बीकानेर, 29 अगस्त 2025: राजस्थान के बीकानेर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां पवन पुरी, दक्षिण विस्तार योजना के निवासी महावीर जैन (38) ने कथित तौर पर अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना से तंग आकर कोलायत झील में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली।

महावीर ने अपनी मृत्यु से पहले एक सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी, सास, साले और अन्य रिश्तेदारों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस घटना ने स्थानीय समुदाय में हड़कंप मचा दिया है और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सुसाइड नोट में चौंकाने वाले खुलासे
महावीर जैन ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि उनकी पत्नी और ससुराल पक्ष के लोग लंबे समय से उन्हें मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे।
सुसाइड नोट के अनुसार, महावीर का विवाह 16 मई 2010 को हुआ था, लेकिन 2011 से ही उनकी पत्नी ने एस.के.आर.यू. कॉलेज जाना शुरू कर दिया और उनका व्यवहार बदल गया।
महावीर ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी को धनवान बनने की प्रबल इच्छा थी और वह अपने माता-पिता के साथ मिलकर उन पर दबाव बनाती थी।

सुसाइड नोट में महावीर ने अपनी सास मधुबाला जैन, साले विनायक जैन, ताऊ रत्न लाल जैन और नम्रता जैन का नाम लेते हुए कहा कि ये लोग उनके वैवाहिक जीवन में हस्तक्षेप करते थे और समय-समय पर उन्हें धमकियां देते थे।
उन्होंने लिखा, “मेरे साले विनायक जैन ने 2024 में नए मकान के लिए मुझसे 20 लाख रुपये की मांग की थी। मेरी पत्नी मुझे 2016 से अपने माता-पिता को छोड़ने के लिए दबाव डाल रही थी।”
पिता की मृत्यु के बाद बढ़ी प्रताड़ना
महावीर ने अपने सुसाइड नोट में बताया कि उनके पिता का निधन नवंबर 2024 में हुआ, जिसके बाद उनकी पत्नी का व्यवहार और अधिक आक्रामक हो गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी और ससुराल पक्ष के लोग उनके माता-पिता के मकान (6-अ-24, पवन पूरी) को बेचने के लिए दबाव डाल रहे थे।
सुसाइड नोट में लिखा है, “रत्न लाल जैन ने कहा कि मकान बेचकर पैसा ले लो। मुझे 1.5 करोड़ रुपये की मांग की गई और मेरा ज्योतिष का काम छोड़ने के लिए कहा गया।”
महावीर ने यह भी बताया कि 1 जुलाई 2025 को रत्न लाल जैन, रश्मी और नम्रता जैन उनके घर आए और उनकी मां को धमकाया। इस घटना की शिकायत उन्होंने पुलिस को लिखित रूप में दी थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
बच्चों से मिलने की अनुमति नहीं
सुसाइड नोट में महावीर ने अपने दो बच्चों का जिक्र करते हुए लिखा कि उनकी पत्नी ने बच्चों को अपने पास रख लिया और उन्हें उनसे मिलने नहीं दिया गया।
उन्होंने लिखा, “मैं अपने बच्चों से पिछले तीन महीनों से नहीं मिल पाया। मेरी पत्नी और ससुराल वालों ने अपने फोन बंद कर दिए थे।”
महावीर ने अपनी पत्नी पर तलाक की धमकी देकर भरण-पोषण (एलिमनी) की मांग करने का भी आरोप लगाया।
मानसिक और आर्थिक शोषण का आरोप
महावीर ने अपने सुसाइड नोट में यह भी उल्लेख किया कि वह एक साधारण व्यक्ति हैं और उन्होंने अपने बीमार पिता की 25 वर्ष तक सेवा की।
उन्होंने लिखा, “मेरी पत्नी दिन में 10 घंटे घर से बाहर रहती थी और उसे बहुत अधिक धन की चाह थी। वह अपने पीहर वालों के साथ मिलकर मेरे खिलाफ षड्यंत्र रचती थी।”
उन्होंने कहा कि ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा बार-बार गाली-गलौज, झगड़े और धमकियों ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया।
पुलिस ने शुरू की जांच
कोलायत पुलिस ने महावीर जैन की आत्महत्या के मामले में भारतीय दंड संहिता (बीएनएस) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर मधुबाला जैन, रत्न लाल जैन, विनायक जैन और नम्रता जैन के खिलाफ जांच शुरू की है।
पुलिस अधीक्षक (बीकानेर) ने बताया, “प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि महावीर जैन ने अपने सुसाइड नोट में कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
हम सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
सामाजिक चिंता का विषय
इस घटना ने बीकानेर में वैवाहिक विवादों और मानसिक प्रताड़ना के मुद्दों को फिर से चर्चा में ला दिया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि पुरुषों के खिलाफ होने वाली मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना को भी गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
समाज में पुरुष भी वैवाहिक प्रताड़ना का शिकार हो सकते हैं। इस तरह के मामलों में समय पर हस्तक्षेप और काउंसलिंग की जरूरत है।
परिवार और समाज में शोक की लहर
महावीर जैन की आत्महत्या ने उनके परिवार और पड़ोसियों को गहरे सदमे में डाल दिया है। उनके पड़ोसियों ने बताया कि महावीर एक शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और अपने परिवार की देखभाल में हमेशा तत्पर रहते थे।
इस घटना ने समाज में वैवाहिक रिश्तों में संवाद और समझ की कमी पर सवाल उठाए हैं। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच जारी है।
इस बीच, यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि वैवाहिक विवादों को समय रहते सुलझाना कितना जरूरी है, ताकि ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।