हुमायूँ कबीर ने मुर्शिदाबाद के रेजिनगर में बाबरी की नींव रखी थी।

इसके जवाब में बीजेपी ने उसी दिन मुर्शिदाबाद में राम मंदिर के लिए भूमिपूजन किया था और ममता सरकार पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाया था।

नया राम मंदिर प्रोजेक्ट इस राजनीतिक खींचतान को और बढ़ा सकता है। हालांकि बिधाननगर सिविक अथॉरिटी ने अभी तक इस निर्माण के लिए किसी औपचारिक आवेदन की पुष्टि नहीं की है।

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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