ममता बनर्जी का बड़ा हमला: पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर तीखी बयानबाज़ी के केंद्र में आ गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा हमला बोलते हुए उनकी तुलना महाभारत के किरदारों दुर्योधन और दुशासन से कर दी।
ममता का आरोप है कि एसआईआर (Special Intensive Revision) के नाम पर आम लोगों को डराया-धमकाया और परेशान किया जा रहा है।
दरअसल, मंगलवार (30 दिसंबर 2025) को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बांकुरा में एक कार्यक्रम के दौरान ममता सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस सरकार चुनावी फायदे के लिए बांग्लादेशी घुसपैठ को बढ़ावा दे रही है और 2026 के विधानसभा चुनाव इसी मुद्दे पर लड़े जाएंगे।
ममता बनर्जी का बड़ा हमला: “घुसपैठ सिर्फ बंगाल से ही क्यों?”
अमित शाह के आरोपों पर पलटवार करते हुए ममता बनर्जी ने सवाल उठाया कि अगर घुसपैठिए सिर्फ बंगाल से ही आते हैं, तो फिर देश के दूसरे हिस्सों में हुए आतंकी हमलों की जिम्मेदारी किसकी है। उन्होंने पहलगाम और दिल्ली की घटनाओं का ज़िक्र करते हुए कहा,
“अगर जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी नहीं हैं तो पहलगाम की घटना कैसे हुई? क्या ये हमले आपने करवाए थे?”
“शकुनी का चेला बंगाल आया है”
ममता बनर्जी का बड़ा हमला: ममता बनर्जी ने बीजेपी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि चुनाव नज़दीक आते ही “दुशासन और दुर्योधन” सामने आ जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि “शकुनी का चेला” जानकारी जुटाने और माहौल बिगाड़ने के लिए बंगाल आया है।
गौरतलब है कि पीएम मोदी 20 दिसंबर को बंगाल दौरे पर आए थे और अमित शाह फिलहाल 2026 चुनाव से पहले तीन दिन के राज्य दौरे पर हैं।
सीमा, ज़मीन और घुसपैठ का आरोप
गृह मंत्री अमित शाह ने यह भी कहा कि ममता सरकार ने बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए ज़मीन नहीं दी। इस पर सीएम ममता ने पलटकर जवाब दिया कि रेलवे की तमाम बड़ी परियोजनाएं राज्य द्वारा भूमि उपलब्ध कराए जाने के कारण ही पूरी हो सकीं। उन्होंने सवाल किया,
“अगर हमने ज़मीन नहीं दी, तो पेट्रापोल और अंडाल में ज़मीन किसने दी?”
एसआईआर पर गंभीर आरोप
ममता बनर्जी का बड़ा हमला: ममता बनर्जी ने एसआईआर को लेकर बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया एआई की मदद से किया जा रहा एक बड़ा घोटाला है। उनका दावा है कि एसआईआर के चलते अब तक करीब 60 लोगों की मौत हो चुकी है और बुजुर्गों को दस्तावेज़ सत्यापन के नाम पर परेशान किया जा रहा है।
सीएम ने चेतावनी दी कि यदि मतदाता सूची से एक भी वैध वोटर का नाम हटाया गया, तो तृणमूल कांग्रेस दिल्ली में निर्वाचन आयोग के कार्यालय का घेराव करेगी। ममता बनर्जी ने साफ कहा कि बंगाल के लोग इस तरह के “उत्पीड़न” को स्वीकार नहीं करेंगे और बीजेपी को सत्ता में आने से रोकेंगे।
कुल मिलाकर, 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सियासी पारा तेजी से चढ़ता दिख रहा है, जहां घुसपैठ, एसआईआर और सुरक्षा जैसे मुद्दे आने वाले दिनों में और भी ज्यादा टकराव का कारण बन सकते हैं।

