मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच यमन के हूती विद्रोहियों ने इजरायल को निशाना बनाकर मिसाइल हमला किया, जिससे क्षेत्र में हलचल तेज हो गई।
इजरायली सेना के मुताबिक, दागी गई मिसाइल को हवा में ही निष्क्रिय कर दिया गया। इसके बावजूद देश ने अपनी सैन्य तैयारियों को और मजबूत करना शुरू कर दिया है, क्योंकि उसे कई दिशाओं से खतरा महसूस हो रहा है।
‘एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस’ और हूतियों की भूमिका
हूती विद्रोही ईरान समर्थित माने जाते हैं और ‘एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस’ नामक समूह का हिस्सा हैं। इस नेटवर्क में लेबनान, इराक और फिलिस्तीन के कई संगठन शामिल हैं। यमन में हूतियों का प्रभाव लंबे समय से बना हुआ है और वे राजधानी सना सहित बड़े इलाके पर नियंत्रण रखते हैं।
रेड सी में बढ़ सकता है खतरा
विशेषज्ञों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि हूती विद्रोही अब रेड सी में जहाजों को निशाना बना सकते हैं। यदि ऐसा हुआ, तो अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ेगा। पहले से ही खाड़ी क्षेत्र में तनाव के कारण बाजार अस्थिर है, और इस नए खतरे से स्थिति और बिगड़ सकती है।
बाब अल-मंडेब बना रणनीतिक चिंता का केंद्र
रेड सी का बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य वैश्विक व्यापार का अहम मार्ग है, जो स्वेज नहर से जुड़ता है। दुनिया का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। अगर यहां बाधा आती है, तो जहाजों को लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ेगा, जिससे लागत और समय दोनों बढ़ जाएंगे।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है असर
अगर रेड सी और आसपास के समुद्री मार्ग असुरक्षित होते हैं, तो इसका सीधा असर तेल की कीमतों और सप्लाई चेन पर पड़ेगा। खासतौर पर ऊर्जा आयात पर निर्भर देशों को इसका भारी खामियाजा उठाना पड़ सकता है।
पहले भी हो चुके हैं हमले
बीते वर्षों में हूती विद्रोहियों ने कई बार जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं, जिससे शिपिंग इंडस्ट्री को बड़ा नुकसान हुआ। मौजूदा हालात को देखते हुए एक बार फिर वही खतरा उभरता नजर आ रहा है।

