Wednesday, January 7, 2026

एक बार फिर दहला मणिपुर, एक साथ हुए दो धमाके

एक बार फिर दहला मणिपुर: मणिपुर में 3 मई 2023 से शुरू हुई हिंसा अब तक थम नहीं पाई है।

राज्य में लगातार बिगड़ते हालात के बीच हाल ही में आईईडी ब्लास्ट की घटना सामने आई, जिसने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

यह मणिपुर में हिंसा के दौरान पहली बार हुआ है जब आईईडी विस्फोट की पुष्टि हुई है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस हमले के पीछे कुकी उग्रवादी संगठनों का हाथ हो सकता है।

इस घटना के बाद पूरे राज्य में तनाव का माहौल है और आम लोगों में डर और गुस्सा दोनों देखने को मिल रहा है।

एक बार फिर दहला मणिपुर: स्टूडेंट्स यूनियन ने सड़कों पर किया प्रदर्शन

आईईडी ब्लास्ट के विरोध में इंडिजिनस पीपल ऑर्गनाइजेशन और ऑल मणिपुर स्टूडेंट्स यूनियन ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने राज्य में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

वहीं कई मैतेई संगठनों ने इस घटना के विरोध में सोमवार रात 12 बजे से पूरे मणिपुर में 24 घंटे के बंद का ऐलान किया है।

बंद के दौरान बाजार, स्कूल और कई जरूरी सेवाएं प्रभावित रहने की आशंका है। बंद के आह्वान से पहले ही राज्य के कई इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं।

मणिपुर में सेना लगातार कर रही काम

मणिपुर में शांति बहाल करने के लिए केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है। 31 मई से गृह मंत्रालय, राज्यपाल और सेना मिलकर हालात को काबू में करने की कोशिशों में जुटे हैं।

सेना और सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ-साथ संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाई गई है।

इसके बावजूद राज्य में हिंसा की घटनाएं रुक नहीं रही हैं, जिससे यह साफ होता है कि हालात अभी भी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं हैं।

खबरों के अनुसार पिछले ढाई साल से मणिपुर में सेना लगातार अपना काम कर रही है।

हथियारों की बरामदगी, उग्रवादी संगठनों से बातचीत, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और हिंसा से प्रभावित लोगों के पुनर्वास जैसे कई मोर्चों पर एक साथ काम किया जा रहा है।

कई इलाकों में अवैध हथियार बरामद किए गए हैं और सुरक्षा बलों ने कई सर्च ऑपरेशन भी चलाए हैं। इसके बावजूद हिंसा का पूरी तरह खत्म न होना चिंता का विषय बना हुआ है।

हिंसा ले चुकी है खतरनाक रूप

विशेषज्ञों का मानना है कि मणिपुर में मौजूदा हालात के लिए केवल सुरक्षा कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है।

राज्य में लंबे समय से राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई है और एक पूर्ण सरकार की जरूरत महसूस की जा रही है,

जो सभी समुदायों को साथ लेकर चल सके। बिना मजबूत राजनीतिक नेतृत्व के शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाना मुश्किल हो रहा है।

सबसे बड़ी चिंता का विषय मैतेई और कुकी समुदायों के बीच बढ़ती दुश्मनी है।

दोनों समुदायों के बीच भरोसा पूरी तरह टूट चुका है और इसे दोबारा कायम करने के लिए अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो पाई है।

आपसी संवाद की कमी और अविश्वास के कारण हिंसा बार-बार भड़क उठती है।

सामाजिक संगठनों और बुद्धिजीवियों का कहना है कि जब तक दोनों समुदायों के बीच सुलह और संवाद की प्रक्रिया शुरू नहीं होगी, तब तक स्थायी शांति संभव नहीं है।

कुल मिलाकर मणिपुर आज एक गंभीर संकट से गुजर रहा है। आईईडी ब्लास्ट जैसी घटनाएं यह दिखाती हैं कि हिंसा अब और खतरनाक रूप ले रही है।

शांति बहाली के लिए सुरक्षा, राजनीति और सामाजिक स्तर पर एक साथ गंभीर और ईमानदार प्रयास करने की जरूरत है, ताकि राज्य को फिर से सामान्य स्थिति की ओर ले जाया जा सकें।

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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